अनिल रघुराज
हिन्दी समाज में ज्ञान का घाटा
आप मानें या न मानें, हमारे पूरे हिंदी समाज में ज्ञान का डेफिसिट, ज्ञान का घाटा पैदा हो गया है। सरकार घाटे को उधार लेकर पूरा करती है। लेकिन ज्ञान का घाटा केवल उधार लेकर पूरा नहीं किया जा सकता। उधार के ज्ञान से प्रेरणा भर ली जा सकती है। उसका पुनर्सृजन तो अपने ही समाज और अपनी ही मिट्टी व भावभूमि से करना पड़ता है। हिंदी में लोगबाग कविताएं ठोंक कर लिखते हैं लेकिन जहां गद्य लिखना होता है तो भाई लोगों के पांव कांपने लगते हैं।
आईपीएल में कैसे और कहां से बरस रहा है पैसा?
कभी सोचा है आपने कि आखिर आठ-दस टीमों के खेलने-खिलाने से आईपीएल में कैसे और कहां से ऐसा पैसा बरस रहा है? आखिर क्यों तमाम घृणित किस्म की राजनीतिक जोड़तोड़ से, जाने कहां-कहां से करोड़ों जुगाड़कर बड़े-बड़े दिग्गज इस पर दांव लगा रहे हैं? ...बजट में किसान और कृषक अलग अलग क्यों हैं दद्दू?
वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने अपने बजट भाषण के अंत में कहा है कि यह बजट आम आदमी का है। यह किसानों, कृषकों, उद्यमियों और निवेशकों का है। इसमें बाकी सब तो ठीक है, लेकिन किसान और कृषक का फर्क समझ में नहीं आया। असल में वित्त मंत्री ने अपने मूल अंग्रेजी भाषण में फार्मर और एग्रीकल्चरिस्ट शब्द का इस्तेमाल किया है।...बजट में करदाताओं को मिला उम्मीद से बढ़कर
जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी, वित्त मंत्री ने बजट 2010-11 में वह काम कर दिखाया। सभी को यही लग रहा था कि क्योंकि प्रत्यक्ष कर संहिता (डायरेक्ट टैक्स कोड) लागू होनी है, इसलिए शायद प्रणब मुखर्जी इस बार व्यक्तिगत आयकर की दरों या स्लैब में कोई तब्दीली नहीं करेंगे।...बजट तो लॉबीइंग का खेल होता है बंधुवर!
जैसा अपना या अपने घर का बजट होता है वैसा ही देश के बजट को समझते हैं। जिसे हम देश का बजट मानते हैं वह बहुत हद तक सरकार का बजट होता है। लेकिन इससे भी ज्यादा जानने लायक बात यह है कि बजट बनाने के दौरान लॉबीइंग का खेल चलता है, जिसमें ताकतवर समूह अपना अपना हित सुनिश्चित करते हैं। ये समूह देश के भी हो सकते हैं और विदेशी भी।...निजीकरण को दीदी की हरी झंडी
भविष्य में साल 2010 के रेलवे बजट को निजीकरण के लिए दरवाजा खोलने वाला बजट माना जाएगा. पहली बार द्रुत गति परियोजनाओं के लिए एक टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की गयी है जो भारी भरकम निवेश वाली रेल परियोजनाओं के लिए पथ प्रदर्शक का काम करेगी. रेल मंत्री ने अपने भाषण में भले ही निजीकरण न करने की बात कही हो लेकिन निजीकरण के सारे शुरुआती उपाय उन्होंने कर दिये हैं....लंबे सफर पर ममता की दौड़
नए रेल बजट का पूरा सच तो ममता बनर्जी के भाषण और अन्य दस्तावेज मिलने के बाद ही पता चल पाएगा। लेकिन पहली नजर में यही लगता है कि मंत्री महोदया ने इंफ्रास्ट्रकर को बढ़ाने पर पूरा ध्यान दिया है।...अप्रैल से बचत खाते पर रोजाना ब्याज
नए वित्त वर्ष 2010-11 के पहले दिन यानी 1 अप्रैल 2010 से देश के करीब 62 करोड़ बचत खाताधारकों के लिए एक नई शुरुआत होने जा रही है। इस दिन से उन्हें अपने बचत खाते में जमा राशि पर हर दिन के हिसाब से ब्याज मिलेगा। ब्याज की दर तो 3.5 फीसदी ही रहेगी। लेकिन नई गणना से उनकी ब्याज आय पर काफी फर्क पड़ेगा।...और वही नयी हिन्दी होगी
करीब दो महीने हो गए। जानेमाने आर्थिक अखबार इकोनॉमिक टाइम्स के संपादकीय पेज पर 19 नवंबर को टी के अरुण ने एक लेख लिखा था जिसका शीर्षक था - Hindi an endangered language? इसके प्रमुख अंश मैं पेश कर रहा हूं ताकि हम सभी इन मुद्दों पर सार्थक रूप से सोच सकें।...डिजिटल मीडिया में विज्ञापन की मांग बढ़ रही है- लिन डिसूजा
देश की तीन सबसे बड़ी विज्ञापन एजेंसियों में शुमार है लिंटास मीडिया ग्रुप (एलएमजी) और इसकी चेयरमैन व सीईओ हैं लिन डिसूजा। लिन देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की 50 सबसे प्रभावशाली हस्तियों में गिनी जाती हैं। उनका मानना है कि विज्ञापनदाताओं के लिए डिजिटल माध्यम काफी तेजी से उभर रहा है। लिन डिसूजा से बातचीत के चुनिंदा अंश। ...Author info
