संजय तिवारी
बोफोर्स विवाद को आखिरी सलामी
केन्द्र सरकार ने 22 साल बाद देश की सर्वोच्च अदालत में बोफोर्स विवाद को आखिरी सलामी दे दी है. सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में केन्द्र सरकार के महाधिवक्ता गोपाल सुब्रमण्यम ने सूचित किया कि केन्द्र सरकार ने फैसला किया है कि वह बोफोर्स विवाद के मुख्य आरोपी इटैलियन व्यवसायी औट्टावियो क्वात्रोच्ची के खिलाफ सारे मामले वापस लेता है. महाधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि "केन्द्र सरकार क्वात्रोच्ची के खिलाफ लंबित सभी मामलों को निरस्त कर रहा है."
नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई
सितंबर का महीना पी चिदम्बरम के जीवन में बहुत महत्वपूर्ण है. उनका जन्म और राजनीतिक जन्म दोनों ही सितंबर के महीने में हुआ है. उनका जन्म 16 सितंबर 1945 को हुआ तो राजनीतिक रूप से राष्ट्रीय परिदृश्य पर भी वे सितंबर महीने में ही उभरे जब 21 सितंबर 1985 को तत्कीलन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने उन्हें देश का वाणिज्य राज्यमंत्री नियुक्त किया. निजी जीवन के 64 और और सार्वजनिक जीवन के 24 साल पूरे कर चुके पी चिदंबरम के जीवन में एक बार फिर सितंबर ही सबसे महत्वपूर्ण महीना होकर उभरा है. सितंबर 2009 में उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ देश में अब तक की सबसे भीषण और निर्णायक लड़ाई का ऐलान किया है जो संभवतः श्रीलंका में तमिलों के खिलाफ लड़ी गयी लड़ाई की तर्ज पर अब तक का सबसे बड़ा आपरेशन होगा....कलावती की उम्मीदवारी और कांग्रेस
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 29 सितंबर है और अभी तक कलावती ने अपना नामांकन वापस नहीं लिया है. फिर मीडिया ने यह प्रचारित करना क्यों शुरू कर दिया कि कलावती ने अपना नामांकन वापस ले लिया है? ऐसे में जब विदर्भ की विधवाएं उसके ऊपर दबाव बना रही हैं कि किसी भी सूरत में उसे चुनाव मैदान से नहीं हटना है तो फिर कलावती और मीडिया पर किसका दबाव काम कर रहा है? इसे समझने के लिए पूरा कलावती प्रकरण समझना होगा....भगवा निशान हिन्दू पहचान एक बार फिर
25 सितंबर पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्मदिन है. लेकिन इस साल भाजपा में 25 सितंबर केवल जनसंघ के कर्ता-धर्ता पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जन्मदिवस के रूप में ही नहीं मनाया गया. इस बार 25 सितंबर को भाजपा के दो शीर्ष नेताओं ने दो अलग अलग कार्यक्रमों में जो कहा उसने भाजपा में जारी विचारधारा के विवाद का एक तरह से पटाक्षेप कर दिया है. ...अध्यक्ष बनने से पहले ही विवादित हो गये पर्रीकर
भारतीय जनता पार्टी में नये अध्यक्ष की खोज शुरू हो चुकी है. इसके लिए अब तक जो नाम उभरकर सामने आये हैं उसमें भाजपा के उपाध्यक्ष बाल आप्टे, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और गोवा के पूर्व मुख्यंत्री मनोहर पर्रीकर का नाम है. इसमें भी मनोहर पर्रीकर पर संघ में लगभग आम सहमति हो गयी थी और भाजपा में भी दो हफ्ते पहले संदेश भेद दिया गया था लेकिन संघ के रणनीतिकार इस बात की पूरी कोशिश कर रहे थे कि मनोहर पर्रीकर का नाम किसी तरह से भी सार्वजनिक रूप से सामने न आने पाये. लेकिन एक टिप्पणी में आडवाणी को पुराना अचार कह देने से सारा राज फाश हो गया कि पर्रीकर ही भाजपा के अगले संभावित अध्यक्ष हैं....कांग्रेस दे रही है कलावती को धमकी
कलावती ने कांग्रेस के खिलाफ चुनाव लड़ने की घोषणा करके एकबारगी कांग्रेस में हड़कंप मचा दिया है. कांग्रेस के कुछ समर्थक जो राहुल गांधी के संसद में चर्चा के बाद कलावती को मदद करने दौड़े गये थे वही अब कलावती को धमकी दे रहे हैं कि अगर वह चुनाव लड़ती है तो उसको मिलनेवाली सहायता बंद कर दी जाएगी. कलावती को मैदान में उतारनेवाले विदर्भ जन आंदोलन समिति को डर है कि कलावती कांग्रेस की धमकी की वजह से मैदान से हट सकती है. ...शशि थरूर और सादगी का सुरूर
राजनीति को गाली देनेवाली जमात जब राजनीति में आती है तो क्या करती है इसे देखना हो तो नये नवेले राजनीतिज्ञ शशि थरूर के व्यवहार को देखिए. वे जीवनस्तर के उस चरम से आते हैं जहां हवाई जहाज की ईकोनॉमी क्लास की यात्रा को गाय-भैसों की क्लास समझा जाता है लेकिन वे ऐसे देश के लोगों का प्रतिनिधित्व करते हुए मंत्री बन जाते हैं जिस देश में हवाई यात्रा स्वर्ग की यात्रा जैसा समझा जाता है. भारत में नो फ्रिल-लो कास्ट एयर कैरियर शुरू करनेवाले कैप्टन गोपीनाथ ने जब डेक्कन एयरवेज का विज्ञापन बनवाया तो उन्होंने उस सपने को भुनाया कि कैसे गांव में रहनेवाला एक आदमी जीवन तब सफल हो जाता है जब वह डेक्कन एयरवेज की पांच सौ रूपये की टिकट के कारण हवाई यात्रा कर लेता है. ...इंटरनेट के मुफ्त माल को लग गयी नजर
खबर गूगल की ओर से आयी है. 9 सितंबर को हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से जुड़े नीमैन लैब को भेजे गये एक डाक्युमेन्ट में गूगल ने कहा है कि वह एक ऐसे साफ्टवेयर पर काम कर रहा है जो अखबारों की सामग्री पर भुगतान सुनिश्चित कर सकेगा. यह गूगल चेकआउट प्रोग्राम का ही विस्तार होगा। इस खबर के आने के बाद दुनिया के उन बड़े अखबारों की बांछे खिल गयी जो इस दुविधा के शिकार थे कि प्रिंट के सिकुड़ते बाजार को नेट पर ले जाने पर अपने लाभ को कैसे बनाये रखें....यमुना में कहां आयी है बाढ़?
दिल्ली में यमुना का पानी परवान चढ़ रहा है. रविवार को दोपहर बाद तक पानी ने कुदैसिया घाट को पूरी तरह से अपने आगोश में ले लिया था. कुदैसिया घाट पर बैठे पुजारी/मल्लाह पूछने पर बता रहे थे कि रात तक पानी रिंग रोड तक पहुंच जाएगा. जब हमने पूछा कि आप कहां जाएंगे? उन्होंने अपना आसन यहां से उठाकर थोड़ा और आगे खिसका देंगे. यह सब बताते हुए उन पुजारी महोदय के चेहरे पर तनिक भी शिकन नहीं थी....बाजार में लौटने को बेकरार
यह दौर शब्दों के अर्थ बदल देने का दौर है. मसलन अर्थव्यवस्था की सबसे अनुदार व्यवस्था को हम उदारीकरण के रूप में जानते हैं तो अतिशय केन्द्रित बाजार व्यवस्था को हम मुक्त बाजार कहकर संबोधित करते हैं. इसी तरह एक और शब्द के साथ आजकल पूरा न्याय नहीं होता. वह शब्द है बाजार. अस्सी के दशक के बाद भारत में उदारीकरण की जिस अनुदार अर्थव्यवस्था की शुरूआत हुई उसका विरोध भी साथ के साथ खड़ा हुआ. पिछले बीस बाईस सालों में बाजार को वाद से जोड़कर जिस बाजारवाद के खिलाफ आंदोलन चलाये गये उससे बाजार शब्द मार्केट का अनुवाद होकर रह गया....तमिलनाडु में राहुल गांधी का पदचाप
जब कांग्रेस के महासचिव राहुल गांधी तमिलनाडु जा रहे थे तो स्थानीय लोगों में इस बात की अफवाह फैल गयी कि वे अचानक ही वेल्लोर जेल में नलिनि से मिल सकते हैं. नलिनि राजीव गांधी की हत्या के आरोप में वेल्लोर जेल में बंद है और अपनी फांसी का इंतजार कर रही है. लेकिन राहुल गांधी अभी तक नलिनि से मिलने नहीं गये. कोई जरूरत भी नहीं थी क्योंकि नलिनि से जो कुछ जानना था वह प्रियंका गांधी मिलकर जान चुकी थीं और उस पर कार्रवाई भी हो चुकी है. प्रभाकरण अब जिंदा नहीं है. लेकिन राहुल गांधी ने एक और मुलाकात को टाल दिया. करुणानिधि से मुलाकात....इंटरनेट के 40 साल बनाम भारत के 14 साल
अगर दुनिया में इंटरनेट 40 साल का हुआ है तो देश में भी इसने इसी 14 अगस्त को 14 वसंत पूरे कर लिये हैं. ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि हम इंटरनेट के विकासक्रम और वर्तमान दशा तथा भविष्य की दिशा के बारे में थोड़ा जाने. दशा यह है कि देश की दस बड़ी वेबसाइटों में सिर्फ एक इण्डिया की है और वह है इण्डियाटाईम्स. और दिशा यह कि भारत की टाप 100 वेबसाइटों में सबसे अधिक पोर्न वेबसाइटें हैं. रिडिफ और इण्डिया टाईम्स को छोड़कर कोई भी समाचार वेबसाईट टॉप 100 वेबसाइट में शामिल नहीं हैं....Author info
