सिरिल गुप्ता
जागोरे.कॉम - डाटा डकारने का महाघोटाला
टीवी पर आनेवाले विज्ञापन में वह नौजवान चाय पिलाकर लोगों को जगाता है. अच्छे-भले जीते जागते लोगों को सोता हुआ साबित करके वह मजबूर करता है कि अगर आप इलेक्शन के दिन वोट नहीं कर रहे हो तो आप सो रहे हो. कमाल की बात है. लोकतंत्रिक प्रक्रिया में किसी बड़ी कंपनी का इससे बढ़िया योगदान और क्या हो सकता है? लेकिन रूकिये. टाटा की इस दरियादिली और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने की नीयत को समझने से पहले कुछ बातें और जान लीजिए.
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