सलीम अख्तर
बेनतीजा, बेमतलब और बेमानी है लिब्रहान आयोग की रिपोर्ट
6 दिसम्बर, 1992 को एक प्राचीन इमारत, जिसे मुसलमान बाबरी मस्जिद तो हिन्दुओं का साम्प्रदायिक वर्ग राम मंदिर होने का दावा करता था, जमींदोज कर दी गयी थी। उस दौर के लोग जानते हैं कि उस राष्ट्र विरोधी घटना को अंजाम देने के लिए भारत जैसे धर्मनिरपेक्ष देश में संघ परिवार ने अभूतपूर्व धार्मिक उन्माद फैलाया था। बुजुर्ग कहते हैं कि ऐसा उन्माद तो तब भी नहीं फैला था, जब देश का बंटवारा हुआ था। फरवरी 1986 से लेकर 6 दिसम्बर 1992 तक की घटनाओं को सिलसिलेवार देखने वाले लोग जानते हैं कि बाबरी मस्जिद विध्वंस की घटना को किसने अंजाम दिया था ?
सपा के ताबूत में आखिरी कील
पता नहीं हमारे सियासतदांओं को क्या हो गया है। इन्हें देखकर तो गिरगिट भी सोचता होगा कि ये तो मुझसे भी जल्दी और ज्यादा रंग बदलते हैं। फिरोजाबाद सीट हारते ही मुलायम सिंह ने अपने सखा कल्याण सिंह को दूध में से मक्खी की तरह निकाल कर फैंक दिया। भाजपा और आरएसएस को पानी पी-पी कर कोसने वाले कल्याण सिंह को भी फौरन ही हिन्दुत्व और राममंदिर की याद आ गई। लेकिन आप एक महत्वपूर्ण तथ्य मत भूलिए कि संयोग से भाजपा और सपा दोनों ही राममंदिर आंदोलन की देन हैं।...Author info
