राजीव शर्मा
रानी के सिर राजस्थान का ऋण
भारतीय जनता पार्टी की अनुशासित सिपाही और खुद को राजस्थान का ऋणी बनाते हुये वसुंधरा राजे ने इस्तीफा दे दिया। पूरे प्रकरण के बाद पहली बार जयपुर पहुँचने पर रानी का जबरदस्त स्वागत हुआ है। लगभग 40 विधायकों की उपस्थिति में उन्होंने अपने भाषण में एक बार भी भाजपा का नाम नहीं लिया। केवल इतना कहा ‘‘ कल फिर हमारा होगा’’। इस कल और ऋण के निहितार्थ को समझना जरूरी है।
राजस्थान में सुनाई दे रही है नक्सली कदमों की आहट
केन्द्र सरकार के लिए एक बुरी खबर हैं। आगे नक्सलवादियों का निशाना राजस्थान हो सकता है। अभी तक दिल्ली से दूर के प्रदेशों से दिल्ली को हिलाने वाले इस आन्दोलन की जडें अब दिल्ली से सटे राजस्थान में फैल सकती हैं। एक खुफिया रिपोर्ट को सच माने तो राजस्थान के जन आन्दोलनों के चार जिलों में नक्सली अपने लिए माहौल पैदा कर सकते हैं।...सीपी जोशी को सूचना अधिकार का तोहफा: नरेगा के तहत 1 करोड़ 13 लाख के घोटाले का पर्दाफाश
सूचना अधिकार दिवस पर केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री सीपी जोशी को इससे बड़ा तोहफा मिल नहीं सकता. डॉ चंदप्रकाश जोशी के लोकसभा क्षेत्र भीलवाड़ा में 11 ग्राम पंचायतों में हुए सामाजिक अंकेक्षण में एक करोड़ तेरह लाख के घोटाले का सच सामने आया है। पंचायत राज्यमंत्री भरतसिंह, नरेगा की राष्ट्रीय परिषद सदस्य और मैग्सेसे पुरस्कार प्राप्त अरूणा राय सहित देश भर के लगभग 2000 स्वंयसेवक इस पूरी प्रक्रिया के साक्षी बने।...नरेगा के भ्रष्टाचार में सरकार का गोता
राष्ट्रपिता गाँधी की 140 वीं जयंती पंचायतीराज की स्वर्ण जयंती भी थी। केन्द्रीय मंत्रीमंडल ने इस मौके नरेगा योजना के साथ महात्मा गाँधी का नाम जोडने को मंजूरी दे दी हैं। नरेगा को लेकर राजस्थान सरकार के एक सर्वे प्रपत्र में दिये गये सवालों को देखकर एक सवाल ये भी पैदा होता है कि क्या सरकार का ये निर्णय सही हैं? जिस योजना में खुद सरकारी दस्तावेज भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के होने की बात स्वीकार कर उसका प्रतिशत जानना चाह रहे हों क्या उसके साथ राष्ट्रपिता का नाम जोड़ा जाना उचित कहा जा सकता है?...कैसी स्वर्ण जयंती, कहां का पंचायती राज?
आज ऐतिहासिक दिन है। देश में पंचायतीराज की स्थापना को पचास साल पूरे हो गये है। इस उपलक्ष्य में राजस्थान के नागौर, अमर सिंह राठौड की शौर्य भूमि,मीरा की जन्मस्थली में एक बहुत बडा जलसा हुआ है। एक बार फिर ऐसा ही दरबार सजा जैसा 1570 में यही मुगल बादशाह अकबर ने सजाया था जो राजपूतों की गुलामी का गवाह बना। ...Author info
