Umesh Chaturvedi
किसानों की कीमत पर बचाये गये कारपोरेट
सत्यम घोटाले के मुख्य आरोपी रामलिंगराजू को आखिरकार जमानत मिल गयी है. लेकिन रामलिंगराजू की कंपनी को बचाने के लिए किसानों को कर्ज देने के लिए बनी संस्था ने 100 करोड़ रुपये बिना किसी नियम कानून का पालन किये दे दिये. सरकार के अरबों रूपए बिना किसी कागजी कार्रवाई के रिलीज कर दिए गये, उस पर सवाल कोई और नहीं, उसी संस्था के अपने ऑडिटर उठाए। मामला केंद्रीय सतर्कता आयुक्त को भेजा गया। सतर्कता आयोग अपनी जांच में चेयरमैन को दोषी पाया, लेकिन वह चेयरमैन आज भी अपनी कुर्सी पर काबिज है। जांच रफा-दफा हो गई और सबकुछ सामान्य चल रहा है।
कश्मीर में न सही, दिल्ली में कश्मीर आजाद है
सात अगस्त की देर शाम…राजधानी के जंतर-मंतर स्थित पटेल भवन की चारदीवारी से सटे लोग हाथों में अपनी मांगों की तख्तियां लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। जाकिर हुसैन कॉलेज दिल्ली के प्रोफेसर एसआर गिलानी की अगुआई में कश्मीर घाटी में सुरक्षा बलों के अत्याचार और निर्दोष(प्रदर्शनकारियों की नजर में) लोगों के खून बहाने के खिलाफ प्रदर्शन चल रहा है। ये वही गिलानी हैं, जिन्हें संसद पर हमला मामले में सुप्रीम कोर्ट बरी कर चुका है। हालांकि बरी करते वक्त उसने कहा भी था कि इस मामले में गिलानी की भूमिका पर 'गंभीर संदेह' है, लेकिन पुख्ता सुबूत न होने की वजह से उन्हें बरी किया जा रहा है।...प्रेमचंद के बहाने साहित्यकारों से दो बातें
महान कथाकार प्रेमचंद की कल जयंती बीत गई। मेरे जेहन में उनका जयशंकर प्रसाद के साथ खिंचवाई एक तसवीर ताजा हो गई है। इस तसवीर में कामायनी के रचयिता महाकवि प्रसाद धीर-गंभीर मुद्रा में खड़े हैं। लेकिन उनके साथ खड़े उपन्यास सम्राट की भंगिमा बिलकुल अलग है। उपन्यास सम्राट के फटे जूते से पैरों की अनामिका उंगली किंचित झांकती सी नजर आ रही है। प्रसाद जी की गंभीरता से ठीक उलट प्रेमचंद के स्मित होठ इससे बेपरवाह नजर आ रहे हैं।...Author info
