उमाशंकर मिश्र
दर्द से भरा दर्दपुरा
आतंकवाद की मार झेल चुके कुपवाड़ा जिले के दर्दपुरा को विधवाओं का गांव कहा जाता है, क्योंकि इस गांव में 200 से भी अधिक विधवा महिलाएं और करीब 400 यतीम बच्चे हैं। कश्मीर में जेहादी आतंकवाद की लड़ाई में दर्दपुरा के अधिकतर पुरुष आतंकवादियों की गोली के शिकार बन गए या फिर वे फौज की गोलियों से मारे गए।
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