MEDIA
महादलित के घर में रेडियो
रेडियो पर बिहार सरकार की खास नजर पड़ी हैं। इसलिए बिहार सरकार ने महादलितों को रेडियो जैसे जनसाधारण मीडिया से जोड़ने की ...
पत्रकारिता सम्मान से अलंकृत हुए डॉ. भारद्वाज
‘मीडिया विमर्श परिवार’ द्वारा प्रतिवर्ष दिया जाने वाला पं. बृजलाल द्विवेदी स्मृति अखिल भारतीय साहित्यिक पत्रकारिता सम्मान इस वर्ष ‘अक्सर’ (जयपुर) के ...
वे रवीन्द्र शाह थे...
1999 की बात है...संसद का मानसून सत्र चल रहा था...अचानक एक दिन दैनिक भास्कर के दिल्ली ब्यूरो के सभी लोगों को निर्देश मिला कि वे आइएनएस बिल्डिंग के दफ्तर की बजाय गोलमार्केट के क्लासिक हाउस वाले दफ्तर में दस बजे मिलें। सूचना ये भी थी कि दैनिक भास्कर के निदेशक गिरीश अग्रवाल सबसे मिलकर कोई जरूरी सूचना देंगे। तब इन पंक्तियों का लेखक भी दिल्ली ब्यूरो में संवाददाता के तौर पर कार्यरत था। नियत वक्त पर दफ्तर में पहुंचे ब्यूरो के संवाददाताओं से गिरीश अग्रवाल ने परिचय दाढ़ी वाली एक शख्सियत से कराया। वे रवींद्र शाह थे... ... Full story
आधे रास्ते में अलविदा बोल गये रवीन्द्र शाह
रवीन्द्र शाह हिन्दी पत्रकारिता के लिए अनजाना नाम नहीं है. मध्य प्रदेश और बाद में दिल्ली आकर उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में कई मील पत्थर गाड़े. लेकिन पत्रकारिता के इस पराक्रमी का आधे रास्ते में ही दुखद अंत हो गया. रवीन्द्र शाह का निधन हो गया है. सोमवार की शाम साढ़े चार बजे सिहोर के पास एक भयानक कार दुर्घटना में वे इतनी बुरी तरह से जख्मी हुए कि होश में नहीं आ पाये. ... Full story
पीएमओ को रास नहीं आ रहे पंकज पचौरी
तीक्ष्ण बुद्धि के धनी वज़ीरे आज़म के मीडिया सलाहकार हरीश खरे को भले ही पीएमओ से विदा कर उनके स्थान पर पंकज पचौरी को बिठा दिया गया हो, पर पीएमओ के सबसे ताकतवर अधिकारी पुलक चटर्जी को अभी भी मनमोहन सिंह के लिए उचित मीडिया सलाहकार की तालश है। दरअसल, यह तलाश मनमोहन सिंह के लिए नहीं वरन्, संभावित प्रधानमंत्री राहुल गांधी के लिए जारी है। ... Full story
चुनाव आयोग को मिली पेड न्यूज की 167 शिकायतें
नई दिल्ली। पांच राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनावों के दौरान अपने पक्ष में खबर के प्रकाशन के लिये विभिन्न मीडिया संगठनों को भुगतान करने वाले उम्मीदवारों को चुनाव आयोग ने अब तक 167 नोटिस जारी किये हैं। सबसे ज्यादा 129 नोटिस पंजाब के उम्मीदवारों को जारी किये गये जबकि उत्तरप्रदेश में 38 नोटिस जारी किये गये। पंजाब में 30 जनवरी को चुनाव संपन्न हो गया जबकि उत्तरप्रदेश में सात चरणों में मतदान चल रहा है। ... Full story
काटजू ने कहा शासनवालों संभल जाओ
उत्तर प्रदेश में पत्रकारों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रेस परिषद के अध्यक्ष मार्कंडेय काट्जू ने आज कहा कि वहां सरकारी अधिकारी अक्सर मनमाने और प्रतिशोधात्मक तरीके से काम करते हैं। उन्होंने प्रशासन से प्रेस की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए कहा। ... Full story
नई दुनिया का नाश करके नवजीवन को जीवन देंगे आलोक मेहता
आलोक मेहता के लिए नई दुनिया का दिल्ली संस्करण भले ही आखिरी पारी साबित न हुआ हो लेकिन नई दुनिया के लिए आलोक मेहता आखिरी संपादक जरूर साबित हुए हैं. जैसा कि पहले से दिल्ली की मीडिया गलियारों में चर्चा थी कि नई दुनिया अखबार बंद होने जा रहा है, उसको इस बात का आधार मिल गया है कि दैनिक जागरण समूह नई दुनिया को खरीदने जा रहा है. इस टेकओवर की पहली शर्त यही है कि नई दुनिया खुद अपना दिल्ली संस्करण बंद करेगा और यहां काम कर रहे आलोक मेहता एण्ड कंपनी से समूह को मुक्त करेगा उसके बाद ही खरीदारी की डील होगी. ... Full story
शिवसेना का विज्ञापन सबसे शानदार
चुनाव प्रक्रिया में जिस तरह से पीआर एजंसियों और विज्ञापन एजंसियों की भूमिका बढ़ती जा रही है उसे देखते हुए अब विज्ञापनों की पूरी तरह से अनदेखी नहीं की जा सकती. विज्ञापनों से ही पता चलता है कि पार्टी की चुनावी रणनीति क्या है और किस तरीके से वह मतदाताओं को अपनी बात पहुंचाना चाहता है. टेलीवीजन विज्ञापनों को अगर छोड़ दें तो प्रिंट के विज्ञापनों को प्रभावी होने के लिए शब्दों और चित्रों के साथ आकर्षक होना पड़ता है ताकि सटीक रूप से देखनेवाले के मन पर इसका असर हो. राजनीतिक विज्ञापनों पर भी वही शर्त लागू होती है जो कि कामर्शियल विज्ञापनों पर लागू होती है. अगर इस कसौटी पर हम मुंबई महानगरपालिका चुनाव के दौरान चल रही विज्ञापनबाजी पर नजर दौड़ाएं तो शिवसेना का विज्ञापन सबसे शानदार नजर आता है. ... Full story
आगे बढा जनसंदेश, बनारस और गोरखपुर से लांच
उत्तर प्रदेश में इन दिनों चुनावों का दौर हैं ऐसे समय में, ‘जनसंदेश टाइम्स’ प्रबंधन अखबार का विस्तार कर रहा है। इसी क्रम में, 5 और 6 फरवरी को बनारस और गोरखपुर एडिशन लॉन्च किया गया। 20 पेज का यह अख़बार लोकल ख़बरों को प्रमुखता से प्रकाशित कर रहा हैं। ... Full story
दुश्मन के दर पर मुसलमानों का मसीहा
यह कोई राजनीतिक गपोड़बाजी नहीं है, बल्कि राजनीतिक का ऐसा कसैला सच है जिसे जानने के बाद सबसे ज्यादा मुसलमान ही ठगा हुआ महसूस करेगा. उत्तर प्रदेश के चुनाव में मुस्लिम वोटों मतों को तितर बितर करने के लिए कांग्रेस के दिग्विजय सिंह और गोरखनाथ धाम के प्रमुख महंत अवैद्यनाथ ने चुनाव से पहले ही रणनीति तैयार कर ली थी. प्रदेश में मुस्लिम मतों के छिन्न भिन्न करने के िलए अवैद्यनाथ और दिग्विजय सिंह ने जो रणनीति तैयार कर थी बहुत हद तक वे उसमें सफल भी हो चुके हैं क्योंकि उत्तर प्रदेश में चार चरणों का मतदान हो चुका है और अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तीन चरण बाकी हैं. ... Full story




