देश विदेश
अरब बसंत बीत जाने के बाद
एक पूर्व निर्धारित पटकथा के अनुसार नाटो समर्थित विद्रोहियों के हाथों कर्नल मुअम्मर गद्दाफी के मारे जाने के साथ ही लीबिया में न सिर्फ गद्दाफी की ४२ वर्षों पुरानी हुकूमत बल्कि इसके साथ एक युग का अंत हो गया. आप चाहें तो कह सकते हैं कि अरब वसंत के साथ उठी जनविद्रोह की आंधी ने एक और तानाशाह और जनविरोधी हुकूमत की बलि ले ली. लेकिन पूरा सच सिर्फ इतना ही नहीं है. पूरा सच यह है कि लीबिया में जो कुछ हुआ और हो रहा है, उससे यह तय हो गया है कि अरब वसंत का नेतृत्व एक बार फिर अरब जनता के हाथ से निकलकर पश्चिमी आकाओं के हाथ में पहुँच चुका है. ... Full story
लीबिया को देखने का अमेरिकी नजरिया
सद्दाम के बाद अब गद्दाफी का अंत. केवल त्रिपोली में क्रांति पूरी नहीं हुई. पूरी दुनिया की मीडिया के लिए जश्न का माहौल है. एक "भयानक" "दुर्दांत" "आततायी" तानाशाह का वहां की जनता ने अंत कर दिया. भारतीय मीडिया भी इस "भयानक तानाशाह" की जायज मौत को ऐसे रिपोर्ट कर रही है मानों गद्दाफी लीबिया का नहीं बल्कि भारत का तानाशाह था और उसके मरने से भारत में लोकतंत्र वगैरह जैसी कुछ आ गया है. टीवी चैनल, इंटरनेट और अखबार समझा रहे हैं कि कैसे दुनिया से एक और "तानाशाह" का अंत हो गया और डेमोक्रेसी को एक और देश में डांस करने का मौका मिल गया है. ... Full story
नरभक्षी के वेश में आतंकवादियों का देश
सच यह है कि पाकिस्तान एक आतंकवादी देश है। सच यह भी है कि पाकिस्तान की प्रमुख आय का स्रोत आतंकवाद की खेती और आउटसोर्सिंग है। सच यह भी है कि आतंकवाद को पहले संरक्षित कर और बाद में उसके प्रबंधन के लिए डॉलर वसूलना उसकी कूटनीति है। वह जानता है कि अगर आतंकवाद समाप्त हो गया तो फिर उसे डॉलर कौन देगा? किसके पैसे पर पाकिस्तान की सेना और राजनीतिक नेतृत्व अपनी जेंबे गर्म करेंगे? बाघ के मुंह में जब मनुष्य का खून लग जाता है तब वह नरभक्षी हो जाता है। पाकिस्तान के आतंकवादी मुंह में डॉलर का खून लग गया है। डॉलर वसूलना उसकी नीति और मानसिकता रही है। डॉलर वसूलने की नीति के तहत ही उसने अलकायदा के सरगना ओसामा बिन लादेन को अपनी सैनिक छावनी की गोद में छिपा रखा था। लेकिन अमेरिका ने ओसामा बिन लादेन को मार कर पाकिस्तान के डॉलर वसूलने के उसके जन्मसिद्ध अधिकार पर सेंसर लगा दिया। ... Full story
रब्बानी-हक्कानी दांव पाकिस्तानी
बीते सप्ताह अफगानिस्तान-पाकिस्तान (अफ-पाक) मसले पर दो महत्वपूर्ण घटनाएं हुई हैं। पहली घटना है अफगानिस्तान सरकार की हाईपीस कौंसिल (उच्च शांति परिषद) के सदर बुरहानुद्दीन रब्बानी की काबूल में हत्या। दूसरी घटना है तालिबान नेता जलालुद्दीन हक्कानी के मुद्दे पर अमेरिका सैन्य अधिकारी एडमिरल माइक मुलेन के बयान पर पाकिस्तानी विदेश मंत्री रब्बानी खर द्वारा अमेरिका को दी गई खुल्लमखुल्ला चुनौती। हिना रब्बानी खर के चुनौतीपूर्ण बयान को पाकिस्तान प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी और पाकिस्तानी सेना के प्रमुख अशफाक परवेज कयानी ने जिस अंदाज में समर्थन दिया उससे साफ है कि पाकिस्तान अमेरिकी मजबूरी का हरसंभव लाभ 2012 तक उठा लेने पर आमादा है। इसी रणनीति के तहत बुरहानुद्दीन रब्बानी की हत्या भी की गई। पाकिस्तान 2012 के अमेरिकी चुनावों के पूर्व अफगानिस्तान पर तालिबान के पूर्ण नियंत्रण के लिए अमेरिकी हितों की खुल्लमखुल्ला अनदेखी करने का साहस प्रदर्शित कर रहा है। ... Full story
नेपाल में भट्टरई से जगी है नई उम्मीद
लोकतंत्र बहाली के बाद से नेपाल में नेतृत्व शून्यता की कमी निरंतर झलक रहा है। इस कमी में माओवादियों के बीच से कामरेड डॉ. बाबूराम भट्टरई एक जरूरी उम्मीद बनकर सामने आए हैं। प्रधानमंत्री भट्टरई का भारत से बेहतर रिश्ता है। इसलिए खुशी दिल्ली में भी है। बरसों की गहन नाउम्मीदी के बाद रायसीना हिल्स के साउथ ब्लॉक के कमरों में बंद रहने वाले नेपाल डेस्क के विदेशी नीति नियंताओं के चेहरे पर मुस्कान है। यह खुशी काठमांडू में भारत के नए राजदूत जयंत प्रसाद के घर में भी देखी सुनी जा रही है। खुशी इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि पारस्परिक नजदीकी सांस्कृतिक और समाजिक संबंध वाले पडोसी देश नेपाल में लगातार मिल रही कूटनीतिक विफलता से दिल्ली पर सफलता के लिए जबदस्त दबाव बढा दिया था। यह राजदूत जयंत प्रसाद के पदभार ग्रहण करने के पांचवें दिन ही आई है। ... Full story
चीन का मसौदा, लुम्बिनी का सौदा
तिब्बत में बौद्ध धर्म को नष्ट करने पर आमादा चीन नेपाल में भगवान बुद्ध के प्रेम में पागल हुआ जा रहा है. इस प्रेम की कीमत के बतौर उसने 300 करोड़ अमेरिकी डॉलर का एक सौदा नेपाल की सरकार से किया है. इस पैसे से लुम्बिनी का विकास किया जाएगा. यह रकम कितनी बड़ी है इसका अंदाज आप इससे लगा सकते हैं कि यह नेपाल के बजट का 58 फीसदी बैठता है. और आश्चर्यजनक यह है कि चीन ने यह पैसा नेपाल की अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए नहीं बल्कि बौद्ध धर्म के विकास के नाम पर दिया है. आखिर क्या कारण है चीन नेपाल में भगवान बुद्ध की जन्मस्थली लुम्बिनी को सजाने संवारने पर इतनी बड़ी रकम खर्च करने को राजी हो गया है? ... Full story
कातिल हुआ कराची
पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी कराची में जारी कत्लेआम थमने का नाम नहीं ले रहा। शहर में एक के बाद एक नए इलाके हिंसा की चपेट में आ रहे हैं। पिछले तीन दिनों में हिंसा की ताजा घटनाओं में तकरीबन 44 लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों बुरी तरह जख्मी हो गए। इस तरह मिलाकर जुलाई महीने में मरने वालों की तादात 339 तक पहुंच चुकी है। वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग की एक ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2011 के पहले छह महीनों में कराची में 1138 लोग मारे गए है जिनमें से 490 लोग सांप्रदायिक, राजनीतिक और जातीय हिंसा में मारे गए हैं। ... Full story
नापाक हाथों में पाक का परमाणु जखीरा
अमरीका में संसद की मदद के लिए एक थिंक टैंक है जिसका काम दुनिया भर के मामलों से अमरीकी संसद के सदस्यों को आगाह रखना है. समय समय पर यह संगठन अपनी रिपोर्ट देता रहता है जिसका इस्तेमाल अमरीकी सरकार की नीति निर्धारण में अहम भूमिका निभाता है. कंग्रेशनल रिसर्च सर्विस नाम के इस थिंक टैंक की ताज़ा रिपोर्ट अमरीकी विदेश नीति के नियामकों के लिए भारी उलझन का विषय बना हुआ है. भारत में भी विदेश और रक्षा मंत्रालयों के आला अधिकारी चिंतित हैं. इतनी खतरनाक खबर से भरी हुई इस रिपोर्ट के आने के बाद चिंता होना स्वाभाविक है. ... Full story
शांति के स्वर्ग में अशांति
जैसे न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए आतंकी हमलों की विभीषिका ने सारी दुनिया में हड़कंप मचा दिया था, वैसे ही ओस्लो के भीषण नरसंहार ने समूची दुनिया को दहला दिया है। लेकिन इन दोनों घटनाओं में एक बुनियादी फर्क है। फर्क यह है कि नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में किसी इस्लामी जिहादी आतंकवादी ने यह कुकृत्य नहीं किया है। लगभग एक सौ लोगों को मौत के घाट उतारने वाला वह 32 वर्षीय युवक ईसाई है और उसने अपने इस घृणित कर्म को सही सिद्ध करने के लिए ईसाइयत की ओट ली है। ... Full story
देश की दुर्गा को बांग्लादेश का सर्वोच्च सम्मान
बांग्लादेश ने भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को अपना सर्वोच्च नागरिक सम्मान देकर इतिहास के उस दौर को सम्मानित किया है, जिसकी बदौलत वह एक स्वतंत्र देश के रूप में उभर सका। शेख हसीना सरकार ने कुछ दिन पहले श्रीमती इंदिरा गांधी को ‘बांग्लादेश स्वाधीनता सम्मान’ देने की घोषणा की थी। सोमवार को ढाका में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने यह सम्मान प्राप्त किया। गौरतलब है कि बांग्लादेश की स्वतंत्रता में योगदान देने वाले 47 अन्य लोगों को बांग्लादेश मुक्ति युद्ध सम्मान और मुक्ति युद्ध मैत्री सम्मान से सम्मानित करने का फैसला किया गया है, जिनमें भारत के पूर्व विदेश मंत्री स्वर्ण सिंह भी हैं। स्वर्ण सिंह ने बांग्लादेश की आजादी के लिए कूटनीतिक समर्थन जुटाने में खास भूमिका निभाई थी। ... Full story
मोदी के पक्ष में है देश का मूड
मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन यानी यूपीए सरकार निश्चित तौर पर अपनी ज़मीन खोती जा रही है. यूपीए के सत्ता में तीन साल तक बने रहने के मौके पर एबीपी न्यूज़-नीलसन के सर्वे तो यही चुग़ली कर रही है. देश के 28 शहरों में 9000 लोगों पर किये गये एक सर्वे के आधार पर एबीपी-निल्सन का कहना है कि देश राहुल गांधी की बजाय नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री के बतौर देखना चाहता है और अबकी चुनाव में यूपीए की पराजय तय है. ... Full story



