सरिता अरगरे
सवालों के घेरे में मुख्यमंत्री का साहस
खण्डवा में कथित तौर पर सिमी द्वारा एटीएस के एक जवान सहित तीन लोगों की हत्या के दो दिन बीतने के बावजूद अब तक आरोपी की गिरफ़्तारी नहीं हो सके है । साहस का अनूठा प्रदर्शन करने वालों को सरकार ने पुरस्कृत किया, यहाँ तक तो सब ठीक था मगर पूरे तथ्यों की जाँच- पड़ताल किये बगैर वारदात में मारे गये दो अन्य लोगों को शहीद का दर्ज़ा, परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति, राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि और उसमें मुख्यमंत्री तथा मंत्रिमंडल के सदस्यों का शामिल होना कई सवाल खड़े करता है।
मध्य प्रदेश में फिर सक्रिय हुआ सिमी, एटीएस जवान की हत्या में आया नाम
मध्य प्रदेश के खण्डवा में शनिवार को आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) के एक जवान सहित तीन लोगों की हत्या के मामले में शक की सुई प्रतिबंधित संगठन स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) पर आकर ठहर गई हैं। पुलिस ने छह लोगों को हिरासत में लिया है।...नहीं खुलेगा यूनियन कार्बाइड का ताला
मध्यप्रदेश सरकार ने यूनियन कार्बाइड का ताला खोलने का फ़ैसला टाल दिया है। हाईकोर्ट से अनुमति मिलने के बावजूद इरादा बदलने की वजह स्थानीय निकाय चुनावों की आचार संहिता लागू होना बताया जा रहा है। राजनीतिक शोशेबाज़ी के लिये पहचाने जाने वाले गैस राहत मंत्री बाबूलाल गौर का तर्क है कि आचार संहिता की बाध्यता के चलते फ़िलहाल कदम पीछे खींचे गये हैं ।...काम पर भारी पड़ती रिश्तेदारी
मध्य प्रदेश में नगरीय निकायों के चुनाव में उम्मीदवारी तय करने में बीजेपी और काँग्रेस ने लोकतंत्र के सभी उसूलों को ताक पर धर दिया है। दोनों ही पार्टियों ने उम्मीदवारों की काबीलियत से ज़्यादा उसकी हैसियत को तरजीह दी है । प्रमुख दलों की "नूरा कुश्ती" ने महापौर, स्थानीय निकाय के अध्यक्षों और पार्षदों की तकदीर का फ़ैसला टिकट देते वक्त ही कर दिया है ।...नहरों की खुदाई पर हाईकोर्ट की रोक
जबलपुर उच्च न्यायालय ने इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर बाँध की नहरों की खुदाई पर रोक लगा दी है। इससे पहले चीफ जस्टिस ए के पटनायक और जस्टिस अजीत सिंह की युगलपीठ ने सभी पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद मामले पर अपना फैसला सुरक्षित रखा था । खंडपीठ ने आज ११ नवम्बर को अपने फैसले में कहा कि लाभ क्षेत्र विकास (कमांड एरिया डेवलपमेंट) योजना से सामाजिक क्षति की पूर्ति और मुआवज़ा तय होने तक दोनों बाँधों के नहर संबंधी भू अर्जन तथा खुदाई कार्य पर रोक जारी रखी जाए। ...25 साल बाद खुलेगा यूनियन कार्बाइड का दरवाजा
आगामी 3 दिसंबर को भोपाल गैस त्रासदी को 25 साल पूरे हो जाएंगे इसलिए गैस पीड़ितों के बीच काम करने वाले संगठन और राज्य सरकार दुर्घटना की पच्चीसवीं बरसी बड़े पैमाने पर मनाने की तैयारी में जुट गये हैं । 25 साल बाद यूनियन कार्बाइड के कचरे को कंपनी और सरकार भले ही साफ करने में नाकाम रही हो लेकिन अब सरकार 'कचरे' को ही साफ सुथरा बताने के अभियान पर निकल पड़ी है. आगामी 20 नवंबर से सरकार कंपनी के दरवाजों को आम आदमी के लिए खोल रही है ताकि लोग आये और देंखे कि कैसे यह 'कचरा' अब जानलेवा नहीं है. ...विस्थापन से लबालब सरोवर
सरदार सरोवर बाँध के विस्थापितों के पुनर्वास का मुद्दा सियासी खींचतान में उलझकर रह गया है। पुश्तों से रह्ते आ रहे लोग देश के विकास के नाम पर अपनी ज़मीन से बेदखल कर दिये गये लेकिन ना तो नर्मदा घाटी में अब तक विकास की गंगधार बह सकी और ना ही विस्थापितों को पर्याप्त मुआवज़ा ही हासिल हो सका। हालांकि देश की आज़ादी के लिये कुर्बानी देने वालों और सीमाओं की सुरक्षा के लिये प्राण न्यौछावर करने वालों की तुलना में इन विस्थापितों के त्याग को कमतर नहीं आँका जा सकता।...Author info
