Saleem Akhtar

कौन हो सकता है भारत का ’विकीलीक्स’

रवीश कुमार ने तीन दिन पहले फेसबुक पर सवाल किया था कि भड़ास4मीडिया, मौहल्ला लाइव या विस्फोट में से कौन भारत का विकीलीक्स हो सकता है? कुछ लोगों ने इस सवाल को भले ही मजाक में उड़ा दिया हो, लेकिन रवीश का सवाल बहुत मौजू है और इस सवाल के बहाने वेब मीडिया के बारे में बहस की जा सकती है। ... Full story

आजम खान तो आ गये पर करेंगे क्या?
 

आजम खान तो आ गये पर करेंगे क्या?

आजम खान की समाजवादी पार्टी में बहुप्रतीक्षित वापसी बहुत ही भावुक अंदाज में हुई। इतनी भावुकता यश चोपड़ा और करन जौहर की फिल्मों में ही देखने को मिलती है। भावुकता में ही दोनों के आंसू छलक पड़े और मुलायम सिंह यादव ने आजम खान को ’किस’ भी किया। फिल्मों की तरह बिछड़ने-मिलने की इस कहानी का आजम-मुलायम की नजर में हैप्पी एंड तो हो सकता है, लेकिन इस बात को मुसलमान तय करेंगे कि हैप्पी एंड हुआ है या पिक्चर अभी बाकी है। ... Full story

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Saleem Akhtar Saleem Akhtar देश के अनेक समाचार-पत्रों में सामायिक मुद्दों पर लेख आदि लिखने के साथ ही टेक्निकल पुस्तकों का स्वतन्त्र लेखन। लेखन या पत्रकारिता का कोई कोर्स नहीं किया। लिखने की शुरुआत 1984 से दिल्ली से प्रकाशित होने वाले 'हिन्दुस्तान' और 'नवभारत टाइम्स' में सम्पादक के नाम पत्रों से की थी। हौसला बढ़ा तो सम्पादकीय पेज पर छपने के लिए लिखना शुरु किया। मशहूर पत्रकार स्व0 उदयन शर्मा मेरे आइडियल रहे हैं। इसलिए कलम का इस्तेमाल हमेशा ही फिरकापरस्त ताकतों के खिलाफ और दबे-कुचले लोगों के पक्ष में चली है। जनवादी लेखक संघ से भी जुड़ा हुआ हूँ।

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