उमाशंकर मिश्र
अवध के ग्रामीण महिलाओं की अलख
अमेठी एवं रायबरेली की ग्रामीण महिलाएं अब स्थानीय लोकजीवन में व्याप्त पितृसत्तामक अवधारणा के समक्ष चुनौती बनकर उठ खड़ी हुई हैं और बड़े पैमाने पर उन्होंने श्वेत क्रांति का आगाज किया है। डेयरी व्यावसाय में जुटी इन महिलाओं ने 240 लीटर दूध उत्पादन से काम शुरु किया, जो बढ़कर अब 80,000 लीटर के स्तर तक जा पहुंचा है और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड की मदद से यह दूध दिल्ली के बाजार तक पहंुच रहा है। उत्तर प्रदेश के परंपरागत अवधी ग्रामीण जनजीवन मे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संबल प्रदान करने वाला यह अब तक का सबसे बड़ा अभियान माना जा रहा है।
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