संजय स्वदेश
जब म्हाडा के पास जमीन ही नहीं है तो आशियाने की आशा कैसे करें?
एक दिन पहले ही एक ऐसे आदमी को महाराष्ट्र पुलिस ने गिरफ्तार किया है जो अपने आप को म्हाडा का अफसर बताता था और घर दिलाने के नाम पर लोगों से पैसे ऐंठता था. लेकिन म्हाडा के नाम पर ऐसे फर्जीवाड़े से अलग एक हकीकत यह भी है कि म्हाडा के पास जमीन ही नहीं है कि वह लोगों को सस्ते में घर बनाकर दे सके.
महाराष्ट्र में नहीं मिल रहे हैं मजदूर
महाराष्ट्र इन दिनों अजीब तमाशाई स्थिति से गुजर रहा है. देश में सबसे पहले गारंटी योजना लागू करने वाले राज्य महाराष्ट्र के प्रमुख शहरों में इस योजना के तहत कार्यों को पूरा करने के लिए पर्याप्त मजदूर नहीं मिल रहे हैं। पिछड़े जिलों में स्थिति ठीक है। मजदूर नहीं मिलने की समस्या उन जिलों की है जहां अधिक उद्योग-धंधे हैं। उनके लिए मजदूर नहीं मिल रहे हैं।...इस महाराष्ट्र में हर रोज मौत के घाट उतर रहे हैं 3 किसान
जिस महाराष्ट्र और मुंबई की संवेदना आप व्यक्त कर रहे हैं उस मुंबई को सुरक्षित बनाये रखने के लिए जितना कुछ किया जा रहा है वह काफी है या नाकाफी यह बहस आप करते रहिए. लेकिन हम जिस महाराष्ट्र की बात कर रहे हैं उस महाराष्ट्र में हर रोज तीन किसान मौत के घाट उतर रहे हैं. उस दिन भी तीन किसानों ने आत्महत्या कर ली जब मुख्यमंत्री मुंबई की सुरक्षा का चाक चौबंद व्यवस्था का भरोसा दे रहे थे. दुर्भाग्य से इस महाराष्ट्र की रिपोर्टिंग कोई नहीं कर रहा है. ...२६/११ के शहीदों को मुआवजा तो दे दो
नागपुर। भाजपा के भावी अध्यक्ष बताए जा रहे महाराष्ट्र प्रदेशाध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा है कि २६/११ के शहीदों को अभी तक मुआवजा नहीं मिला। सरकार ने शहीद परिवारों को पेट्रोलपंप देने की बात भी कही थी, लेकिन वह भी अभी तक नहीं मिला। राज्य सरकार शहीदों का संपूर्ण विवरण तैयार करने में नकाम रही है।...अयोध्या मामले में मैं नैतिक रूप से जिम्मेदार- उमा भारती
नागपुर। सुश्री भारती ने कहा है कि मैं पहले ही अयोध्या मामले में अपनी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार कर चुंकी हूं और अभी भी नैतिक जिम्मेदारी लेती हूं। लेकिन पूरे प्रकरण में सरकार के लिए लिबरहान लीक के दोषी को दंड आवश्यक है। पूर्व प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव की तरीफ करते हुए सुश्री भारती ने कहा कि श्री राव रामभक्त थे इसलिए उन्होंने अयोध्या में पैरा मिलिट्री फोर्स नहीं भेजा।...बाल ठाकरे में हिम्मत हो तो अयोध्या जाएं: अशोक सिंघल
नागपुर। अयोध्या में गिराये गए बाबरी ढांचे का श्रेय लेने वाले शिवसेना प्रमुख के दावे पर विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ नेता अशोक सिंघल ने राम बाण छोड़ते हुए कहा है कि ठाकरे में इतनी हिम्मत नहीं कि अयोध्या जाते। औपचारिकता के लिए केवल अपने एक प्रतिनिधि मनोहर जोशी को वहां भेजा।...पत्नियों से ज्यादा पीड़ित पति करते हैं आत्महत्या
अभी तक ज्यादातर महिलाओं पर अत्याचार के मामले सामने आते रहे हैं। इसे रोकने के लिए सशक्त कानून भी बनाए गए हैं। समय बदल रहा है। महिला सशक्तिकरण के जमाने में अब पति पत्नी से पीडि़त हैं। चाहे वे पत्नी के लगाए गए दहेज प्रताडऩा और घरेलू हिंसा के झूठे आरोप हों या फिर घर में आपसी कलह। पत्नी पीिड़ता कहां जाए? न कोई हमदर्दी न कोई सरकारी मदद। नतीजा? पीड़ित पतियों के आत्महत्या का अनुपात पीड़ित पत्नियों से दोगुना है....अकाल से बदहाल विदर्भ
नागपुर। विदर्भ में किसान आत्महत्या। राष्ट्रीय स्तर पर शोर। दो पैकेज, केंद्र-राज्य सरकार की कर्जमाफी। इसके बाद भी किसान बदहाल हैं। कर्ज का पुनर्वसन करके भी फसल को योग्य दाम न मिलने से राज्यभर के लाखों किसान फिर से कर्ज के जाल में जकड़ते दिखाई दे रहे हैं। उनकी स्थिति में सुधार तो दूर खाद-बीजों की कमी भी किसानों के जख्मों पर नमक लगा रही है। अब अकाल की स्थिति से रही-सही उम्मीद पर भी पानी फिरता दिखाई दे रहा है।...राष्ट्रीय अध्यक्ष का दावेदार होने से गडकरी का इन्कार
नागपुर। पिछले तीन चार दिनों से भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष के रूप में उछाले जा रहे अपने नाम पर नितिन गड़करी ने यह कहकर विराम लगा दिया है कि पार्टी अध्यक्ष का चुनाव लड़ने का उनका कोई इरादा नहीं है....वंदेमातरम का विरोध राष्ट्रद्रोह और हिन्दी का विरोध.....पता नहीं
महाराष्ट्र में जब हिन्दी विरोध का सवाल आया तो विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय महासचिव प्रवीण भाई तोगड़िया राज ठाकरे और एमएनएस के समर्थन में खड़े नजर आये. आखिर क्यों न हो वे हिन्दी के नाम पर आजमी का समर्थन तो कर नहीं सकते इसलिए कह दिया कि हिन्दी विरोध तो आजमी के बाप ने भी किया था. ...संकट में है नागपुर का संतरा
संतरे के पेड़ में लगने वाले विभिन्न कीट व सिंचाई की प्रर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से देश दुनिया में संतरा उत्पादन में अग्रणी शहर के रूप में प्रसिद्ध नागपुर और आसपास के क्षेत्रों में संतरे का उत्पादन साल-दर-साल घटता जा रहा है। विभिन्न बीमारियों व रासायनिक खादों के उपयोग से न केवल पेड़ की आयु कम हुई है, बल्कि संतरे की मिठास भी कम हो रही है। पहले एक पेड़ चालीस से पचास साल तक फल देता था। यह क्षमता घट कर अधिकतम बीस साल की हो गई है। समय रहते संतरे के पेड़ों की सेहत के लिए किसी कारगर उपाय की जरूरत है।...विदर्भ के किसानों के लिए आगे आया संयुक्त राष्ट्रसंघ
राहत पैकेज के बाद भी विदर्भ में किसान आत्महत्या सिलसिला नहीं थमा है। राज्य की सत्ता की दौड़ में भले ही किसान आत्महत्या सुर्खियों में नहीं आई हो। पर इस बीच कई किसानों की आत्महत्या की खबरे दब गईं। इसी बीच एक नई खबर आई है।...Author info
