राजीव शर्मा
कर्नल बैंसला भाजपा में लेकिन भाजपा खुद चौराहे पर
मई 07और 08 में समाजसेवा और वंचितों के लिए हक की लडाई लड़ने पर उतारू होकर प्रदेशभर को महीनों बेचैन रखने वाले कर्नल आखिर अपनी बोई फसल को काटने के लिए भाजपा के रास्ते संसद पहुंचने की तैयारी कर रहे है। 11 अप्रैल, शनिवार को भाजपा में शामिल हुए कर्नल की राह में समाज का शनि क्या रंग दिखाऐगा इसे देखना बहुत दिलचस्प होगा क्योंकि विरोध के तल्ख तेवर भी सामने आ गए है। प्रदेश भर से गुर्जर समाज के संगठनों ने कर्नल के इस कदम को ठीक नहीं माना हैं। समाज के सत्तर सपूतों के शवों से होकर कर्नल ने संसद की राह देखी तो है लेकिन इसके संकेत भविष्य के लिए बहुत कुछ कहते नजर आ रहे हैं कि राजनीति में प्रवेश के लिए क्या इस तरह का रास्ता चुना जा सकता है?
कांग्रेस की दुहाई- जाट जाटव की खाई, अब नहीं भाई
11 जून 1991 का दिन राजस्थान और उसके पूर्वी सिंह द्वार कहे जाने वाले भरतपुर जिले के लिए इतिहास का वो काला दिन है जिस दिन दो जातियों के बीच हुए अमानवीय नरसंहार का ऐसा खूनी खेल खेला गया कि उसकी कडुबाहट में दोनों समाज आज भी एक दूसरे को घृणा भरी नजर से देखते चले आ रहे है।आजादी के बाद के आधुनिक इतिहास में ´कुम्हेर काण्ड´के नाम से दर्ज इस घटना में जहॉ 14 लोगों के मारे जाने और हजारों के बेघर होने के आकंडे है ,जबकि कहा यह भी जाता है कि इसमें जिन्दा लोगों को आग के हवाले तक कर दिया गया था।...शिक्षा बोर्ड की 'जेल' में सुरंग
सीकर में एक परीक्षा केंद्र में 49 छात्राओं को 24 घंटे तक कैद रहना पड़ा। उनको यह सजा कक्ष निरीक्षकों की गलती के बदले में भुगतनी पड़ी। सोमवार को 12 वीं कक्षा की परीक्षा में बैठीं छात्राओं को संस्कृत प्रथम की जगह द्वितीय प्रश्नपत्र बांट दिए गए। इस गलती का अहसास दस मिनट के अंदर ही हो गया। नतीजतन राजस्थान शिक्षा बोर्ड ने फरमान जारी कर दिया कि अगले दिन द्वितीय प्रश्न पत्र की परीक्षा होने तक छात्राओं को केंद्र से बाहर नहीं जाने दिया जाए। हालांकि अब वे लड़कियां बाहर आ गयी हैं लेकिन राजस्थान बोर्ड की परीक्षाओं में यह अकेला कमाल नहीं है. ...Author info
