अखिलेश अखिल
लकवाग्रस्त, लाचार और बेबस झारखण्ड
आप कह सकते हैं कि जनता सब जानती है. झारखण्ड की असलियत के बारे में संताल के इस 65 वर्षीय आदिवासी का बयान तो सुनिए- "झरखण्डवा पर कोनो संकट नही आया है। संकट तो नेताओं के कुरसिया पर आइल है। हम लोगो के पेट में दरिदर नही घुसल है। नेता लोग ही कुर्सी ला छिछियाइल फिर रहल है। हमरी गंजी के छेद मत गिनिए,नेता लोग जाके इ गिने की उनके केतना सिटवा पर सेंध लगने वाला है । अपना घर और स्टेट संभलता नही ,चलें है झारखंड बनाने। सार सब चोरे है।"
पैसा दीजिए तबे कभर होइएगा ...
मधु कोड़ा प्रकरण सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में कोई भूचाल आ गया हो, ऐसी बात नही है । लेकिन मीडिया में भूचाल साफ दिख रहा है । एक तरफ पूरा देश कोड़ा के दंश से आहत है लेकिन राज्य का मीडिया कोड़ा के चुनावी प्रचार को महिमामंडित करने में लगा हुआ है। लोकतंत्र में मीडिया की इस भूमिका को देखकर यहां के आम लोग हतप्रभ है। पैसे की भूख ने हमे इतना नीचे गिरा दिया है कि लोगों ने भ्रष्ट नेताओं के साथ हम पत्रकारों को भी एक ही श्रेणी में खड़ा कर दिया है । फिर लोग विश्वास किस पर करे, यह बड़ा सवाल खड़ा है ।...Author info
