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भाजपा सरकार का पुरस्कार लेने से मेधा पाटकर का इंकार

एक तरफ कर्नाटक में पोर्नगेट खुला हुआ है तो दूसरी ओर कर्नाटक की भाजपा सरकार को एक नैतिक झटका दिया है मेधा ...

मानवाधिकार को भी बनाओ मुद्दा

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के बीच अब जबकि भ्रष्टाचार भी कोई मुद्दा नहीं रह गया है एक मानवाधिकार संगठन ने सभी ...

दागदार प्रायोजकों का लिटरेरी फेस्टिवल
 

दागदार प्रायोजकों का लिटरेरी फेस्टिवल

जयपुर साहित्य सम्मेलन (जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल) अंग्रेजी भाषा का उम्दा साहित्य सम्मेलन समझा जाने लगा है. हर साल इस सम्मेलन में अंग्रेजी के अच्छे साहित्यकार और रचनाकार हिस्सा लेते हैं. लेकिन पिछले साल से यह सम्मेलन जो विवादों में घिरना शुरू हुआ तो इस साल भी विवादों में घिरने का उसका यह क्रम जारी है. सलमान रुश्दी के आने के अलावा बड़े पैमाने पर विदेशी कंपनियों से स्पांसरशिप लेने के कारण नागरिक समाज में इस सम्मेलन की मंशा पर गंभीर सवाल उठाये जाते रहे हैं. ... Full story

दलाली के पैसे से दिया जाएगा पत्रकारिता का रामनाथ गोयनका अवार्ड
 

दलाली के पैसे से दिया जाएगा पत्रकारिता का रामनाथ गोयनका अवार्ड

पत्रकारिता में मील पत्थर गाड़ने का दावा करनेवाले अखबार की दशा देखिए. किसी जमाने में केन्द्र सरकार से टकराव मोल लेनेवाले रामनाथ गोयनका ने आपातकाल के दौरान भी अपने अखबार से कोई समझौता नहीं किया लेकिन उन्हीं का अखबार और उन्हीं के नाम पर दिया जाने वाला पत्रकारिता का पुरस्कार दलाली के पैसे से दिया जा रहा है. खुद को हिम्मतवाला अखबार कहनेवाले अखबार द इंडियन एक्सप्रेस द्वारा आयोजित रामनाथ गोयनका अवार्ड के लिए ऐसे प्रायोजक जुटाएं हैं जिनके लिए अखबार खुलेआम दलाली करता है. ... Full story

पांच साल में गैर सरकारी संगठनों को मिला पचास हजार करोड़
 

पांच साल में गैर सरकारी संगठनों को मिला पचास हजार करोड़

देश में गैर सरकारी संगठनों की सक्रियता और उनके मिलनेवाली विदेशी सहायता का अंदाज इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले पांच सालों में गैर सरकारी संगठनों को लगभग पचास हजार करोड़ का विदेशी अनुदान मिला है. इसमें अमेरिका भारतीय गैर सरकारी संगठनों के लिए सबसे बड़ा दानदाता है. पिछले पांच सालों में अकेले अमेरिका ने भारतीय गैर सरकारी संगठनों को 10,337 करोड़ रुपये का अनुदान दिया है. ... Full story

अक्षय उर्जा की ओर दस कदम
 

अक्षय उर्जा की ओर दस कदम

भारत में कुडनुकुलम की चर्चा इन दिनों खूब है. कुडनुकुलम की चर्चा के पीछे का राज हमारी उर्जा जरूरतों को पूरा करने का तर्क है. हमारे पूर्व राष्ट्रपति और देश के सम्मानित वैज्ञानिक एपीजे अब्दुल कलाम तक ने कहा है कि कुडनुकुलम की परमाणु उर्जा परियोजना का विरोध बंद कर देना चाहिए क्योंकि वह हमारी उर्जा जरूरतों के लिए जरूरी है. अपनी उर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए भारी भरकम और खतरों से भरी उर्जा परियोजनाएं लगाना क्या इतना जरूरी है? शायद नहीं. उर्जा की हमारी जरूरतें हमारे अपने साधनों से भी पूरी हो सकती हैं. कम से कम ग्रीनपीस की एक रिपोर्ट तो हमें उम्मीद की वही किरण दिखा रही है. ... Full story

अरुणा रॉय जो कि इस वक्त राष्ट्रीय सलाहकार परिषद की सदस्य हैं
 

अब आया लोकपाल का तीसरा प्रपोजल

केन्द्र की कांग्रेसी सरकार के फूट डालो और राज करो का फार्मूला कामयाब हो रहा है यही कारण है कि अब लोकपाल पर अन्ना हजारे और उनकी टीम को कमतर साबित करने के लिए सिविल सोसायटी की ओर से ही एक तीसरे लोकपाल का प्रपोजल सामने आ गया है. हालांकि इसे सामने रखा है नेशनल कैम्पेन फार पीपुल्स राइट टू इन्फार्मेशन ने जिसमें राष्ट्रीय सलाहकार परिषद में शामिल अरुणा रॉय सहित कई पूर्व सरकारी नौकरशाह और रिटायर्ड जज शामिल हैं. ... Full story

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  1. बाढ़ से ज्यादा झूठ का प्रकोप (5.00)

  2. अब शुरू हुआ असली खेल (5.00)

  3. आसान नहीं है कश्मीर का समाधान (5.00)

  4. अशोक चव्हाण ने इस्तीफा दिया, कलमाड़ी हटाये गये (5.00)

  5. बुर्के को बैन करो! (5.00)

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Seetaram Yechuri

Seetaram Yechuri

हैदराबाद के ब्राह्मण कुल में पैदा हुए सीताराम येचुरी भारत में कम्युनिस्ट आंदोलन के कुछ चेहरों में एक बन गये हैं. सेंट स्टीफेन और जेएनयू से शिक्षा. 1974 में एसएफआई में सक्रिय और बाद में सीपीआईएम से जुड़े. 1984 में सीपीआई सेन्ट्रल कमेटी में शामिल हुए. वर्तमान में सीपीआई (एम) पोलित ब्यूरो के मेम्बर और ऐसे सक्रिय राजनीतिज्ञ जिनसे मिलने की तमन्ना बराक ओबामा भी रखते हों.