आर बी राय
सौदा नहीं पटा तो शुरू किया अभियान
‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ खोजी खबरों के लिए नहीं जाना जाता। उसकी छवि सरकार के मुखपत्र की रही है। गत 31 जुलाई को टाइम्स ऑफ इंडिया के पाठकों को नया अनुभव हुआ। उन्हें महसूस हुआ कि अपना अखबार नए अवतार में हैं। उसने भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है। ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ जैसा बड़ा अखबार जब खेल-कूद के एक अंतरराष्ट्रीय आयोजन की तमाम गड़बड़ियों को उजागर करने पर उतर आया तो लोगों को चारो तरफ गड़बड़ ही नजर आने लगा। उन्हें क्या पता था कि यह वह खीझ है जो अखबार में इसलिए प्रकट हो रही है, क्योंकि सौदा पटा नहीं।
मनमोहन का मंत्री माओवादियों का मुखौटा
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह चाहे जितने भी अराजनीतिक हांे पर वे यह तो समझते ही होंगे कि ममता बनर्जी को मंत्रिमंडल में नहीं रखा जाना चाहिए। ममता बनर्जी को चुनावी राजनीति से कोई रोक नहीं सकता। लेकिन प्रधानमंत्री को इतना साहस तो करना ही चाहिए कि उनका एक मंत्री माओवादियों का मुखौटा न बन जाए।...Author info
