भारत की कहानी

वर्तमान राष्ट्रपति भवन उस वक्त वॉयसराय हाउस के नाम से तैयार किया गया था
 

नाम नई दिल्ली, उम्र अस्सी साल

आज से ठीक अस्सी साल पहले, 10 फरवरी 1931 के दिन नयी दिल्ली को औपचारिक रूप से ब्रिटिश भारत की राजधानी बनाया गया. उस वक़्त के वाइसराय लार्ड इरविन ने नयी दिल्ली शहर का विधिवत उदघाटन किया. १९११ में जार्ज पंचम के राज के दौरान दिल्ली में दरबार हुआ और तय हुआ कि राजधानी दिल्ली में बनायी जायेगी. उसी फैसले को कार्यरूप देने के लिए रायसीना की पहाड़ियों पर नए शहर को बसाने का फैसला हुआ और नयी दिल्ली एक शहर के रूप में विकसित हुआ. ... Full story

मुट्ठीभर तेल माफियाओं के आगे बेबस हुआ देश
 

मुट्ठीभर तेल माफियाओं के आगे बेबस हुआ देश

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर देश की महामहिम राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल द्वारा राष्ट्र के नाम अपना संदेश प्रसारित किए जाने में अभी कुछ ही घंटे का समय बाकी था कि इसी बीच महाराष्ट्र राज्य के नासिक जि़ले के करीब मनमाड नामक स्थान से एक दिल दहला देने वाला सनसनीखेज़ समाचार प्राप्त हुआ। खबर आई कि पेट्रोल में मिट्टी के तेल की मिलावट करने वाले तेल माफियाओं ने एक ईमानदार व होनहार अतिरिक्त जि़लाधिकारी को 25 जनवरी,मंगलवार को दोपहर ढाई बजे के करीब मुख्य मार्ग पर सरेआम जिंदा जला कर मार डाला। ... Full story

मर रहा है मध्य प्रदेश का किसान
 

मर रहा है मध्य प्रदेश का किसान

मध्य प्रदेश में फसल बर्बाद होने और कर्ज से परेशान किसानों की आत्महत्याओं का सिलसिला थम नहीं रहा है। प्रदेश में एक महीने में अब तक दस किसानों ने आत्महत्या की है। एक ओर मध्यप्रदेश प्रदेश सरकार खेती को जहां लाभ का धंधा बनाने का राग अलापती नहीं थक रही है वहीं सरकार द्वारा किसान कल्याण व कृषि संवर्धन के लिए चलाई जा रही योजनाओं में राजनीतिक भेदभाव और भ्रष्टाचार से किसानों को सरकार की प्रोत्साहनकारी और रियायती योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। ... Full story

कोल्हाटी समाज ने लगाई समय की गुलाटी
 

कोल्हाटी समाज ने लगाई समय की गुलाटी

महाराष्ट्र में कोल्हाटी समाज की स्त्रियों को उनके नाचने-गाने के लिए जाना जाता है। उत्तर भारत के थिएटरों, मुम्बई के बीयर बारों से लेकर महाराष्ट्र के बैठकों (उत्तर भारत के मुजरा की तरह) और शादी ब्याह में नाचने-गाते इस समाज की लड़कियों को देखा जा सकता है। लेकिन बहुत कम लोगों आज यह इल्म होगा आज शराब पर शबाब बन रही कोल्हाटी किसी दौर में सिर्फ पारंपरिक नृत्य किया करती थीं। ... Full story

वीरान हुआ बीहड़
 

वीरान हुआ बीहड़

चंबल जो कि खूंखार डकैतों के शरण स्थली के रुप में जाना जाता था आजकल वीरान सा है कल तक बीहड़ो में दस्यु सरगनाओं एवं दस्युसुंदरियों के शौतिया डाह के चलते जहां चूड़ियों की खनखनाहट और गोलियों की तड़तड़ाहट चंबल में आम बात थी आज वहां सन्नाटा पसरा है । उ0 प्र0 एवं म0 प्र0 के ज्यादातर दस्यु गिरोहों के खात्में के चलते दस्युओं का खैाफ जो गा्रमीणों के सिर चढ़कर बोलता था अब नजर नही आता चंबल के निकट बसे ग्रामीण अब जब इन दस्युयों की चर्चा छेड़तें हैं तो ऐसा प्रतीत होता है कि स्थ्तिियां चाहे जो भी रहीं हो किन्तु कई दस्यु ऐसे भी रहें हैं जिन्हें आज भी लोग डकैत नही बल्कि बागी कहना ंज्यादा पसन्द करते हैं। ... Full story

एजेण्डा में सबसे ऊपर हो एजूकेशन
 

एजेण्डा में सबसे ऊपर हो एजूकेशन

एक जमाना ऐसा भी था जब बिहार देश और दुनिया में शिक्षा का महत्वपूर्ण केेंद्र था, जहां नालंदा और विक्रमशिला विश्वविद्यालय में दूरदराज से शिक्षार्थी अपनी ज्ञानपिपासा शांत करने के लिए बिहार आते थे जहां वे राजनीति, कूटनीति और दर्शन की शिक्षा ग्रहण करते थे। शायद यही वजह था कि तत्कालीन पाटलिपुत्र राज्य की प्रबंध व्यवस्था और शिक्षा के बारे में मेगास्थनीज ने अपनी पुस्तक इंडिका में जिक्र किया। ... Full story

हाँ, छिनरौ वाले तू लोग सुतल रहा!
 

हाँ, छिनरौ वाले तू लोग सुतल रहा!

इंसानियत के पवित्र शहर बनारस को एक बार फिर आतंकियों ने अपना निशाना बनाया है. बनारस के उस पवित्र घाट पर आतंकियों ने विस्फोट किया जहां आरती की घंटिया घनघना रही थीं. आंतकियों का इरादा रहा होगा कि इस विस्फोट के बाद न केवल बनारस बल्कि देश ही सन्नाटे में आ जाएगा. देश सन्नाटे में आया या नहीं, कह नहीं सकते, लेकिन बनारस सन्नाटे में कत्तई नहीं है. विस्फोट के एक दिन बाद बनारस का दौरा करनेवाले आवेश तिवारी की अनुभूति. ... Full story

दलित उद्यमियों का बढ़ता दबदबा
 

दलित उद्यमियों का बढ़ता दबदबा

पहले दलित उद्यमी गंगाराम कांबले के राज्य महाराष्ट्र में इन दिनों दलित उद्यमशीलता की नई इबारत लिखी जा रही है। कांबले ज्ञात दलित इतिहास में भारत के पहले दलित उद्यमी के तौर पर नजर आते हैं। वे शाहूजी महाराज के समकालीन थे। आज दलित समाज से निकलकर व्यवसाय में पांव जमाने वाले उद्यमियों की संख्या पूरे देश में तेजी से बढ़ रही है। लेकिन यह गति महाराष्ट्र में थोड़ी तेज है. अब महाराष्ट्र में दलित व्यवसायियों को एक मंच पर लाकर खड़ा करने के लिए दलित इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डिक्की) जैसा मंच भी तैयार हो चुका है। ... Full story

अपने होने पर ही हैरान
 

अपने होने पर ही हैरान

‘चुप्पी-चुप्पी नहीं नहीं, बोलेंगे अब सभी-सभी’ इन्हीं नारों से दाहोद (गुजरात) का सीनियर रेलवे संस्थान परिसर 31 अक्टूबर को पूरे दिन गूंजता रहा। यहां गुजरात के बड़ोदरा, पंचमहल, सुरत, भड़ूच, डांग, बालसाड और साबरकांठा जिले से लगभग तीन हजार के आस पास विमुक्त एवं घुमंतू समाज से ताल्लुक रखने वाले लोग इकट्ठे हुए थे। मौका था, अधिकार अभियान की घोषणा का। उस समाज के लिए जो इस लोकतांत्रिक देश में अधिकार का अर्थ अभी तक समझ नहीं पाएं हैं। ... Full story

परमाणु हादसाग्रस्त न्यूक्लियर कामर्स
 

परमाणु हादसाग्रस्त न्यूक्लियर कामर्स

मैक्सिको की खाड़ी में ब्रिटिश पेट्रोलियम के तेल कुएं से जो रिसाव हुआ था उसके लिए बहुराष्ट्रीय ब्रिटिश पेट्रोलियम को 34 अरब डॉलर का हर्जाना भरने के लिए कहा गया है. बीपी कंपनी केवल तैयार ही नहीं हुई है बल्कि उसने 20 अरब डॉलर (करीब 92,000 करोड़) रूपये का हर्जाना अदा भी कर दिया है. मैक्सिको की खाड़ी में हुए तेल रिसाव और किसी परमाणु रियेक्टर में भारी पानी के रिसाव में आप किसे ज्यादा खतरनाक मानेंगे? अगर परमाणु भट्टी में रिसाव को आप ज्यादा खतरनाक मानते हैं तो भला बताइये कि मैक्सिको खाड़ी में हुए तेल रिसाव से कितने गुने अधिक मुआवजा तय किया जाना चाहिए? ... Full story

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Tanveer Jafri

Tanveer Jafri

वरिष्ठ पत्रकार, समीक्षक और कालम लेखक तनवीर जाफरी वर्तमान में हरियाणा साहित्य अकादमी के सदस्य है. बेबाक लेखन के लिए जाने जाते हैं. लेखन के अलावा सांप्रदायिक सौहार्द कायम करन के सामाजिक कामों में भी सक्रिय.