बालेन्दु दाधीच
कोपेनहेगन में क्या हुआ?...कुछ खास नहीं!
भले ही विकासशील देशों और कई पश्चिमी देशों की मांग के विपरीत इसमें कार्बन उत्सर्जन घटाने की किसी विस्तृत समय-सारिणी की व्यवस्था नहीं है इसकी बदौलत कोपेनहेगन शिखर सम्मेलन का समापन उस किस्म की नाकामी में नहीं हुआ जिसकी आशंका थी। वहां से लौटते नेताओं के हाथ में जो दस्तावेज है वह भविष्य का प्रतीकात्मक और अबाध्यकारी दस्तावेज है।
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