संजय स्वदेश
बेईमानी की पत्रकारिता में संपत्ति की घोषणा
नियम-कानून चाहे लाख बनें, बेईमान बेईमानी के रास्ते खोज ही लेते हैं। बेईमानी की कमाई खत्म करने उद्देश्य से पत्रकारों की संपति के खुलासे की चर्चा में इस बात पर जरूर विचार करना चाहिए कि अपनी संपतियों का खुलासा कर देने भर से पत्रकार ईमानदार नहीं जाएंगे। ईमानदारी एक प्रवृति हैं। चरित्र है। संस्कार है। विभिन्न स्थितियों और गैर-कानूनी तरीके से होने वाले आर्थिक लाभ के मौके में ईमानदारी को बनाये रखने वाले ही ईमानदार कहें जा सकते हैं। जिन्हें अतिरिक्त आय का मौका नहीं मिला वे तो हमेशा ईमानदार बन रहेंगे।
अब संतरानगरी में नहीं बनता है राष्ट्रीय ध्वज
विजयी विश्व तिरंगा प्यारा, झंडा ऊंचा रहे हमारा... यह कोई साधारण गुनगुनाने का गीत नहीं है। यह देश भक्ति का जज्बा है जो स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस पर देश भर में चौराहों , सार्वजनिक स्थलों, प्रशासकीय परिसरों में नजर आता है। देश की एकता अखंडता का प्रतीक राष्ट्रध्वज तिरंगे की संतरानगरी में अपनी एक अलग कहानी है।...Author info
