गुजरात में गहरी है छुआछूत की जड़ें
बतौर एक गणराज्य भारत अपने 60 साल पूरा कर चुका है, मगर गुजरात के गांवों में लोकतंत्र की जड़ों के मुकाबले छूआछूत की जड़ों का जाल कितना घना तना है- इसका खुलासा अहमदाबाद स्थित गैर सरकारी संस्था नवसर्जन और यूएस स्थित रोबर्ट एफ केनेडी सेंटर फार जस्टिस एण्ड ह्यूमन राईटस द्वारा किये गए एक सर्वेक्षण से होता है।
टीम इंडिया के मेनू में सरसों का साग
भारतीय क्रिकेट पूरी तरह से ब्रिटिश मानसिकता की उतरन है. न केवल खेल के लिहाज से बल्कि सोच के लिहाज से भी भारतीय क्रिकेट पर ब्रितानिया मानसिकता हावी रहती है. लेकिन नागपुर में शुरू हुए टेस्ट मैच के दौरान भारतीय क्रिकेट टीम में एक ऐसा बदलाव हुआ है जो देखने में तो छोटा है लेकिन है काबिले तारीफ.भाजपा की बैठक बनाम कोर्ट की अवमानना
लगता है भाजपा के नए निजाम नितिन गडकरी की ताजपोशी की घोषण महूर्त देखकर नहीं की गई थी। यही कारण है कि उनके अध्यक्ष बनते ही एक के बाद एक आघात प्रतिघात उन्हें सहने पडे। अब जबकि 17 से 19 फरवरी तक इन्दौर में चलने वाली भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में उनके अध्यक्ष बनने की घोषणा पर मुहर लगने वाली है तब बैठक के स्थल को लेकर ही सियासत गर्मा गई है।झूठ को स्वीकार्य नहीं है बिहार का सच
प्रदीप श्रीवास्तव की रपट 'झूठ की परतों में छिपा बिहार का सच' 23 जनवरी को जनसत्ता के मुख्य पृष्ठ पर प्रकाशित हुआ था। श्री श्रीवास्तव का मानना है कि बिहार आज भी बीमारु राज्य है। इस राज्य के विकास के सम्बंध में सीएसओ के द्वारा प्रस्तुत आंकड़ा महज नीतीश कुमार के आंकड़ों की बाजीगरी का पर्याय है, क्योंकि सीएसओ के द्वारा प्रस्तुत आंकड़ा बिहार सरकार का ही आंकड़ा है। कृषि और उद्योग में पिछड़ा हुआ राज्य 11 फीसदी के औसत विकास दर को कभी प्राप्त नहीं कर सकता है।वर्चुअल स्पेश के रीयल तानाशाह
अब वर्चुअल स्पेश का इस्तेमाल भी प्रायोजित तरीके से किया जाने लगा है। पिछले कुछ समय से मीडिया के इस आधुनिकतम तकनीक का इस्तेमाल भी निजी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए स्वहित तथा व्यक्ति विशेष को लाभ पहुँचाने के उदेश्य से किया जा रहा है। इसके ज्वलंत उदाहरण हैं - अविनाश (मोहल्ला लाइव) और यशवंत (भड़ास 4 मीडिया) की पत्रकारिता।अमर सिंह अच्छे, मुलायम अवसरवादी- कल्याण सिंह
अमर सिंह बहुत अच्छे इंसान हैं, राजनीतिक प्रबंधन का कौशल उनके टक्कर का किसी और नेता में नहीं है. उन्होंने मुलायम सिंह यादव की पार्टी को बहुत मजबूती दी और आय से अधिक संपत्ति के मामले में उनको अमर सिंह ने ही बचाया. अमर सिंह एक बहुत अच्छे नेता हैं और मैं उनका बहुत आदर करता हूँ .उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, कल्याण सिंह ने विस्फोट से एक विशेष बातचीत के दौरान यह बातें कहीं हैं.राहुल की राजनीति पर शरद पवार की कूटनीति
शरद पवार ने सब कबाड़ा कर दिया। राहुल गांधी मुंबई आकर सिर्फ चार घंटे में ही शिवसेना को उसकी औकात दिखा कर गए थे। पर, पवार ने राहुल गांधी के किए – कराए पर कीचड़ उड़ेल दिया। शिवसेना के मुखिया बाल ठाकरे की विरोध की धमकी की परवाह किए बिना राहुल गांधी सड़कों पर चले, लोकल ट्रेनों में घूमे और भीड़ में घुसकर लोगों से भी मिले। मगर बाल ठाकरे और उनकी शिवसेना राहुल गांधी का कुछ भी नहीं बिगाड़ पाई। राहुल गांधी के दौरे के बाद पूरी मुंबई के सामने यह साबित हो गया था कि शिवसेना के आतंक और उसके धमकीतंत्र की कोई बहुत बड़ी औकात नहीं है।प्रयाग से पटना के बीच बसे भारत की नयी सिलिकॉन वैली
विभोर श्रीवास्तव को फोन किया था. 24 साल के विभोर उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले से एक साप्ताहिक अखबार निकालते हैं- मिशन नौकरी. खुद मैनेजमेन्ट के छात्र रहे हैं और नौकरी नहीं मिली तो नौकरी दिलाने के अभियान पर निकल पड़े हैं. अखबार की सात हजार प्रति छापते हैं और जहां कभी भी नौकरी हो उसकी सूचना निशुल्क बांटते हैं.बिहार के विकास की कहानी, सुशील मोदी की जुबानी
सुशील मोदी बिहार के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री हैं. बिहार के जादुई विकास के आंकड़े के बारे में वे कहते हैं कि बिहार में उद्योग, शिक्षा और सेवाक्षेत्र ने मिलकर जो कमाल किया है उसी का परिणाम है कि बिहार ने विकास का जादुई आंकड़ा छू लिया है. बिहार के विकास की कहानी, सुशील मोदी की जुबानी.ऐसे कैसे मंहगाई को मारेंगे मनमोहन?
आखिरकार केन्द्र सरकार से नहीं रहा गया. देश में मंहगाई से त्राहि-त्राहि करती जनता के दुख दूर करने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय की पहल पर केन्द्रीय सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने दिल्ली में मुख्यमंत्रियों की एक बैठक बुला ही ली. चर्चा तो क्या हुई वह अंदरवाले जाने लेकिन बाहर जो खबरें आ रही हैं वह चौंकानेवाली हैं.दर्द से भरा दर्दपुरा
आतंकवाद की मार झेल चुके कुपवाड़ा जिले के दर्दपुरा को विधवाओं का गांव कहा जाता है, क्योंकि इस गांव में 200 से भी अधिक विधवा महिलाएं और करीब 400 यतीम बच्चे हैं। कश्मीर में जेहादी आतंकवाद की लड़ाई में दर्दपुरा के अधिकतर पुरुष आतंकवादियों की गोली के शिकार बन गए या फिर वे फौज की गोलियों से मारे गए।इतिहास की भयावह त्रासदी का शिकार हुआ हेती
उत्तरी अमेरिकी महाद्वीप के कैरेबियाई क्षेत्र के एक छोटे से देश हेती की राजधानी पोर्ट ऑफ प्रिंस गत 13 जनवरी की शाम 4 बजकर 53 मिनट पर उस समय प्रकृति की महाविनाश लीला का एक बहुत बड़ा केंद्र बन गई जबकि इस क्षेत्र को 7.3 क्षमता के भयानक भूकंप का सामना करना पड़ा। चीन में आए विश्व के अब तक के सबसे तीव्र एवं हानिकारक भूकंप के बाद हेती का यह भूकंप अब तक का दूसरा सबसे भयानक, तीव्र एवं सर्वाधिक क्षति पहुंचाने वाला भूकंप माना जा रहा है।फिर प्रकट हो गये पायलट बाबा
हजारों लोगों की गाढ़ी कमाई पर कुंडली मारकर बैठे कथित महायोगी पायलट बाबा आखिरकार प्रकट हो ही गए हैं। वही पायलट बाबा जो उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में आठ हजार लोगों को एक रुपये में कंप्यूटर शिक्षा के नाम से करीब 412 करोड़ 90 लाख रुपया बटोरकर गायब थे।यह चेन्या चेचेन्या का नहीं है
युवराज के मुंबई से विदा होने के बाद जरा इस चेन्या पर भी नजर डालिये जो चेचेन्या का नहीं बल्कि इसी मुंबई शहर का है. वाशीनाका झोपड़पट्टी के चेन्या ने 11 साल की उम्र में जो उपलब्धियां हासिल की है उसे देखकर लगता है कि वही इस शहर का असली युवराज है, लेकिन दुर्भाग्य से मीडिया के किसी खित्ते की नजर उस पर नहीं पड़ती. शिरीष खरे की रिपोर्ट-राजनीति की पहली पाठशाला में चाहिए आरक्षण
राजस्थान में छात्र संघ चुनावों पर रोक थी. अब आगामी शिक्षण सत्र से ये चुनाव आरम्भ हो जाऐगें. इसके लिए मुख्यमंत्री घोषणा पत्र के किये वायदे के अनुरूप मंजूरी दे दी है. राजनीति की पहली पाठशाला माने जाने वाले कालेज छात्रसंघों की क्लास अब फिर से शुरू होने जा रही है. लेकिन इसके फिर से शुरू होने से पहले ही छात्राओं ने अपने लिए आरक्षण की माँग करके राजनीति को फिर से गरमा दिया है.भारतीय पत्रकारिता के महात्मा गांधी
किसी को महात्मा गांधी कब कहना चाहिए यह जानने से पहले हमें यह जानना चाहिए कि महात्मा गांधी होने का अर्थ क्या है? मेरी समझ में समकालीन भारतीय संदर्भ में महात्मा गांधी का अर्थ वह सागर है जिसमें सभी धाराएं आकर समाहित हो जाती हैं. इसी अर्थ में प्रभाष जोशी हिन्दी पत्रकारिता के महात्मा गांधी हैं.कामगार मुले पाहिजे
नागपुर के विभिन्न चौक-चौराहों पर गुजरते वक्त दीवारों पर कामगार मुले पाहिजे और उसके नीचे दो मोबइल नंबर लिखा नजर आता है। इस विज्ञापन को गौर से पढऩे वाले शायद सोचते हो कि बच्चे सस्ते मजदूर होते हैं, इसलिए उनके ही रोजगार के लिए यह विज्ञापन होगा। पर इस विज्ञापन को को पढ़कर इसके पीछे के सामाजिक उद्देश्य के बारे में कोई नहीं जानता है।visfot news network
पत्रकारिता छोड़ मीडिया अकादमी बनाएंगे पत्रकार
दैनिक भास्कर चण्डीगढ़ के दो पत्रकारों ने इस्तीफा दे दिया है. दोनो ही पत्रकार दैनिक भास्कर के ही डिप्टी एडीटर की मदद से मीडिया अकादमी शुरू करने के बारे में सोच रहे हैं और साथ में न्यूज एजंसी भी चलाना चाहते हैं. ...
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी ने किया युसुफ अंसारी का सम्मान
मीडिया जगत में मुसलमानों की संख्या बेहद कम है और उसमें भी पश्मांदा (पिछड़े) मुसलमान तो नाममात्र के हैं. ऐसे में इसी वर्ग से मीडिया जगत में प्रवेश करके नाम कमानेवाले युसुफ अंसारी की प्रगति सबको आकर्षित करती है. युसुफ अंसारी हाल में ही एक समाचार चैनल चैनल वन के मैनेजिंग एडिटर नियुक्त हुए हैं जिसके उपलक्ष्य में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी ने उनका सम्मान किया है. ...
गांवों को सीधे मिले बजट का सात प्रतिशत- गोविन्दाचार्य
राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन के अध्यक्ष गोविन्दाचार्य का कहना है कि वर्तमान बजट में ग्राम पंचायतों को बजट का सीधे सात प्रतिशत दिया जाए. उन्होंने यह मांग दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित एक सभा में यह मांग की. ...
नौकरी मांगने की बजाय निर्माण करें मराठी माणुस : मनोहर जोशी
नागपुर। मराठी लोगों को नौकरी मांगने की बजाय नौकरी निर्माण करनी चाहिए। मराठी आदमी व्यापार उद्योग में सामने आए और सिर्फ पैसा कमाने का उद्देश्य उसके सामने हो और इसी उद्देश्य को सामने रखकर 24 घंटे मेहनत करे। यह आह्वान शिवसेना के वरिष्ठ नेता मनोहर जोशी ने किया है। वे नागपुर के हिंगणना स्थित जे.एम.सी.सी.आई.के सत्कार समारोह में बोल रहे थे।...
पत्रकार को नक्सली बताकर किया गिरफ्तार
इलाहाबाद पुलिस ने शनिवार को जिन सीमा आजाद को नक्सली बताकर इलाहाबाद स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया था, उनके बारे में अब मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे पत्रकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं और पुलिस जानबूझकर उन्हें परेशान कर रही है क्योंकि वे स्थानीय माफियाओं के खिलाफ लगातार अपनी आवाज बुलंद कर रही थीं....
शिबू सोरेन के सलाहकार पद पर हिमांशु चौधरी की नियुक्ति
झारखण्ड मुक्ति मोर्चा में शिबू सोरेन के चाणक्य कहे जानेवाले िहमांशु शेखर चौधरी को मुख्यमंत्री सोरेन ने अपना सलाहकार नियुक्त किया है. उनकी नियुक्ति संबंधी शासनादेश गुरुवार को जारी कर दिया गया है. वे मुख्यमंत्री कार्यालय में बतौर सलाहकार काम करेंगे....
मनसे ने माना कि मन से नहीं किया विरोध
राहुल गांधी के मुंबई दौरे पर जितना बवाल होना था हुआ. शिवसेना और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना दोनों ने कहा था कि वे राहुल गांधी के मुंबई दौरे का विरोध करेंगे. लेकिन प्रशासन की सतर्कता से जब लोकल ट्रेन में चलने के बाद भी विरोध फीका पड़ गया तो सबसे पहले मनसे ने विरोध करनेवालों में से अपना नाम वापस ले लिया है....
भाई ने कहा अमर सिंह बनाएंगे अपनी पार्टी, लेकिन अमर सिंह ने किया खण्डन
नई दिल्ली। अमर सिंह अपनी पार्टी बनाने जा रहे हैं. अमर सिंह के भाई अरविन्द सिंह ने कहा है कि अमर सिंह 25 फरवरी से पहले अपनी राजनीतिक पार्टी का ऐलान कर देंगे....
हर आधे घण्टे में एक किसान करता है आत्महत्या
राष्ट्रीय अपराध लेखा ब्यूरो की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 1997 से अबतक कुल 1,99,132 किसानों ने आत्महत्याएं की हैं। जबकि 2008 में 16,196 किसानों ने आत्महत्याएं की हैं। किसान आत्महत्या के मामले में महाराष्ट्र का नाम सबसे पहले आता है....
अपनी अलग प्रेस काउंसिल बनाएगी महाराष्ट्र सरकार
महाराष्ट्र में शिवसेना और मनसे भले ही उत्तर भारतीयों के पीछे पड़े लेकिन खुद महाराष्ट्र सरकार प्रेस काउंसिल के पीछे पड़ी है. हाल में ही प्रेस काउंसिल द्वारा गठित एक कमेटी को टका सा जवाब देकर वापस कर देनेवाली महाराष्ट्र सरकार ने अब राज्य स्तर पर अपनी अलग प्रेस काउंसिल बनाने का फैसला किया है. ...
ग्लोबल वार्मिंग से दुनिया को बचाने के लिए रचा गया इतिहास
नागपुर। मंगलवार 2 फरवरी का दिन संतरानगरी के लिए ऐतिहासिक गवाह का दिन बन गया। इतिहास रचने का यह कार्य हुआ है, ग्लोबल वार्मिंग से दुनिया को बचाने के नाम पर। धंतोली स्थित यशवंत स्टेडिम में सुबह 9 बजे से शुरू हुआ म्यूजिकल चेयर शो संभवत: दुनिया का अपने प्रकार का अब तक का सबसे बड़ा कार्यक्रम रहा।...
सरकारी खर्चे पर ऐश करते हैं पचौरी, सरकार ने शुरू की निगरानी
नोबेल विजेता वैज्ञानिक आरके पचौरी पर एक के बाद एक उठते सवालों के बीच जागी सरकार ने अब आईपीसीसी मुखिया से किनारा करना शुरू कर दिया है। जलवायु परिवर्तन पर प्रधानमंत्री के विशेष सलाहकार पैनल और इसी विषय पर पर्यावरण मंत्रालय की विशेषज्ञ समिति के सदस्य पचौरी पर सरकारी खाते से हो रहे खर्च पर निगरानी भी शुरू कर दी गई है।...
सरकारें पहले से अधिक उदासीन, काहिल और भ्रष्ट- प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नौकरशाहों को आगाह किया कि जनता की आकांक्षाए बढ़ गई हैं और सरकार में व्याप्त उदासीनता, काहिली और भ्रष्टाचार से वह बेहद क्रुध है। विधायिका, न्यायपालिका और मीडिया सहित सभी ओर से जवाबदेही का कोलाहल उठ रहा है। प्रधानमंत्री सोमवार को नई दिल्ली में मुख्य सचिवों के दो दिवसीय वार्षिक सम्मेलन में बोल रहे थे।...
बिहार पहुंचकर गुजरात बदलने लगे राहुल गांधी
राहुल गांधी कांग्रेस द्वारा प्रायोजित दो दिन के बिहार दौरे पर सोमवार को बिहार पहुंचे. मुजफ्फरपुर और दरभंगा में उनके कार्यक्रम हुए. लेिकन ऐसा शायद पहली बार हुआ कि उनकी किसी सभा में जमकर हुड़दंग हुआ. ऐसा हुआ राहुल गांधी के एक गलत वाक्य के कारण....
ग्राम पंचायतों को सीधे मिले केन्द्रीय बजट का सात प्रतिशत
राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन के संयोजक और भारतीय जनता पार्टी के पूर्व संगठन महामंत्री गोविन्दाचार्य ने कहा है कि केन्द्रीय बजट का सात प्रतिशत सीधे ग्राम पंचायतों को मिलना चाहिए. गोविन्दाचार्य का मानना है कि इससे विकेन्द्रित और संतुलित विकास करने में मदद मिलेगी....
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गुजरात में गहरी है छुआछूत की जड़ें
बतौर एक गणराज्य भारत अपने 60 साल पूरा कर चुका है, मगर गुजरात के गांवों में लोकतंत्र की जड़ों के मुकाबले छूआछूत की जड़ों का जाल कितना घना तना है- इसका खुलासा अहमदाबाद स्थित गैर सरकारी संस्था नवसर्जन और यूएस स्थित रोबर्ट एफ केनेडी सेंटर फार जस्टिस एण्ड ह्यूमन राईटस द्वारा किये गए एक सर्वेक्षण से होता है।...Log in
- हिन्दू आतंकवाद का अतिवाद
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Nice job.
2nd vote to you.
गुजरात में अनुसचित जनजातियां- 7 प्रतिशत, अनुसूचित जनजातियां- 15 प्रतिशत, मुसलमान- 11 प्रतिशत, पिछड़े 52 प्रतिशत हैं। एक तरफ आबादी का इतना बड़ा हिस्सा है ...
KS आप सही कहते हैं. यही नहीं 1997 से लेकर 2005 तक के आठ बरसों में गुजरात में विदेशी निवेश अन्य राज्यों की तुलना में ...
यह हकीकत है कि पिछले तीन बरसों में गुजरात में दलितों और महिलाओं के खिलाफ हिंसक वारदात में बढ़ोतरी हुई है।
आपने प्रधान मंत्री कि टिप्पणी का जिक्र किया.क्या मनमोहनजी नहीं जानते कि योजनाओं का मात्र १०% ही आम आदमी तक पहुँचता है बाकी ९०% नेता-अफसर ...
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