Ashish Kumar
माया साहब को समझना है तो बाबा साहब को समझो
अम्बेकडकरवादी प्रो एल. कारुण्यकरा, डॉ बाबा साहब अंबेडकर दलित और आदिवासी अध्ययन केन्द्र, वर्धा के निदेशक हैं। प्रोफेसर कारुण्यकरा दलित चिंतक के रूप में मानते हैं कि मायावती जो कर रही हैं उसमें कुछ गलत नहीं है। उनकी राजनीति में दलित उत्थान के बीज छिपे हुए हैं। प्रोफेसर कहते हैं कि जो लोग मायावती को आज राजनीतिक रूप से घेर रहे हैं असल में वे किसी दलित नेता के उत्थान को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। एक दलित चिंतक से मायावती की राजनीति को समझने की कोशिश की आशीष कुमार अंशु ने- ... Full story
डिग्गी पैलेस में साहित्य की डुगडुगी
इसे संयोग ही कहा जाएगा कि 22 जनवरी को जयपुर में पंडित झाबरमल्ल शर्मा स्मृति व्याख्यान में प्रेस परिषद के अध्यक्ष पूर्व न्यायाधीश मार्कण्डेय काटजू जब बोल रहे थे कि “देश और लोगों की असली समस्याओं से भटकाने के लिए जनता को धर्म, फिल्म, क्रिकेट और गैर जिम्मेदार मीडिया की अफीम का नशा दिया जा रहा है.”, उसी दौरान जयपुर में ही एशिया के सबसे बड़े साहित्यिक उत्सव जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल का तीसरा दिन ओप्रा विन्फ्रे को पाकर अभिभूत था. पूरा डिग्गी पैलेस प्रसिद्ध टीवी एंकर ओप्रा विन्फ्रे के प्रशंसकों से अटा पड़ा था. हजारों की संख्या में लोग ‘नो इंट्री’ के बाद भी डिग्गी पैलेस के अंदर दाखिल होना चाहते थे. ... Full story
