गोपाल कृष्ण
17 अक्टूबर से हो सकते हैं बिहार में चुनाव
बिहार विधानसभा चुनावों की घोषणा होनेवाली है. चुनाव आयोग और राज्य सरकार की मशीनरी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि बिहार में दुर्गापूजा के बाद 17 अक्टूबर से चुनावों की घोषणा की जा सकती है. ऐसी संभावना है कि बिहार में चार चरणों में मतदान पूरा किया जाएगा और जल्द ही तिथियों की घोषणा कर दी जाएगी.
परमाणु हादसाग्रस्त न्यूक्लियर कामर्स
मैक्सिको की खाड़ी में ब्रिटिश पेट्रोलियम के तेल कुएं से जो रिसाव हुआ था उसके लिए बहुराष्ट्रीय ब्रिटिश पेट्रोलियम को 34 अरब डॉलर का हर्जाना भरने के लिए कहा गया है. बीपी कंपनी केवल तैयार ही नहीं हुई है बल्कि उसने 20 अरब डॉलर (करीब 92,000 करोड़) रूपये का हर्जाना अदा भी कर दिया है. मैक्सिको की खाड़ी में हुए तेल रिसाव और किसी परमाणु रियेक्टर में भारी पानी के रिसाव में आप किसे ज्यादा खतरनाक मानेंगे? अगर परमाणु भट्टी में रिसाव को आप ज्यादा खतरनाक मानते हैं तो भला बताइये कि मैक्सिको खाड़ी में हुए तेल रिसाव से कितने गुने अधिक मुआवजा तय किया जाना चाहिए?...पेड न्यूज की जांच रिपोर्ट दबाना चाहते हैं अखबार
बीते आमचुनाव के दौरान अखबारों ने जिस तरह से खबरों की खरीद बिक्री की थी उसकी जांच के लिए जो कमेटी बनी थी, उसने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है. लेकिन आश्चर्य देखिए, अब कमेटी पर अखबारों का दबाव है कि रिपोर्ट को सार्वजनिक न किया जाए और अगर सार्वजनिक किया भी जाए तो अखबारों की मांग है कि उसमें "कुछ" बदलाव कर दिये जाएं. ...परमाणु सुरक्षा के गैरजिम्मेदार पहरेदार
संसद का बजट सत्र चल रहा है. बजट पर चर्चा और मंजूरी के दौरान उर्जा के ही एक विकल्प पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी पर हो सकता है सांसद गतिरोध पैदा करें लेकिन सत्र के दौरान संसद की मंजूरी के लिए 36 अन्य विधेयक प्रस्तुत किये जाने हैं. इनमें एक विधेयक परमाणु उर्जा पर अमेरिका से हुए करार से संबंधित है. इस विधेयक के द्वारा यह तय किया जाना है कि अगर कोई विदेशी कंपनी भारत में परमाणु बिजलीघर लगाती है तो उसके लिए क्या दिशा निर्देश होने चाहिए. ...जहरभरा जहाज भारत के सिर, एक बार फिर
दिल्ली की मशहूर मॉडल जेसिका लाल की हत्या ने भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में मीडिया का सबसे बड़ा ट्रायल साबित हुआ. इसका परिणाम यह हुआ कि जेसिका की हत्या देश के हर नागरिक के लिए चर्चा का विषय बन गया था. लेकिन हम जिस जेसिका की बात करने जा रहे हैं उसने एक साथ छह जानें ले ली लेकिन उसके बारे में कोई मीडिया ट्रायल नहीं हुआ. यह एमएस जेसिका गुजरात के अलंग समुद्र तट पर खड़े एक जहाज का नाम है जिसने 4 अगस्त 2009 की सुबह छह मजदूरों की जान ले ली लेकिन दिल्ली के किसी अखबार में इस जेसिका के कारनामे की खबर नहीं छपी. ...नदियों को नष्ट करने का एक्शन प्लान
चौदहवी शताब्दी में गंगा और गंगा क्षेत्र के लोगो के साथ जिस अन्याय की शुरुआत फिरोज शाह तुगलक के द्वारा हुई और १८५४ में अंग्रेजो द्वारा उसे आगे बढाया गया वह आज भी जारी है. गंगा बचाने के सारे सरकारी उपाय कागजी थे और है. इसमें लोगो की भागीदारी न १३९८ में थी, न १८५४ में थी न, १९८५ में थी न अब है. वो लोग जो गंगा को लेकर यदा कदा अपनी व्यथा सार्वजनिक तौर पर व्यक्त करते रहे हैं उन्हें भी सरकारी बना लिया गया है. ऐसा गंगा एक्शन प्लान के समय भी हुआ था और इस बार भी ऐसा ही होगा....थोड़ा सा टेमी फ्लू हो जाए
भारत में अमेरिका की होड़ आत्महत्या की हद तक बढ़ गयी है. भारत में जब स्वाइन फ्लू के पहले रोगी का पता चला था तो हमारी मीडिया ने इस घटना पर इस तरह से रिस्पांस किया था मानों स्वाइन फ्लू का रोगी मिलना हमारे अंतराष्ट्रीय बिरादरी में शामिल होने का एक और प्रमाणपत्र है. खबर देने के बहाने इस खबर को "सेलिब्रेट" किया गया था. लेकिन अब परिस्थिति बिगड़ चुकी है. भारत स्वाइन फ्लू की महामारी के दरवाजे पर आ खड़ा हुआ है. वही लोग जो कल तक इसे भेड़िया आया कहकर हवा दे रहे थे आज सचमुच भेड़िया आ खड़ा हुआ है, और सरकार, मीडिया और चिकित्सा तंत्र किसी को नहीं सूझ रहा है कि क्या रास्ता अख्तियार करें?...शांतिपूर्ण मतदानः बांग्लादेश की बड़ी चुनौती
दो साल तक सेना की चौकसी में आपातकाल में रहने के बाद आगामी 29 दिसंबर को बांग्लादेश में आम चुनाव होने जा रहा है. ये आम चुनाव बांग्लादेश में ऐसे समय में हो रहे हैं जब पूरे दक्षिण पूर्व एशिया में आतंकवाद और हिंसा लोकतंत्र के लिए चुनौती बना हुआ है. बांग्लादेश का राजनीतिक नेतृत्व भी इससे अछूता नहीं है....मां गंगा! अब तुम राष्ट्रीय नदी हो
आखिरकार, भारत सरकार ने महसूस कर लिया कि गंगा को राष्ट्रीय नदी मान लेना चाहिए. राष्ट्रीय होने के लिए जो जरूरी सरकारी उपाय हैं वे पूरे किये जाएंगे और किसी दिन धूमधाम से फाईलों में गंगा की बजाय नेशनल रीवर गंगा लिखा नजर आने लगेगा. लेकिन राष्ट्रीय होने की यह चिंता इतनी देर से क्यों हुई जब यह भविष्यवाणी की जा रही है कि सन २०२५ तक गंगा का पानी सूख जाएगा. ...कूड़े में जाए ऐसी बिजली
वर्तमान में अमीरी के आंकलन का एक तरीका यह भी है कि आप कितना कूड़ा पैदा करते हैं. भारत के एक वर्ग में अमीरी बढ़ रही है तो साथ के साथ कूड़ा भी बढ़ रहा है....Author info
