प्रेम शुक्ल
राजनीति का 'कल्याण कल्प'
दो दिन पहले कुसुम राय बनारस में थी. जिस सर्किट हाउस में वे रूकी हुई थीं वहां उन्होंने शाम को पत्रकारों से बातचीत भी की. हालांकि कुसुम राय भारतीय राजनीति में ऐसी बड़ी सख्शियत नहीं है कि उनके रूकने या पत्रकारों से बातचीत करने को खबर बनाया जाए. लेकिन उन्होंने जो कहा वह वर्तमान संदर्भों में बहुत महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि कल्याण सिंह के बाहर जाने से पार्टी (उनका आशय भाजपा से है) को कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा. यह बयान राजनाथ सिंह देते तो बात स्वाभाविक होती लेकिन यह बयान उस कुसुम राय का है जिसको राजनीतिक पायदान चढ़ाने के चक्कर में कल्याण सिंह खुद गर्त में चले गये.
इजरायल न हुए तो क्या हुए?
क्या पाकिस्तान अमेरिकी दबाव में भारत द्वारा वांछित आतंकवादियों को भारत के हवाले करेगा? यदि पाकिस्तान आतंक के खिलाफ युद्ध में भारत को यहयोग नहीं देता तो भारत के पास क्या विकल्प है? क्या भारत इजराइल ने जिस तरह गाजापट्ठी पर हमला किया, उस तरह पाकिस्तान के आतंकी प्रशिक्षण शिविरों पर हमले कर सकता है? यदि नहीं, तो क्यों नहीं? फिर पास क्या विकल्प है? यदि अमेरिका चाह भी ले तो क्या वह पाकिस्तान पर इतना दबाव बना सकता है कि कुछ आतंकवादी भारत के हाथ सौंप दिए जाएं?...दक्षिण एशिया का 'महाभारत'
मध्य एशिया के दो देश लगभग बर्बादी की कगार पर है। इराक में हर वर्ष औसतन 10 हजार से अधिक लोग आतंक की आग में भस्म हो रहे हैं। दक्षिण एशिया और मध्य एशिया के बीच सेतु देश है अफगानिस्तान। तालिबान और अल-काइदा से लड़ते-लड़ते अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना थक चुकी है। अफगानिस्तान से फैली इस्लामी कट्टरता की आग पाकिस्तान को अपनी आगोश में ले चुकी है। पाकिस्तान का उत्तर पश्चिमी सीमांत प्रांत और फेडरली एडमिनिस्टर्ड टेरिटरी (फाटा) इस्लामाबाद की सत्ता से बाहर जा चुका है।...लिट्टे की सफाई के नाम पर तमिलों का सफाया
इस समय सारी दुनिया का ध्यान गाजापट्टी पर केन्द्रित है जहां इजरायली सेना हमास के खिलाफ जमीनी और हवाई कार्रवाई में जुटी हुई है. लेकिन आश्चर्यजनक है कि गाजापट्टी से कई गुना अधिक अमानवीय कृत्य कर रही श्रीलंकाई सेना के खिलाफ भारत के तथाकथित मानवाधिकारवादी पूरी तरह से मौन साधे हुए हैं. श्रीलंकाई एयरफोर्स और उसकी थलसेना लिट्टे के सफाये के नाम पर तमिलों का नरसंहार कर रही है. देश में तो दूर तमिल राष्ट्रवाद की कसम खानेवाले मुख्यमंत्री एम करूणानिधि का द्रविण मुनेत्र कजगम भी अपनी आंखों पर काली पट्टी बांधे हुए बैठा है. क्या गाजापट्टी के मुसलमानों का खून खून है और तमिलों का खून पानी?...Author info
