संजय स्वदेश
वर्धा विश्वविद्यालय में हो रही है पदों की नीलामी
महात्मा गांधी की आत्मा वर्धा में बसती है क्योंकि वर्धा उस महामानव की कर्मभूमि रही है. लेकिन आज महात्मा गांधी की वही पवित्र कर्मभूमि अखाड़ेबाज, दारूबाज साहित्यकारों और पदलोलुप रिटायर नौकरशाहों की शरणस्थली बन गया है. ताजा प्रकरण यह है कि विश्वविद्यालय में नयी नियुक्तियां होनेवाली हैं जिसके लिए गांधी की इस कर्मभूमि पर शराब बंदी लागू होने के बावजूद दारू पार्टी आयोजित की जा रही है और बाकायदों पदों की नीलामी की जा रही है.
पहली तिमाही में मरे विदर्भ के 194 किसान
नागपुर। केन्द्र और राज्य सरकारों के लिए मार्च महीना क्लोसिंग महीना होता है. सरकारें हिसाब लगाती हैं कि बीते वित्तीय वर्ष में क्या खर्च किया और क्या बचा. यह आंकड़ा तिमाही और छमाही में भी जमा किया जाता है. तिमाही छमाही का एक आंकड़ा विदर्भ जनआंदोलन समिति भी जमा करती है जो बता रहा है कि बीते तिमाही में विदर्भ में 194 किसानों ने आत्महत्या की है....राष्ट्रीय टीम की घोषणा के वक्त भी दिल्ली से दूर रहे गडकरी
नई दिल्ली/नागपुर। मंगलवार को भाजपा की नयी टीम घोषित हुई. लेकिन जिस वक्त गडकरी के राष्ट्रीय टीम की घोषणा हो रही थी खुद गडकरी दिल्ली से दूर नागपुर में बैठे हुए थे और एक अखबार का लोकार्पण कर रहे थे. कार्यक्रम में वे पूरे समय मौजूद रहे पेड न्यूज पर अपना प्रवचन करते रहे. ...विदर्भ के बहाने गडकरी ने दी शिवसेना को सीधी चुनौती
महाराष्ट्र में शिवसेना भाजपा के तल्ख होते रिश्तों में भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने एक और अध्याय जोड़ दिया है. रविवार को पृथक विदर्भ के लिए निकाले गए विदर्भ जन जागरण यात्रा के समापन के मौके पर नागपुर के यशवंत स्टेडियम में विदर्भ की मांग के प्रति अपनी मजबूत इच्छाशक्ति को प्रकट करने के लिए खुद तो थे ही, तीन ऐसे राज्यों के मुख्यमंत्रियों/उपमुख्यमंत्रियों को भी बुला रखा था जिनका गठन एनडीए के शासनकाल में हुआ था और इस वक्त तीनों ही स्थानों में भाजपा की सरकारें हैं. गडकरी के अलावा लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गोपीनाथ मुंडे, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, उत्तरांचल के मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल, झारखंड के उपमुख्यमंत्री रघुवरदास, महाराष्ट्र राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता एकनाथ खड़से भी मौजूद थे....16 मार्च को होगी भाजपा कार्यकारिणी की घोषणा
नागपुर। भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा 16 मार्च को होगी तथा जलगांव में 2 से 4 अप्रैल तक राज्य स्तरीय सम्मेलन के आयोजन की जानकारी शनिवार को भाजपाध्यक्ष नितिन गडकरी ने एक पत्रकार परिषद में दी। ...200 रूपये में लीजिए राजहंस का स्वाद
मंगोलिया से हर वर्ष भारत में आने वाले दुर्लभ राजहंस (बार हेड़ेड़ गीज) को जाल बिछाकर पकड़कर उसे 200 से 300 रुपए में बेचे जाने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। चन्द्रपुर और वर्धा के पक्षी मित्रों ने अपने स्तर का स्टिंग आपरेशन करते हुए दुर्लभ प्रजाति के राजहंस को बेचते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।...नंगे पांव देश नापने का नशा
लातूर के भीषण भूकंप ने उनसे उनका परिवार छीन लिया. गर्भवती स्त्री, बच्चे, माता-पिता, भाई कोई नहीं बचा. अगर कोई बचा तो वे खुद मोहनराव पाटिल. अब चालीस के हो चले पाटिल ने अपने परिवार के असमय काल के गाल में समा जाने के बाद पूरे देश को ही अपना परिवार बना लिया. कंधे पर राष्ट्रीय ध्वज और गले में लटकी संदेश की तख्ती के माध्यम से वे राष्ट्रप्रेम की अलख जगा रहे हैं. लोग भले ही उन्हें कुछ भी कहें, कुछ भी समझें, उनकी अनथक, अविरल देशप्रेम की पदयात्रा जारी है. संजय स्वदेश की रिपोर्ट-...72 घंटे में 10 किसानों ने की आत्महत्या
नागपुर। जब सरकार देश की राजधानी नई दिल्ली में महिला आरक्षण, महिला उत्थान और महिला सशक्तिकरण और महिला आरक्षण विधेयक की चर्चा आदि में व्यस्त थी, तभी किसान आत्महत्या की राजधानी विदर्भ में कृषि संकट से त्रस्त 10 किसानों ने मौत को गले लगा लिया। आत्महत्या करने वाले छह किसान यवतमाल, दो अकोला, एक वाशिम और एक नागपुर जिले के हैं।...क्या भाजपा में वापस आ चुकी हैं उमा भारती?
बीते माह में इंदौर में संपन्न भाजपा की राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान उमा भारती को पार्टी में वापसी की घोषणा भले ही नहीं हो पाई हो, पर ऐसा लगता है कि उमा अब भाजपा में वापस आ चुकी हैं और भाजपा के लिए काम करना शुरू भी कर दिया है. वे अब पूरी तरह से भाजपा की हो चुकी हैं....बदहाल विदर्भ पर अब सूखे का संकट
आगामी गर्मी के मौसम में भीषण जल संकट पैदा होने के आसार अभी से दिखाई दे रहे हैं। चारे के अभाव में पशुओं पर गंभीर संकट आ पड़ा है। किसान पशुओं को खूंटे से बांधकर मारने की बजाय उसे कसाईयों हवाल कर कुछ पैसे पाना उचित समझ रहे हैं।...बिना बैलों के दौड़ पड़ती है बैलगाड़ी
नागपुर। यह चमत्कार यहां हर साल होता है और पिछले दो सौ साल से हो रहा है. नागपुर से 13 किलोमीटर दूर वाड़ी खड़गांव में स्थित लावा गांव में होली से पांच दिन बाद होनेवाले उत्सव में एक ऐसा चमत्कार होता है जिसे हजारों लोग अपनी आंखों से देखते हैं लेकिन दो सौ साल बाद भी इस चमत्कार के रहस्य से पर्दा नहीं उठ सका है. ...Author info
