दिनेश शाक्य
राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाओ
काग्रेंस के युवराज राहुल गांघी एक ना एक दिन देश के प्रधानमंत्री जरूर बनेगें, इस बात का काग्रेंसियों को भरोसा ही नहीं बल्कि पूरा यकीन है,और देशवासी भी इस बात को भली बात जान चुके है,तभी राहुल गांधी के दादा दादी के उम्र के नेता उनका गुणगान करने में लगे हुये है,आज हालात कितने बदतर हो गये है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में उनके बुर्जुगबार की भांति के लोग भी उनके सही तो सही गलत को भी सही करार देने में जुटे हुये है.
मुलायम सिंह का मत: सपा पर ग्रहण लग गया है
कांग्रेसी युवराज राहुल गांघी के बढते कद से जितना ज्यादा खतरा उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती को खतरा नजर आ रहा है उससे कहीं अघिक खतरा दिख रहा है समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव को। इस बात का खुलासा किसी और ने नहीं बल्कि खुद बा खुद मुलायम सिंह यादव ने किया हैं. मुलायम सिंह मानने लगे हैं कि समाजवादी पार्टी पर सूर्यग्रहण का साया पड़ गया है....चुनाव हुए महाराष्ट्र में असर हुआ उत्तर प्रदेश में
समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव के लिए यह राहत की बात हो सकती है कि उनकी पार्टी ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में 1995 वाली सफलता दोहराते हुए चार सीटें जीत ली हैं,भले ही इससे कोई फायदा होता दिखे या ना दिखे लेकिन उन्हे तसल्ली इस बात से है कि बहुजन समाज पार्टी को एक भी सीट हासिल नहीं हो सकी है।...राहुल गांधी के दलित प्रेम का विरोध
देश भर के राजनेताओं को राहुल गांघी का दलित प्रेम किसी भी सूरत में रास नहीं नहीं आ रहा है, सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के बाद अब भाजपाई भी राहुल गांघी के दलित प्रेम पर बिफरने लगे हैं. अब भाजपा के बडे नेताओ के मुकाबले हर स्तर के नेता राहुल पर बरसने लगे है....घर में कैद होकर रह गया समाजवाद
हमेशा काग्रेंस के परिवारवाद को लेकर कोसने वाले समाजवादी मुलायम सिंह यादव कितने बडे समाजवादी हैं,इसका अंदाजा इसी बात से लगा सकते है कि राजनीति की लंबी पारी खेल कर देश दुनिया की राजनीत में अपना सिक्का जमा चुके मुलायम सिंह यादव खुद किसी बड़े परिवारवादी से कम नहीं हैं। इसका सबसे ताजा और प्रत्यक्ष प्रमाण उत्तर प्रदेश की फिरोजाबाद सीट के लोकसभा चुनाव के लिये देखने को मिल रहा है। इस सीट से समाजवादी पार्टी की ओर से खुद मुलायम सिंह यादव ने अपने बेटे अखिलेश यादव की पत्नी श्रीमती डिम्पल यादव के नाम का ऐलान कर परिवारवाद का जीता-जागता नजारा दिखाकर एक नया जन्म दिया....राहुल गांधी का काम महात्मा गांधी के समान
नये नये कांग्रेसी बने राज बब्बर का कहना है कि दलित बस्तियों की ओर राहुल के रुख की आलोचना करना गलत है. राज बब्बर कहते हैं कि राहुल गांधी का दलित बस्तियों में जाना ठीक उसी प्रकार का कार्य है जैसे महात्मा गांधी करते थे. उन्होंने राहुल गांधी के प्रयास को महात्मा गांधी के काम के समान बताया है....घोर संकट में है राष्ट्रीय जलचर डाल्फिन
गंगा प्राधिकरण की पहली बैठक में जो महत्वपूर्ण निर्णय हुआ वह यह कि गंगा में निवास करनेवाली डॉल्फिन को राष्ट्रीय जलचर घोषित कर दिया गया. बाघ और मोर के बाद डाल्फिन को राष्ट्रीय महत्व का दर्जा दिया जाना डाल्फिन को उसकी गरिमा तो दिलाता है लेकिन हकीकत यह है कि देश के नदियों के पवित्र जल में निवास करनेवाली डाल्फिन का अस्तित्व खतरे में है. वर्ष 1979 में जहां देश की विभिन्न नदियों में डॉिल्फन की संख्या चार से पॉंच हजार थीं वहीं अब इनकी संख्या सिमट कर महज दो हजार के लगभग रह गई है। ...चंबल के उल्लुओं पर तस्करों की नजर
जैसे जैसे दीपावली नजदीक आ रही है तंत्र साधनाओं का जोर बढ़ रहा है. दीपावली के मौके पर होनेवाली तंत्र साधनाओं में उल्लूओं की बलि दी जाती है. उल्लूओं की इस बलि प्रथा के कारण चंबल के उल्लूओं पर संकट के बादल गहराने लगे हैं. दीपावली के बहुत पहले से तस्कर उल्लुओं की तलाश में चंबल का चक्कर लगा रहे हैं. राजस्थान, मघ्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के 635 वर्ग किलो मीटर दायरे में फैली केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय चंबल सेंचुरी परियोजना को पलीता लग रहा हैं....रुपया पैसा देखकर नफरत से भर जाता है आनंद
यकीन करना मुिश्कल हो सकता है लेकिन यह एक जीता जागता सच है कि आज के इस घोर भौतिक दौर में जहां हर नौजवान ज्यादा से ज्यादा पैसा कमाना चाहता है वहीं एक युवक ऐसा भी है जो पैसों से घृणा करता है। घृणा भी इस प्रकार कि हाथ में पैसा आते ही वह जुनून से भर उठता है, वह चिल्ला उठता है, वह सकते में आ जाता है। घर वालों ने अपने लाड़ले को पैसा थमाने का हर जतन किया परंतु आज तक वह अपने इस प्रयास में कामयाब नहीं हो सके। ऐसा कदाचित नहीं है कि यह युवक किसी प्रकार से मानसिक रूप से विक्षिप्ति हो बल्कि वह इटावा के कर्मक्षेत्र महाविद्यालय में बीएससी तृतीय वर्ष का मेधावी छात्र है।...मुलायम का मतः ढोंग कर रहे हैं राहुल
कहावत है कि दूसरे के फटे में टांग अड़ाने का कुछ लोगों को शौक होता है,बिल्कुल ऐसा ही सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव को भी लगता है जो आज कल राहुल के दौरों पर उगुंली उठाने में लगे है। यह तो वही बात हुई बेगानी शादी में अब्दुला दीवाना। अब राहुल गांघी की बात है वो किसी दलित के घर जायें या फिर किसी और के घर, इसमें किसी को कोई आपत्ति तो होनी नहीं चाहिये। यहां एक बात का जिक्र करना भी जरूरी समझा जा रहा हैं कि राहुल ने मुलायम को किसी के भी घर जाने से रोका तो है नही,फिर मुलायम राहुल को लेकर इस तरह की बाते कर क्यों रहे है?...बुनकर उद्योग को महात्मा गांधी का सहारा
इटावा में बुनकरी कारोबार आजादी से बहुत पहले शुरु हो गया था. 1930 में महात्मा गांधी इटावा आये थे. गांधी का सूत प्रेम देखकर बुनकरों के मन में नया उत्साह पैदा हुआ और आजादी के वक्त तक इटावा में बुनकरी का कारोबार बहुत तेजी से बढ़ा. आजादी के बाद भी यह बढ़त जारी रही लेकिन तब तक जब तक सरकार ने विकास की योजनाओं का श्रीगणेश नहीं कर दिया. ...Author info
