संजय स्वदेश
कामगार मुले पाहिजे
नागपुर के विभिन्न चौक-चौराहों पर गुजरते वक्त दीवारों पर कामगार मुले पाहिजे और उसके नीचे दो मोबइल नंबर लिखा नजर आता है। इस विज्ञापन को गौर से पढऩे वाले शायद सोचते हो कि बच्चे सस्ते मजदूर होते हैं, इसलिए उनके ही रोजगार के लिए यह विज्ञापन होगा। पर इस विज्ञापन को को पढ़कर इसके पीछे के सामाजिक उद्देश्य के बारे में कोई नहीं जानता है।
आदिवासियों को विस्थापित करने के लिए खर्च किये जाएंगे 100 करोड़
केन्द्र सरकार महाराष्ट्र में आदिवासियों को विस्थापित करने के लिए 100 करोड़ रुपये खर्च करेगी. यह सब किया जाएगा टाइगर रिजर्व को बचाने के नाम पर. केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश नागपुर के वनभवन में आयोजित एक प्रेस-वार्ता में इस आशय की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे मेलघाट, ताडोबा और पेंच टाइगर रिजर्ब क्षेत्र को लाभ मिलेगा। उनके मुताबिक इतनी राशि करीब एक हजार आदिवासी परिवारों के विस्थापित कर पुर्नवास कर दिया जाएगा।...बीटी बैंगन पर फैसला 15 फरवरी से पहले
नागपुर। बीटी बैगन पर नागपुर में आयोजित महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश की जनसुनवाई में हिस्सा लेने आए केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश का बी.टी. बैगन के विरोधियों ने रास्ता रोक कर नारेबाजी करते हुए देसी बैगन की मैयत निकाली और पुतला फूका। विरोधियों की स्थिति को देखते हुए पर्यावरण मंत्री खुद विरोधियों का समझाने के लिए कार से उतरे। ...मंत्री जी सिर्फ मराठी में बोलेंगे
महाराष्ट्र में टैक्सी लाईसेंस के लिए मराठी भाषा के अनिवार्य होने का मुद्दा अभी शांत भी नहीं हुआ था कि राज्य सरकार ने एक नई विवादास्पद नीति प्रकाश में आई है। 1 मई से लागू होनेवाली राज्य की नई सांस्कृतिक नीति के मुताबिक अब राज्य के मंत्री विभिन्न कार्यक्रमों में मराठी में ही बातचीत करेंगे। ...मैं जिंदा हूं और भारत वापस लौटूंगा
धरती के मानचित्र पर भारत सबसे अधिक रहस्यमय देश हैं. भारत में ऐसे कई पात्र ऐसे हैं जो संसार के रंगमंच से कभी विदा ही नहीं हुए. इसमें रामायण और महाभारत काल के कुछ पात्र आज भी उपस्थित माने जाते हैं. नेताजी ऐसे ही चरित्र हो गये हैं. आजादी के रंगमंच का एक ऐसा नायक जो आता तो है लेकिन जिसके जाने का कोई प्रमाण नहीं मिल पाता है. ...हमारी फिल्में अब लोरी नहीं गाती
हिंदी फिल्मों के लोरी की एक समृद्ध परंपरा रही है। लेकिन पिछले एक दशक में रिलीज हुई शायद ही किसी फिल्म में लोरी के साथ किसी दृश्य का फिल्मांकन हुआ हो। लुप्त होती लोरी परंपरा को देखकर लगता है कि मासूम मुन्ने को सुलाने वाली लोरी अब खुद ही गहरी निंद्रा में सो गई है। पता नहीं इस अब नींद से जगाने की पहल कौन करेगा।...हड़ताल से विदर्भ में जनजीवन ठप, शीतसत्र पर भी संकट
नागपुर। बुधवार को पृथक विदर्भ राज्य के गठन के लिए विदर्भस्तरीय हड़ताल को जनता का व्यापक समर्थन मिला। जिन सड़कों और फुटपाथ पर हर दिन भीड़-भार नजर आती थी, आज सूनी नजर आई। भीड़भाड़ वाले स्थलों पर इक्का-दुक्का लोग नजर आए। नागपुर से होकर गुजरने वाले लंबी दूरी की ट्रेन सेवा को साथ-साथ लोकल ट्रेन सेवा पर भी हड़ताल का काफी प्रभाव पड़ा।...सड़क के फुटपाथ पर सब ठीक नहीं है
हमारे सभ्य शहरों की असभ्य सड़कों पर केवल मंहगी गाड़ियां ही गरीबों और बेसहारा बच्चों की जिंदगी को नहीं रौंदती है. भारतीय फुटपाथ पर जिंदगी बिताने वाले 55 प्रतिशत से अधिक बच्चे यौन प्रताड़ना का शिकार हैं. यौन शोषित इन बच्चों की उम्र 5 से 12 साल के बीच की है। ...मानवता के हित में है तिब्बत की स्वायत्तता
तिब्बत की आजादी का संघर्ष गत पांच दशकों से जारी है। चीन द्वारा अपना प्रभुत्व स्थापित करने के लिए तिब्बती नागरिकों का दमन किए जाने के कारण वे निर्वासित होकर भारत में रहने के लिए मजबूर है। किसी भी स्वतंत्र राष्ट्र पर जबरन आधिपत्य एक गंभीर मानवीय मसला है और पड़ासी देश के नाते भारत के लिए भी यह स्थिति घातक है। ...यूपीए का मिस मैनेजमेंट है महंगाई और तेलंगाना: रविशंकर प्रसाद
नागपुर। तेज में बेतहाशा बढ़ती महंगाई और तेलंगाना पर होने वाली राजनीति यूपीए सरकार की मिसमैनेजमेंट का नतीजा है। यह कहना है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री व भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद का। प्रसाद मंगलवार को पत्रकार भवन में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।...विदर्भ के दर्द की दवा दे गये हरित प्रदेश के हिमायती
विदर्भ की मांग का लेकर दिन प्रति दिन ज्वाला भड़कती जा रही है। इस आंदोलन को आज उस समय और अधिक बढ़ावा मिला, तब लोकदल ने राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं किसान नेता चौधरी अजीत सिंह नागपुर पहुंचकर इस मांग को जायज ठहराते हुए कहा कि संसद के घेराव से ही पृथक विदर्भ के गठन के लिए सरकार जागेगी।...एम जी वैद्य को लोकमान्य तिलक पत्रकारिता पुरस्कार
नागपुर। वरिष्ठ पत्रकार मा.गो.वैद्य ने पत्रकारिता के मूल्यों से पत्रकारों को अवगत कराते हुए कहा कि आज की पत्रकारिता को सरोकारों की पत्रकारिता से जोडऩे की आवश्यकता है। युवा पत्रकारों को समझना चाहिए कि सरकार और पत्रकार मित्र नहीं होते हैं, ये प्रतिस्पर्धी होते हैं। वे धंतोली स्थित तिलक पत्रकार भवन में रविवार की शाम आयोजित लोकमान्य तिलक पत्रकारिता पुरस्कार समारोह को संबोधित कर रहे थे।...नागपुर की 93.75 प्रतिशत जनता चाहती है अलग विदर्भ राज्य
नागपुर श्रमिक पत्रकार संघ तथा तिरपुडे इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल एक्सन एंड रिसर्च के संयुक्त तत्वावधान में पृथक विदर्भ की मांग पर नागपुर शहर के विभिन्न क्षेत्रों के निवासियों का मत जानने के लिए जनमत संग्रह लिया गया। इस जनमत संग्रह में नतीजा निकला है कि 93.75 प्रतिशत लोग अलग विदर्भ चाहते हैं. ...पुस्तक प्रेम पर भारी पड़ गया बुलडोजर
उधर दिल्ली छोड़कर इधर नागपुर आइये. किताबों को पड़ते पाठकों के अकाल के बीच दिल्ली और देश में भले ही पुस्तक मेलों को प्रोत्साहन दिया जाता हो लेकिन इधर नागपुर में ऐसे पुस्तक मेलों को बुलडोजर लगाकर ढहा दिया जाता है और कहा जाता है कि ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि निगम के इन नियमों का पालन नहीं किया गया. ...पृथक विदर्भ के लिए एकजुट हुए दिग्गज
नागपुर। पृथक विदर्भ आंदोलन की गति तेज हो चली है। रविवार 3 जनवरी को नागपुर में पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद विलासराव मुत्तेमवार के नेतृत्व में आयोजित धरना प्रदर्शन के बाद अगले ही दिन सोमवार को आयोजित एक बैठक में विदर्भ के कई दलों के नेता आपसी मतभेद भुलाकर साथ आए।...दण्डकारण के अरण्य में नक्सलियों को घेर रही है सरकार
नक्सल प्रभावित सभी राज्यों के साथ मिलकर नक्सली ठिकानों पर एक साथ हल्ला बोलने की रणनीति बदल दी गई है। अब नक्सलियों की हर तरह की सप्लाई पूरी तरह ठप कर उन्हें उनके घर में कैद करने की मुहिम चलाई गई है। महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में दंडकारण्य इलाके से इसकी शुरुआत कर दी गई है।...प्यार और कौमार्य पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला
दुष्कर्म के एक मामले में उच्चतम न्यायलय का एक महत्पूर्ण निर्णय आया है। दुष्कर्म के आरोप में एक दोषी को यह कह कर निर्दोष करार दे दिया कि पीड़िता ने खुद कौमार्य खोया। खबर प्रकाशित हुई। नये साल के पहले दिन। अंदर के पेज में। छोटे से कॉलम में। नये साल के जश्न में डूब कुछ ही पाठकों का ध्यान इस खबर की ओर गई होगी।...Author info
