कांग्रेस से बेनी की विदाई चाहते हैं मुलायम
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के बाद केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा की बिदाई लगभग तय मानी जा रही है। कांग्रेस नीत संप्रग सरकार में पश्चिम बंगाल की निजाम ममता बनर्जी के तल्ख तेवरों से आजिज आ चुकी कांग्रेस मुलायम का हाथ थाम सकती है। उधर, मुलायम सिंह का कहना है कि वे तभी केंद्र सरकार में शामिल होंगे जब उत्तर प्रदेश कोटे वाले केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा को मंत्रीमण्डल से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाए।
पूर्व रेल मंत्री और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का रूख कांग्रेस के प्रति सकारात्मक कतई नहीं दिख रहा है। ममता बनर्जी द्वारा कांग्रेस को एक के बाद एक झटके दिए जा रहे हैं। कहा तो यहां तक भी जा रहा है कि ममता ने त्रणमूल कोटे के सारे मंत्रियों से त्यागपत्र ले लिए हैं और वे किसी भी दिन कांग्रेस को अल्टीमेटम देकर अपने मंत्री सरकार से वापस बुलवा सकतीं हैं। उधर, कांग्रेस के प्रबंधक भी ममता बनर्जी द्वारा बार बार कालर पकड़कर हड़काने से आजिज आते नजर आ रहे हैं।
कांग्रेस के सत्ता और शक्ति के शीर्ष केंद्र 10, जनपथ (श्रीमति सोनिया गांधी का सरकारी आवास) के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने सरकार में शामिल होने के लिए अपनी सैद्धांतिक सहमति दे दी है। मामला अटका है तो केंद्रीय मंत्री बेनी वर्मा पर आकर। मुलायम सिंह ने साफ तौर पर शर्त रखी है कि कांग्रेस अगर बेनी वर्मा को मंत्री मण्डल से बाहर का रास्ता दिखाती है तो सपा सरकार में शामिल होकर संप्रग सरकार को स्थिरता दे सकती है।
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दुश्मन के दर पर मुसलमानों का मसीहा
यह कोई राजनीतिक गपोड़बाजी नहीं है, बल्कि राजनीतिक का ऐसा कसैला सच है जिसे जानने के बाद सबसे ज्यादा मुसलमान ही ठगा हुआ महसूस करेगा. उत्तर प्रदेश के चुनाव में मुस्लिम वोटों मतों को तितर बितर करने के लिए कांग्रेस के दिग्विजय सिंह और गोरखनाथ धाम के प्रमुख महंत अवैद्यनाथ ने चुनाव से पहले ही रणनीति तैयार कर ली थी. प्रदेश में मुस्लिम मतों के छिन्न भिन्न करने के िलए अवैद्यनाथ और दिग्विजय सिंह ने जो रणनीति तैयार कर थी बहुत हद तक वे उसमें सफल भी हो चुके हैं क्योंकि उत्तर प्रदेश में चार चरणों का मतदान हो चुका है और अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तीन चरण बाकी हैं. ... Full story

