सतीश सिंह
किराये की कोख से पैदा होती 'वस्तु'
एक गरीब देश होने के कारण अमीर देश के नि:संतान दंपित्त भारत आकर यहाँ के जरुरतमंद महिलाओं की कोख को किराये पर ले रहे हैं। यह सिलसिला भारत में लगभग 5 वर्षों से चल रहा है। फिर भी इस संबंध में अभी तक किसी स्पष्ट दिशा- निर्देश का अभाव है। जरुरतमंद नि:संतान दंपित्त जरुरतमंद महिलाओं से दलालों के द्वारा संपर्क साधते हैं।
कोपनहेगन सम्मेलन का अर्थ और उसके परिणाम
कभी महात्मा गाँधी ने कहा था- इंसान की जरुरतों को प्रकृति तो पूरा कर सकती है लेकिन इंसान के लालच को नहीें । आज इंसान का लालच सभी सीमाओं को लांघ चुका है। इस लालच पर किस तरह से लगाम लगाया जाये, यही है इस सम्मेलन का प्रमुख मुद्वा। 192 देश के प्रतिनिधि इस सम्मेलन में भागीदारी करने के लिए आ रहे हैं। सभी मिल-बैठकर विचार करेंगे कि कैसे इस पृथ्वी को ग्रीन हाउस गैस के खतरों से बचाया जाये?...Author info
