देश प्रदेश
बदला बदला सा पंजाब नजर आता है
आज 27 मार्च है। बहुत सालों बाद आज पंजाब की सडक़ों पर फिर से अर्ध सैनिक बल दिखाई दे रहे हैं। पंजाब के हर अखबार में वन टू टैन एक ही खबर है। बलवंत सिंह राजोआना की रिहाई को लेकर 28 मार्च को पंजाब बंद करवाने की विज्ञिप्तियां छपी हैं। बयान देने वाले नाम भी कई सालों बाद पढऩे को मिल रहे हैं। वही, जो अलगाव को हवा देने वाले चेहरे हैं, फिर से नमूदार होने लगे हैं। ... Full story
सरकारी धन कुबेरों का प्रदेश
मध्य प्रदेश में शायद ही कोई सप्ताह ऐसा जाता हो जब किसी अफसर, इंस्पेक्टर, क्लर्क, चपरासी, ठेकेदार, व्यापारी, नेताओं के दलाल आदि के यहाँ आयकर या लोकायुक्त का छापा न पड़ता हो या और उस छापे में अकूत धन सम्पत्ति आदि न बरामद होती हो। बरामद की गयी ये अनुपातहीन सम्पत्ति रिश्वत, कमीशन, आदि के द्वारा अर्जित की जाती है जो या तो अदालत दर अदालत लम्बे चले मुकदमों के बाद वापिस उसी व्यक्ति के पास पहुँच जाती है, या मामूली जुर्माने आदि लगा कर मामले को रफा दफा कर दिया जाता है। ... Full story
भेदभाव का शिकार उत्तर बिहार
हाल के वर्षों में बिहार ने विकास के नए प्रतिमान गढ़े हैं. एक वक़्त का पिछड़ा बिहार धीरे धीरे विकासशील राज्यों की दौड़ में अपनी जगह बना चुका है. जाहिर तौर पर इसका श्रेय बिहार के नए नेतृत्व को मिल रहा है. एक वक़्त बाढ़, बीमारी, अपराध, माफिया और सामुहिक तथा जातीय नरसंहारों की वजह से चर्चित बिहार आज कुशल नेतृत्व, बेहतर कानून व्यवस्था, चमचमाती सड़कों और विकास के अन्य मानकों की वजह से पूरे देश में जाना जा रहा है. बेशक राज्य का माहौल बदला है, नए राजनीतिक नेतृत्व ने लोगों का भरोसा भी जीता है. कानून व्यवस्था के सुधरे हालात ने निवेशकों का भरोसा भी बढाया है, लेकिन असंतुलित क्षेत्रीय विकास की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है. ... Full story
कहीं पे निगाहें, कहीं पर निशाना
कहीं पे निगाहें, कहीं पे निशाना का यह सटीक उदाहरण है। यानी जाट आरक्षण को लेकर आंदोलन हरियाणा के हिसार में हो रहा है और परेशान उत्तर प्रदेश में अजित सिंह हो रहे हैं। हांलाकि छोटे चौधरी पके हुए सियासतदां हैं। उलझन जाहिर नहीं होने दे रहे हैं, लेकिन वह जानते हैं कि हरियाणा में भड़काए गए इस आंदोलन से यूपी जाट लैंड अछूता नहीं रहेगा। ... Full story
ममता बनर्जी से बंगाल को एलर्जी
4 साल के वामपंथी शासन से पश्चिम बंगाल को मुक्त कराने वाली ममता बनर्जी की मां-माटी-मानुष की सरकार का हनीमून शायद खत्म हो चुका है। वामपंथियों के खिलाफ ममता बनर्जी को राज्य की जनता ने पिछले विधानसभा चुनावों में पलकों पर बैठाया था, और उम्मीद की थी कि सादगी का पर्याय मानी जाने वाली ममता बनर्जी बंगाल में पारदर्शिता के साथ साफ-सुथरा प्रशासन देंगी, लेकिन हाल की कुछ घटनाओं से ममता बनर्जी की सरकार पर तर्जनी उठने लगी हैं। ... Full story
केरल के कामरेड ईसा
आजकल केरल में बड़ी मजेदार राजनीतिक बहस चल रही है। इस बहस में अभी तो सिर्फ स्थानीय कम्युनिस्ट नेता और पादरी लोग ही उलझे हैं, लेकिन यह बहस यदि थोड़ी लंबी जाए तो यह विश्व-स्तर की भी बन सकती है। केरल के कम्युनिस्टों ने ईसा मसीह को एक महान क्रांतिकारी बताकर ... Full story
जल, जंगल और आसमान सब खा रहे हैं शिवराज चौहान
चाल, चरित्र और चेहरा जैसी नैतिक बातें करने वाली भाजपा और शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली इस सरकार की चाल लडखड़़ा चुकी है। चरित्र, कांग्रेसियों से ज्यादा बिगड़ चुका है और असली चेहरा भी धीरे-धीरे सामने आ चुका है। इसी सरकार से जुड़े लोग, मसलन प्रदेश के मंत्री, निगम-मंडल अध्यक्ष, विधायक और सांसद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व भ्रष्टाचार की वैतरणी में कूद-कूद कर डुबकियां लगा रहे हैं। ... Full story
नटवर नागर नीतीश कुमार
पक्षधर पत्रकारों के बीच अपनी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले वर्ष की उपलब्धियों का रिपोर्ट-कार्ड जारी करने में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आंकडों का भ्रमजाल परोसने में कोई कसर नहीं छोडी। अर्थव्यवस्था और वित्तीय प्रबंधन में चौतरफा विकास से आरंभ यह भ्रमजाल अपराध नियंत्रण और नई नियुक्तियों के आंकडों में उलझ जाता है। सरकार की उपलब्धि बीते साल भर में बने कानूनों के रूप में प्रकट होती है। ‘न्याय के साथ विकास-यात्रा’ नामक रिपोर्ट कार्ड के 84$4 पन्नों में 114 बार छपी मुख्यमंत्री की तस्वीरें सर्वाधिक आकर्षक हैं। जहां स्वयं नीतीश नहीं हैं, वहां उनके डिप्टी सुशील मोदी नजर आते हैं। ... Full story
भंवरी का भंवरजाल
भंवरीदेवी के भंवर में राजस्थान सरकार की खासी फजीहत हो रही है। सितंबर माह में गायब हुई भंवरीदेवी का मामला रफा-दफा हो गया होता यदि मीडिया ने हंगामा न खड़ा किया होता। सितंबर माह में भंवरीदेवी गायब हुई। सत्ता के सर्वशक्तिमान बिरादरी के समक्ष स्वास्थ्य विभाग की तृतीय या चतुर्थ श्रेणी की कर्मचारी भंवरी देवी की खबर सुर्खियों में भी न आती, कम से कम राष्ट्रीय मीडिया तक उसकी पहुंच बनना असंभव न सही मुश्किल जरूर था। 6 सितंबर को ‘विस्फोट.कॉम’ पर भंवरी देवी के लापता होने की खबर चली और मामला सुर्खियों में छाते ही तूल पकड़ लिया। अशोक गहलोत सरकार व्यभिचार के इस गर्त में गहरे फंस गई है। महिपाल मदेरणा की गर्दन तक सीबीआई का हाथ पहुंच चुका है। ... Full story
बड़ी कठिन है डगर गहलोत की
राजस्थान की राजनीति में जो रेतीला बवंडर उठा था उसने अपनी आगोश में केवल एक मंत्री को ही नहीं लिया है। पूरा का पूरा मंत्रिमंडल भंग कर दिया गया है। सभी मंत्रियों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत में विश्वास दिखाते हुए अपना इस्तीफा उन्हें सौंप दिया है ताकि वे मंत्रिमंडल का पुनर्गठन कर सकें। लेकिन राजस्थान के जो राजनीतिक हालात हैं उसे देखकर ऐसा लगता है कि गहलोत के लिए आगे की डगर और भी मुश्किलों से भरी है। ... Full story
मोदी के पक्ष में है देश का मूड
मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन यानी यूपीए सरकार निश्चित तौर पर अपनी ज़मीन खोती जा रही है. यूपीए के सत्ता में तीन साल तक बने रहने के मौके पर एबीपी न्यूज़-नीलसन के सर्वे तो यही चुग़ली कर रही है. देश के 28 शहरों में 9000 लोगों पर किये गये एक सर्वे के आधार पर एबीपी-निल्सन का कहना है कि देश राहुल गांधी की बजाय नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री के बतौर देखना चाहता है और अबकी चुनाव में यूपीए की पराजय तय है. ... Full story



