द संडे इंडियन
अरिन्दम चौधरी का वैकल्पिक बजट
जब मैं बजट के बारे में सोचता हूं, तो जो सबसे बड़ी चिंता की बात मेरे दिमाग में उभर कर आती है, वह है कृषि क्षेत्र, किसानों और गरीबों की सरकार द्वारा शर्मनाक उपेक्षा. हालांकि देश के सभी वित्त मंत्री इनके हितों की वकालत करते रहे हैं, लेकिन किसी के लिए भी यह जुबानी-जमाखर्च से ज्यादा कुछ नहीं रहा. यह वैकल्पिक बजट भारत को और उसकी बहुसंख्यक निर्धन आबादी को समर्पित है. ... Full story
ब्लैक मनी का ब्लैक होल
हालांकि आमतौर पर इसे वैश्विक संकट और भारत के सबसे बड़े संकट के तौर पर जाना जाता है, लेकिन इस सिलसिले में अभी तक कुछ नहीं किया गया. खास तौर पर फेसबुक और दूसरी सोशल साइटों पर मौजूद ऑनलाइन मित्र, लगभग रोज ही, मुझसे इस पर लिखने के लिए कहते हैं. हां, मैं ब्लैक मनी और ब्लैक होल की बात कर रहा हूं, जिसे हमारे राजनेताओं, नौकरशाहों और कारोबारियों ने मिलकर बनाया है. ... Full story
मोदी के पक्ष में है देश का मूड
मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन यानी यूपीए सरकार निश्चित तौर पर अपनी ज़मीन खोती जा रही है. यूपीए के सत्ता में तीन साल तक बने रहने के मौके पर एबीपी न्यूज़-नीलसन के सर्वे तो यही चुग़ली कर रही है. देश के 28 शहरों में 9000 लोगों पर किये गये एक सर्वे के आधार पर एबीपी-निल्सन का कहना है कि देश राहुल गांधी की बजाय नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री के बतौर देखना चाहता है और अबकी चुनाव में यूपीए की पराजय तय है. ... Full story
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Dinesh Shakya
इटावा के रहनेवाले दिनेश शाक्य १९८९ से मीडिया में कार्यरत. १९८९ में पत्रिका हलचल से जुडे फिर साप्ताहिक चौथी दुनिया के बाद दिल्ली प्रेस प्रकाशन से जुडे,१९९६ से समाचार ए़जेसी वार्ता में २००३ मार्च तक इटावा में रिपोर्टर के रूप में काम किया, सहारा समय न्यूज चैनल में काम के साथ साथ विस्फोट.कॉम के लिए लेखन.- मोर मर रहे हैं
- घड़ियाल के आंसू निकल रहे हैं
- मुसलमानों को वाजिब हक नहीं मिला तो सपा को सबक सिखा देंगे


