जन-जीवन
जाट आरक्षण की ज्वाला
होली की होलिका जलाकर जाट आंदोलन भले ही खत्म हो गया हो, लेकिन भारतीय राजनीति में आरक्षण को लेकर जो आग दोनों बड़े दलों कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी ने लगाई है, उसकी कीमत देश को आगे भी चुकानी पड़ेगी। मौजूदा जाट आंदोलन को लेकर उत्तर प्रदेश और हरियाणा की राज्य सरकारों के साथ केंद्र सरकार का जो चलताऊ रवैया रहा है, उससे आरक्षण आंदोलन को लेकर भारतीय राजनीति के भावी कदमों का आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है। ... Full story
चौपट राजा की 'मेहरबानी' से बरबाद होते किसान
इस बार के बजट में जिन अच्छे और ईमानदार किसानों की बात यूपीए सरकार कर रही है। उनका ख्याल वित्तीय वर्ष 2007-2008 के दरम्यान घोषित कर्ज माफी में क्यों नहीं रखा गया था ? इस मुद्दे पर सरकार को जरुर मंथन करना चाहिए। बतौर बैंककर्मी कर्ज माफी की घोषणा को अमलीजामा पहनाने के क्रम में मेरी सक्रिय भूमिका रही थी। उस वक्त मैं मघ्यप्रदेश के विदिशा जिले के लटेरी तहसील के एक ग्रामीण शाखा मुरवास में शाखा प्रबंधक के रूप में पदस्थापित था। मैंने स्वंय अपनी देख-रेख में सरकार के दिशा-निर्देशों की हद में रहकर कर्ज माफी के हकदारों की सूची तैयार करवाई थी। ... Full story
अनाधिकृत कालोनियों पर अधिकृत दावेदारी
दिल्ली कई अनाधिकृत कालोनियों को अपनी गोद में समाए हुए है जहाँ आबादी का एक बहुत बड़ा वर्ग निवास करता है। इस बड़े वर्ग का विकास तभी संभव है जब इन्हें एक खुला वातावरण मिले। सरकार को जरुरत है अनाधिकृत निर्माण को रोकने की। अनाधिकृत कालोनियों में अपने क्षेत्र में निर्माण करने वालों को रोकने का कोई औचित्य नजर नही आता। सरकार को जरुरत है जागरुकता संबंधी कार्यक्रम चलाने की जहाँ लोग इन नियमों को अच्छी तरह से जान सकें। बिना लोगों को जागरुक किए उनके आशियानों को बनने से रोका जाएगा तो निसंदेह विरोध का स्वर मुखर होगा। ... Full story
सबरीमाला में शर्मनाक नाकामी
सबरीमाला को सबसे लोकप्रिय तीर्थस्थलों में से एक माना जाता है, यहां तक कि प्रमुख तीर्थस्थलों की वैश्विक सूची में भी उसे जगह मिलती है, जहां वेटिकन और कुंभ जगह साझा करते हैं. यहां तक कि फोर्ब्स ट्रेवेलर भी इस जगह को 'विश्व के दस सर्वाधिक लोकप्रिय धार्मिक तीर्थस्थल' की सूची में रखता है. विडंबना यह है कि सालाना करीब छह करोड़ सैलानियों(घरेलू और विदेशी दोनों) को आकर्षित करने वाला यह तीर्थस्थल अपने यहां आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए सुरिक्षत स्थान बनने में नाकाम रहा है. ... Full story
न्याय सुधार की दिशा में सकारात्मक पहल
ज्युडिशियल स्टैंडर्ड एंड अकाउंटएबिलिटी बिल -२०१० संभवत: गत वर्ष की सबसे महत्वपूर्ण सुधारात्मक सरकारी पहल है। न्यायपालिका भारत के सशक्त लोकतंत्र के स्तंभ का सबसे मजबूत आधार है। कमजोर और अशक्त न्यायपालिका का सीधा असर लोक्तान्त्रिक व्यवस्थाओं और संस्थाओं पर पड़ता है। आजादी के बाद भारत में जिस तरह से धीरे –धीरे न्याय –प्रणाली और पद्धति क्षतिग्रस्त हो रही है, वह आम जनता के इस संस्था पर विश्वास को हिलाने के लिए बहुत हैं |लेकिन जिस तरह से हर बीमारी का उपचार सम्भव है ,वैसे ही न्याय –व्यवस्था से जुड़े अच्छे लोग जनता के डगमगते विश्वास को वापस लाने का प्रयास कर रहें है। केंद्र सरकार की यह पहल इसी दिशा में है। ... Full story
शोध के साथ श्रद्धा की जरूरत
बहुत कम लोगों को पता होगा कि भारत ही नहीं एशिया का पहला इंजीनियरिंग कालेज कहां बना था? आप जानते हैं वह कब और क्यों बना? यह जानना इसलिए भी जरूरी है कि आज तकनीकि का जो हमारा थोड़ा पढ़ा लिखा समाज है उसकी नींव में हमारे वे अनपढ़ लोग रहे हैं जिनको हमने दुत्कार कर अलग कर दिया. लेकिन शायद ही इसके बारे में किसी को पता हो. मुझे चार-पांच आईआईटी में जाने का मौका मिला है. मैंने वहां के फैकल्टी से भी यह जानने की कोशिश की कि क्या उन्हें पता है कि इंजीनियरिंग की पढ़ाई कहां से शुरू होती है. ... Full story
अधिकार मिला, सूचना नहीं
सूचना अधिकार कार्यकर्ता मनीष सिसोदिया ने ‘अपना पन्ना’ (सूचना अधिकार की मासिक पत्रिका) के माध्यम से सूचना अधिकार की लोकप्रियता और इसके मार्ग में बाधा को लेकर एक सर्वेक्षण किया। इस सर्वेक्षण से यह बात सामने आई कि देश भर में सूचना के अधिकार की शक्ति से जन-जन को परिचित कराने में मीडिया ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ... Full story
मेरा बेटा भूत नहीं है
विकलांग बेटे , विधवा बहु और उनके बच्चों के साथ झोपड़ी के किसी कोने में दुबकी माया बार बार आवाज देने पर भी दरवाजा नहीं खोलती है ,जब खोलती है तो उसकी आँख में आंसू और हाँथ में हंसिया होती है |"कौन हौवा तू ?"माई पत्रकार है, बतियाना चाहते हैं -बेटे के इशारे पर वो अपना हंसिये वाला हाँथ नीचे कर लेती है और आँचल से आँखों का आंसू पोंछ मुझे खटिया पर बैठने का इशारा करते हुए नाती को खटिया के नीचे रखा खाना अन्दर ले जाने को कहती है |इसके पहले की मै बैठ कर अपने झोले से डायरी निकालूं ,वो अचानक मेरा पाँव पकड़ कर बिलख पड़ती है "भैया हमार बेटवा भूत नाही हौ "! मै एक झटके में अपने पाँव खींचकर बोलता हूँ "जानता हूँ तुम्हारा बेटा भूत नहीं है"। ... Full story
हां, तो यह हुआ फैसला 43 हजार रुपये दो और दुल्हन हुई तुम्हारी
कुछ इसी तरह से एक पति से दूसरे पति तक दुल्हन भेजने की नाता प्रथा आज भी राजस्थान में प्रचलित है। राजीमंदी से यह प्रथा समाज को मान्य भी है। इसके लिए बकायदा पंचायत भी बैठती है। पंचायत के निर्णय को मानने के लिए दोनों पक्षों की एक-एक लड़की को बांध कर पंचायत की बैठक के बीच में रखा जाता है। ऐसा ही एक ताजा मामला राज्य के झालावाड़ जिले के भवानीमंडी में शुक्रवार को सामने आया। ... Full story
मोदी के पक्ष में है देश का मूड
मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन यानी यूपीए सरकार निश्चित तौर पर अपनी ज़मीन खोती जा रही है. यूपीए के सत्ता में तीन साल तक बने रहने के मौके पर एबीपी न्यूज़-नीलसन के सर्वे तो यही चुग़ली कर रही है. देश के 28 शहरों में 9000 लोगों पर किये गये एक सर्वे के आधार पर एबीपी-निल्सन का कहना है कि देश राहुल गांधी की बजाय नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री के बतौर देखना चाहता है और अबकी चुनाव में यूपीए की पराजय तय है. ... Full story


