राजनीति
अब बोलो रामदेव!
करीब साल भर पहले यह लेख लिखा था. उन दिनों रामदेव राजनीति में आने की घोषणा करके देशभर में दौड़ लगा रहे थे. लेकिन साल नहीं बीता होगा राजनीतिक दलों ने उन्हें अपने निशाने पर ले लिया है. काले धन के बहाने कांग्रेस पर हमला करनेवाले रामदेव पर कांग्रेस ने उनके धन पर सवाल खड़ा किया है जो सीधे तौर पर रामदेव की राजनीतिक महत्वाकांक्षा पर लगाम लगाएगी. रामदेव की राजनीति पर करीब साल भर पहला लिखा गया लेख जो कह रहा था करीब साल भर बाद वह सच सामने आने लगा. हालांकि यह बात दीगर है कि उस वक्त ढेरों लोगों ने इस लेख के लिए हमें सूली दिखा दी थी. ... Full story
वाया भाजपा कांग्रेस का सफाया
देश के पांच राज्यों की छः विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के संदेश भारतीय जनता पार्टी के लिए अच्छी खबर लेकर आए हैं। मध्यप्रदेश, छ्त्तीसगढ़, झारखंड, गुजरात की पांच विधानसभा सीटों पर भाजपा की जीत बताती है कि कांग्रेस ने कई राज्यों में मैदान उसके लिए छोड़ दिया है। यह एक संयोग ही है कि इन सभी राज्यों में भाजपा ही सत्तारूढ़ दल है। झारखंड की खरसांवा सीट की बात न करें, जहां राज्य के मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा खुद उम्मीदवार थे तो बाकी सीटों पर बड़े अंतर से भाजपा की जीत बताती है कि कांग्रेस इन चुनावों में गहरे विभ्रम का शिकार थी जिसके चलते मध्यप्रदेश की दोनों सीटें कुक्षी और सोनकच्छ दोनों उसके हाथ से निकल गयीं। ये दोनों कांग्रेस की परंपरागत सीटें थीं,जहां कांग्रेस का लंबे अंतर से हारना एक बड़ा झटका है। मध्यप्रदेश की ये दोनों सीटें हारना दरअसल कांग्रेस के लिए एक ऐसे झटके की तरह है जिस पर उसे गंभीरता से विचार जरूर करना चाहिए। ... Full story
चुनावी समर में ताल ठोकने को तैयार नौकरशाह
उत्तर प्रदेश में चुनाव की आहट के साथ ही चौक-चौराहों और सरकारी दफतरों में माहौल गरमाने लगा है। हालांकि यहां होने वाले विधानसभा चुनाव में अभी एक साल का समय बाकी है लेकिन लोगों का रूझान देखकर ऐसा लगता है जैसे चुनाव का समय हो। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर जहां राजनीतिक दल अपनी गोटियां सेट करने में लगे हुए हैं वहीं प्रदेश के नौकरशाह भी चुनावी समर में ताल ठोकने को तैयार हैं। ... Full story
न मामा को पोस्टर में जगह, न भांजे को सरकार में ठौर
आपने फिल्म हिंदी राजनीति तो देखी ही होगी। तो आपको नाना पाटेकर का वो डॉयलॉग भी याद होगा राजनीति में कुछ सही गलत नही होता, बस लक्ष्य साधने की बात होती है। नाना पाटेकर का ये डॉयॉलोग मध्यप्रदेश की राजनीति में सही साबित हो रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्वास्थ्य मंत्रालय का अतिरिक्त जिम्मा अपने विश्वसनीय सहयोगी नरोत्तम मिश्रा को देकर यही सिद्ध किया है। इसके साथ ही अब उन अटकलों पर विराम लगता दिखाई दे रहा है, जिनमें कहा गया था कि अनूप मिश्रा की मंत्रिमंडल में वापसी जल्द होगी। इससे अनूप व उनके समर्थकों में जहां नाराजगी है वहीं यह भी संभावना व्यक्त की जा रही है कि यह कही अनूप मिश्रा का राजनीतिक विराम तो नहीं है? क्योंकि अनूप मिश्रा का अपना कोई राजनीतिक वजूद नहीं है। वे अपने मामा और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम और रहमों-करम पर राजनीति कर रहे थे। ... Full story
तहखाने से निकालकर फिर तीसरे मोर्चे की तैयारी
वर्तमान राजनैतिक स्थितियों में कोई भी पार्टी अकेले अपने दम पर कम ही सरकार का निर्माण कर पाती है। इसीलिए वह चुनाव पूर्व ही गठबंधन कर लेती है। पर जो पार्टियां सीधे चुनावी लड़ाई से बाहर रह जाती हैं, वह अपने राजनैतिक हस्तक्षेप के लिए तीसरे मोर्चे का गठन करती हैं। इस साल भारतीय राजनीति का उत्सव अपने चरम पर होगा। साल की पहली छमाही में ही देश के पांच राज्यों में चुनाव होने हैं। उसकी सुगबुगाहट अभी से नजर आने लगी है। पक्ष-विपक्ष सभी अपनी तैयारियों में जुट गए हैं। अब तीसरे मोर्चे की बात भी होने लगी है। लोगों को मानना है कि भारतीय राजनीति में तीसरे मोर्चे की जगह है। पर यह तीसरा मोर्चा कितना महत्वपूर्ण है और कितना प्रभावी होगा, इस पर अलग-अलग राय है। वह स्वाभाविक भी है। क्योंकि, अब तक जिस तीसरे मोर्चे की बात होती रही है वह संवैधानिक रूप से तो भारत में है। पर उसकी सही मायने मेंं कोई हिस्सेदारी नहीं है। ... Full story
'वाइब्रेंट गुजरात' को रोकने के लिए लाल चौक का पाखंड
पिछले तीन दिनों से भाजपा के तिरंगा अभियान ने देश में गर्मी ला दी थी। एकबारगी भाजपा के नेताओं ने महसूस करा दिया था, कि लाल चौक भारत के कब्जे में नहीं, पाकिस्तान के कब्जे में है। भाजपा का पाखंड और कांग्रेस के उदंड ने मीडिया को एक जोरदार मसला दे दिया था। तीन दिन तक खूब कहानी चली, पर कहानी का पटाक्षेप साधारण तरीके से हो गया। न तो इस कहानी को भारी जनसमर्थन मिला, न कोई बड़ा हादसा हुआ, जो कांग्रेस और भाजपा के नेता चाहते थे। ... Full story
गणतंत्र को गाली देती कांग्रेस
26 जनवरी 1950 को जब भारतीय संविधान को स्वीकृति मिली, तब दुर्भाग्यवश राष्ट्रपिता महात्मा गांधी इस अद्भुत ऐतिहासिक बदलाव को देखने के लिए हमारे बीच मौजूद नहीं थे। संविधान को लेकर बापू की परिकल्पना क्या थी, इसे जानने-समझने के लिए 1922 में दिए उनके एक बयान को देखना होगा। तब गांधी जी ने कहा था कि भारतीय संविधान भारतीयों के मुताबिक होगा और इसमें हर भारतीय की इच्छा झलकेगी। दरअसल गांधी चाहते थे कि भारतीय संविधान ना सिर्फ भारतीय आत्मा से युक्त हो, बल्कि भारतीय समाज और राजनीतिक जरूरतों को ध्यान में रखने वाला हो। यही वजह है कि उनके इस ऐतिहासिक बयान के ठीक दो साल बाद पंडित मोतीलाल नेहरू ने अंग्रेज सरकार के सामने आजाद भारत का संविधान बनाने के लिए संविधान सभा के गठन की मांग रखी। ... Full story
गणतंत्र विरोधी अभियान, नारा देश प्रेम का
भाजपा सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने के अपने खेल का एक और चक्र खेल रही है। उसके युवा बाजू की जिद है कि वह 26 जनवरी को श्रीनगर में लाल चौक पर तिरंगा फहराकर रहेगा। इसके लिए दलील यह दी जा रही है कि जम्मू-कश्मीर चूंकि भारत का अभिन्न अंग है, वहां कहीं भी राष्टरीय झंडा फहराने में किसी को आपत्ति कैसे हो सकती है? वास्तव में यह दलील सिर्फ भ्रामक ही नहीं, उससे बढ़कर शरारतपूर्ण भी है। इस तर्क से तो इस देश की धरती का एक-एक इंच भारत का आखंड हिस्सा है, फिर श्रीनगर जाकर ही झंडा फहराने की जिद क्यों? कहीं और क्यों नहीं? साफ है कि इसके पीछे भाजपा का वही जाना-पहचाना खेल है; सांप्रदायिक ध्रुवीकरण पैदा करे और राजनीतिक फायदा उठाओ! ... Full story
हंसराज का तीर, घाव करे गंभीर
कर्नाटक में महामहिम राज्यपाल हंसराज भारद्वाज ने मुख्यमंत्री बी.एस.येदयुरप्पा के खिलाफ तलवार तानकर भले ही कांग्रेस का हित साधा हो पर उनके इस तरह के कदम से संवैधानिक विवाद आरंभ होना स्वाभाविक है। भारत गणराज्य की स्थापना के साथ ही साथ देश के अंदर जिस तरह की संवैधानिक व्यवस्था को लागू किया गया है, उसके तहत लाट साहेब यानी राज्यपाल को इस तरह की सिफारिश करने का अधिकार शायद नहीं हैं। मूलतः राज्यपाल मंत्रीमण्डल की सिफारिश पर ही काम करता है, मुख्यमंत्री बी.एस.येदयुरप्पा के मंत्रीमण्डल ने राज्यपाल से गुहार लगाई थी कि मुख्यमंत्री के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति न दी जाए। ... Full story
मुस्लिम मतों पर कांग्रेस का पांसा
कांग्रेस उप्र के अगले विधानसभा चुनाव में कोई कोर कसर नही छोडना चाहती है वह अल्पसंख्यक वोटों को हथियाने के लिए किसी भी स्तर पर तैयार है यही कारण है कि अब संप्रग सरकार अल्पसंख्यक जिलों की मान्यता के लिए पुराने मानकों में बदलाव करने जा रही है अल्पसंख्यक जिलों की मान्यता के लिए उनकी आबादी वहाँ २५ प्रतिशत होने संबंधी पुराने मापदंड को बदलकर अब १५ प्रतिशत करने की तैयारी की जा रही है. जिससे अगली पंचवर्षीय योजना ४० से ४५ अल्पसंख्यक जिलें और बढ़ जायेंगे. ... Full story
मोदी के पक्ष में है देश का मूड
मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन यानी यूपीए सरकार निश्चित तौर पर अपनी ज़मीन खोती जा रही है. यूपीए के सत्ता में तीन साल तक बने रहने के मौके पर एबीपी न्यूज़-नीलसन के सर्वे तो यही चुग़ली कर रही है. देश के 28 शहरों में 9000 लोगों पर किये गये एक सर्वे के आधार पर एबीपी-निल्सन का कहना है कि देश राहुल गांधी की बजाय नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री के बतौर देखना चाहता है और अबकी चुनाव में यूपीए की पराजय तय है. ... Full story
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Sandeep Joshi
प्रभाष जोशी के ज्येष्ठ पुत्र संदीप जोशी का पहला प्यार तो वैसे क्रिकेट है लेकिन लिखने में भी महारत. एक सरकारी कार्यालय में नौकरी के साथ ही पिता द्वारा शुरू किये गये अखबार में नियमित लेखन भी. विस्फोट के लिए भी लिखने पर सहमति.- बाजारू क्रिकेट से नहीं बनेंगे विश्वविजेता
- लोकपाल का फुटबाल न खेंले राजनीतिक दल
- खेल भावना से दें खेल का भारत रत्न




