Anil Saumitra
नाजुक दौर में भी दिशाहीन
देश में जन आंदोलनों के उभरते नये दौर में आरएसएस कहां है? रामदेव का सत्याग्रह हो या फिर अन्ना हजारे का भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू की गई मुहिम, राजनीतिक या सामाजिक तौर पर आरएसएस की क्या भूमिका है? सिर्फ भ्रष्टाचार ही नहीं, सांप्रदायिकता भी एक बड़ी समस्या के तौर पर परेशानी का सबब है। सामाजिक-आर्थिक चुनौतियां भी देश के सामने मुंह बाए खड़ी हैं। ऐसे वक्त में संघ निश्चित रूप से अपनी उपस्थिति दिखाने के लिए प्रयासरत है। उज्जैन में संघ और उससे जुड़े संगठनों ने एक जगह आकर इस बारे में विचार विमर्श भी किया लेकिन क्या संघ की स्थिति ऐसी है कि वह इन चुनैतियों को अपने लिए अवसर में तब्दील कर पाएगा? संघ के लिए तो यह सिद्ध करना भी कठिन हो गया है कि वह समाज का संगठन है, न कि समाज में संगठन है। ... Full story
कारपोरेट किलिंग की शिकार हुई शेहला मसूद !
चर्चित आरटीआई एक्टीविस्ट शेहला मसूद मामले में जाँच की दिशा लगभग तय हो चुकी है। शुरुआती जाँच में मिले आत्महत्या के कुछेक संकेतों को अब दरकिनार कर दिया गया है। पुलिस इसे हत्या का प्रकरण मानकर ही जाँच करेगी। मध्यप्रदेश में नेता प्रतिपक्ष राहुल सिंह और केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने भी इस मामले में हस्तक्षेप किया है। कांग्रेस ने इस हत्याकांड को राजनैतिक तूल देने की भी कोशिश की है। मामला और अधिक तूल पकड़े इसके पहले ही मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सीबीआई जाँच की मांग पर अपनी सहमति जता दी है। राज्य पुलिस ने इसके लिए जरूरी औपचारिकताओं पर काम करना शुरु कर दिया है। मुख्यमंत्री ने पहले ही यह जता दिया था कि पुलिस को अगर हत्यारों और हत्या के कारणों का पता लगाने में देरी लगती है तो जाँच सीबीआई के हवाले कर दिया जायेगा। उन्होंने यह भी कहा था कि आरोपी चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो उसे छोड़ा नहीं जायेगा। प्रदेश के गृहमंत्री उमाशंकर गुप्ता के अनुसार सीबीआई द्वारा जाँच शुरु करने तक भोपाल पुलिस अपनी जाँच-पड़ताल जारी रखेगी। ... Full story
