आशीष कुमार
कोसी का घर कांधे पर और मुसीबत सिर पर
दो महीने से भी कम में मानसून पुन: आ जाएगा। बिहार में पिछले मानसून में कोसी नदी में आई बाढ़ की क्षतिपूर्ति अभी तक नहीं हो पाई है। आज भी बाढ़ पीड़ितों को एक वर्ग राहत शिविरों एवं खुले आसमान के नीचे रहने को अभिशप्त है। कोसी क्षेत्र में एक कहावत प्रसिध्द है- 'कोसी का घर कांधे पर।' अर्थात् बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले यायावरों सी जिन्दगी जीने को विवश हैं। इस साल वे जहां रह रहे हैं, जरूरी नहीं कि अगले साल भी वे उसी जगह मिले।
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