visfot news network
शुभकरमन? ते कबहुं न टरूं
अब हमारे पीएम को ही देखिए. उनका चेहरा एकदम भावहीन होता है. न दुख का भाव. न सुख का भाव. माधो की मूरत लगते हैं. इस देश की दुखभरी सूरत लगते हैं. पता ही नहीं चलता कि वे किसी गलतफहमी में हैं या फिर किसी खुशफहमी में. नपा-तुला हंसते हैं. नपा-तुला मुस्कुराते हैं. हां, अंगुलियों को दो फाड़ करके विक्टरी की साईन जरूर बनाते हैं. आप भले ही अमरनाथ की राजनीति करतें हो वे सीधे शिव से वर मांग लेते हैं-
रिश्वत की सीडी भाजपा की मुसीबत
भाजपा सूत्रों का कहना है कि जब लालकृष्ण आडवाणी को पता चला कि तीन सांसदों को पैसे देकर खरीदने की कोशिश हो रही है तो उन्होंने वैंकेया नायडू से इसका स्टिंग आपरेशन करवाने के लिए कहा. लेकिन बाद में इसकी जिम्मेदारी महासचिव अरुण जेटली को सौंप दी गयी. बात यहीं से गड़बड़ हो गयी है. पार्टी के एक वर्ग का कहना है कि यह काम पार्टी में पूरी तरह से समर्पित लोगों को मिलना चाहिए था. ...यह समय...
यह सरल जीवन के जटिल हो जाने का समय है. यह समय आंसुओं के सूख जाने का समय है। यह समय पड़ोसी से रूठ जाने का समय है। यह समय परमाणु बम बनाने का समय है। यह समय हिरोशिमा और नागासाकी रचने का समय है। यह समय गांधी को भूल जाने का समय है। यह समय राम को भी भूल जाने का समय है। यह समय उन प्रतीकों से मुंह मोड़ लेने का समय है, जो हमें हमारी जड़ों से जोड़ते हैं। ...ट्रेनी पत्रकार और 'लो-ग्रेड' पत्रकारिता
बेतिया (बिहार) के एक सज्जन ने बताया - 'इस शहर में पत्रकारों की कीमत है ३ की पकौडी २ की चाय और 10 रूपया नकद.' फिर भी बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में अखबार में बेगारी कराने वालों की भीड़ है. अच्छी ख़बर उत्तराँचल से. पत्रकार प्रदीप बहुगुणा कहते हैं, 'यहाँ पत्रकारों को उचित पारिश्रमिक मिल रहा है. चूंकि पहाड़ का आदमी बेगार करने को तैयार नहीं है....परमाणु करार करो बेकार
नॉम चामस्की अपने स्वतंत्र विचारों के लिए चर्चित हैं. अपने इस लेख में वे परमाणु करार को खारिज करने की वकालत कर रहे हैं. हालांकि परमाणु करार को लेकर उनकी चिंताएं अलग और सामंतवादी हैं....अधर्म का डेरा झूठा सौदा
डेरा सच्चा सौदा के लाखों भक्त उन्हें इंसान के ऊपर भगवान मानते हैं. ऐसे भगवान के दरबार हरियाणा के सिरसा में अक्सर पत्रकारों को बुलाया जाता है. पत्रकारों को वहां की गतिविधियों से अवगत कराया जाता है. हालांकि उन्हें बाहर के पत्रकारों की कोई खास जरूरत नहीं होती कि कौन उनके बारे में क्या लिख रहा है....अमर, अर्गल और अनर्गल
अमर सिंह का वह खेल सार्वजनिक हो गया जिसके लिए कांग्रेस ने उन्हें अपने कंधों पर बैठाया था. सूत्रों की मानें तो 21 जुलाई की रात में सपा नेता रेवती रमण सिंह ने भाजपा सांसद अशोक कुमार अर्गल को फोन किया. ...सूचना न देने का अधिकार
प्राईस वाटरहाऊस कूपर्स एक रिपोर्ट तैयार कर रही है. रिपोर्ट का केन्द्रीय विषय है कि सूचना के अधिकार के "दुरूपयोग" को कैसे रोका जाए. देशभर में सूचना के अधिकार का उपयोग करके ...गंगा को खोकर रोशन होने की चाह
यह दुर्भाग्य नहीं तो और क्या है कि लोग भागीरथी के जल को निर्जीव साधन मानकर उसके उपयोग की तकनीकी खोज में लगे हुऐ हैं।गंगा के ऐतिहासिक महत्व को देखें ...गांधीवाद के हत्यारे
महात्मा गांधी की हत्या का आरोप संघ परिवार पर है. लेकिन आजादी के बाद नेहरू का नेतृत्व पाकर साम्यवादियो ने गांधीवाद की हत्या कर दी....10 रूपये के शपथपत्र पर पत्रकारिता गिरवी
अमर उजाला में पत्रकारों से एक शपथपत्र भरवाया जा रहा है जिसमें पत्रकारों से यह कानूनी वचन लिया जा रहा है कि वे पत्रकार तो हैं ही नहीं यह काम तो वे शौकिया तौर पर कर रहे हैं....प्रिंट मीडिया में एफडीआई, हां या ना?
मिंट ने विभिन्न अखबार / मीडिया मालिकों से मीडिया में एफडीआई के मुद्दे पर बात की है. हम उसी आधार पर एक रिपोर्ट यहां दे रहे हैं....हे हिन्दुस्तान, कुछ तो............करो
हिन्दुस्तान कोई छोटा-मोटा अखबार नहीं है. एचटीमीडिया समूह का प्रतिनिधि हिन्दी अखबार और मृणाल पाण्डेय जैसी सक्षम संपादक के नेतृत्व में निकलता है....बालटाल की खाल
श्री अमरनाथ श्राईन बोर्ड को दी गयी जमीन वापस मिल गयी है.क्या अब वन विभाग की उन जमीनों को भी वापस लिया जाएगा जो खैरात के भाव में बांटी गयी हैं?...Author info
visfot news network
विस्फोट.कॉम इंटरनेट पर नये दौर की पत्रकारिता में परंपरागत मूल्यों को स्थापित करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है, जो कि पूरी तरह से जनकेन्द्रित, वास्तविक और निहित स्वार्थी तत्वों के प्रभाव से मुक्त है. हमारा संपर्क है visfot@visfot.com
