visfot news network
ममता के दरबार में कांग्रेस की सरकार
पश्चिम बंगाल में जैसे जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं स्थानीय स्तर पर कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के बीच राजनीतिक खींचतान और चूहे बिल्ली का खेल बढ़ता जा रहा है. इसका एक उदाहरण उस वक्त देखने को मिला जब कांग्रेस के युवा नेता और केन्द्रीय मंत्री सचिन पायलट पश्चिम बंगाल के दौरे पर गये.
'हिंदुस्तान' ने पूर्णिया को शर्मसार कर दिया
उम्र-78 साल और ये उम्र मैंने अपने घर के बंद कमरों में नहीं काटी. पूर्णिया की तमाम साहित्यिक-सांस्कृतिक गतिविधियों से हर दिन का साबका रहा है. कचहरी चौक पर धरना-प्रदर्शन से लेकर छोटे-बड़े तमाम मंच पर सक्रिय रहा हूं. जानता हूं कि खबरें कैसे बनती हैं और कैसे छपती हैं. 'हिंदुस्तान', 'दैनिक जागरण', 'प्रभात खबर', 'राष्ट्रीय सहारा' और ऐसे ही तमाम अखबारों में छपता रहा हूं. पत्रकारिता को लेकर खट्टे-मीठे अनुभव रहे हैं. उम्र और अनुभव का तकाजा कुछ ऐसा रहा कि कभी शाबाशी में पत्रकारों की पीठ ठोंकी तो कभी उनकी तीखी आलोचना भी की, लेकिन पिछले दिनों शहर में घटी एक घटना के बाद से बेचैन हूं, दुखी हूं, शर्मिंदा हूं- समझ नहीं आ रहा कि कैसे मन की पीड़ा व्यक्त करूं?...प्रेस क्लब ने खाना नहीं खिलाया, नोटिस थमा दिया
चंडीगढ़ प्रेस क्लब की तानाशाही का एक और नमूना सामने आया है। दैनिक भास्कर चंडीगढ़ के ब्यूरो चीफ ब्रजमोहन सिंह को क्लब ने कार्रवाई संबंधी नोटिस भेज दिया गया है। दिलचस्प बात है कि क्लब के अंदर ब्रजमोहन सिंह को दो घंटे तक खाना के आर्डर के बावजूद खाना नहीं देकर पहले बेइज्जति की गई और उसके बाद जब ब्रजमोहन सिंह ने शिकायत की तो उन्हें नोटिस दिया थमा दिया गया।...तिगड्डे में फंसा किसान
वोट बैंक की राजनीति जो ना कराए वो कम है। कल तक अलीगढ़ में अपनी जमीन के मुआवजे के लिए एक महीने से लड़ रहे किसानों के साथ कोई नहीं था। लेकिन जैसे ही पुलिस की गोलीबारी में तीन किसानों की मौत हुई तो वहां नेताओं का सैलाब उमड़ पड़ा। क्या कांग्रेस, क्या बीजेपी, क्या सपा और क्या बसपा। किसी ने यह मौका नहीं छोड़ा कि वे ही किसानों के सबसे बड़े हिमायती हैं यह इतना दुखदायी और पीड़ादायी है कि बताया नहीं जा सकता।...साथी की शोकसभा के लिए भी संपादक के पास समय नहीं
29 अगस्त 2010. भागलपुर में एक पत्रकार के लिए शोकसभा का आयोजन. 29 जून को ट्रेन से गिरकर पत्रकार की मौत हो गयी थी. शोकसभा का आयोजन थोड़ी देर से किया गया था लेकिन किया गया. लेकिन खुद अखबार के संपादक ही शोकसभा में नहीं आये और बहाना बनाया कि वे मीटिंग में हैं. मीटिंग में तो संपादक महोदय नहीं आये, लेकिन आश्चर्य का ठिकाना तब नहीं रहा जब अगले अखबार ने अपने ही दिवंगत साथी की शोकसभा को एक कालम की खबर का भी दर्जा नहीं दिया. ...स्टेनगनाय नमः, टेलीविजनाय स्वाहा! (हवन)
भारत में यज्ञ का महत्व क्या है और हम यज्ञ क्यों करते हैं इसकी विधिवत जानकारी हमें भले ही न हो लेकि यज्ञ को लेकर भारत में भ्रांतियां बहुत हैं. स्वामी श्री अड़गड़ानंद वर्तमान यज्ञ व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं. उनके सवाल तार्किक और सटीक हैं जिसके बारे में हिन्दू समाज को निश्चित रूप से गंभीरता से विचार करना होगा. यज्ञ पर स्वामी जी के लेखन को दो किश्तों में हम यहां प्रस्तुत कर रहे हैं....भगवा पर हमारा भी दावा- दिग्विजय सिंह
कांग्रेसी नेता और केन्द्रीय गृहमंत्री पी चिदम्बरम ने भगवा आतंकवाद को बढ़ने की बात क्या कही, भाजपा से अधिक घमासान कांग्रेस में शुरू हो गया. पहले कांग्रेस के प्रवक्ता जनार्दन द्विवेदी ने भगवा को आतंक से जोड़ने को खारिज किया वहीं अब दिग्विजय सिंह ने कहा है कि भगवा रंग पर हम सबका है इस पर किसी खास राजनीतिक दल का दावा नहीं हो सकता. ...क्षय रोग का क्षय करने आगे आये पत्रकार
भारत में प्रतिवर्ष २० लाख लोग टीबी के मरीज बनते हैं एक अनुमान के अनुसार प्रत्येक ३ मिनट में २ लोगो कि मौत हो जाती है ऐसी स्थिति में मीडिया का दायित्व है कि सामाजिक सरोकारों से जुड़े हुए इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर सार्थक रूप से ध्यान दे। इस बीमारी के जीवाणु भारत में ४० प्रतिशत लोगो में किसी न किसी रूप में हैं जिनकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम है उनमे यह सक्रिय होकर जानलेवा बन जाते हैं। अतः सरकार द्वारा पोषित डॉट्स का समुचित रूप से क्रियान्वयन आवश्यक है। उपरोक्त निष्कर्ष इंडियन मीडिया सेंटर फॉर जर्नलिस्ट्स, लखनऊ द्वारा टीबी उन्मूलन और मीडिया कि भूमिका विषयक गोष्ठी में निकला।...विकीलीक्स-विकीलीक्स खेल रहे हैं मीडिया दिग्गज
दुनिया भर को सच्चाई, ईमानदार और दायित्वबोध का पाठ पढ़ाने वाले मीडिया हाउसों की सबसे बड़ी त्रासदी यह है कि अपनी बारी आने पर वे नैतिकता को बैकफुट पर रख देते हैं. नेता या अफसर ने उनके हितों को नुकसान पहुंचा दिया तो पीछे पड़ जाते हैं. वह दौर अब काफी पीछे छूट गया है जब प्रतिद्वंद्विता बैकफुट पर और नैतिकता फ्रंट फुट पर हुआ करती थी. अब तो मीडिया दिग्गज प्रतिद्वंद्वी हाउसों में चोरी करवा रहे हैं और डाके डलवा रहे हैं. जी हां, रांची में चल रहे मीडिया वार में एक दूसरे कर्मचारियों पर डाका डालना और प्रतिद्वंद्वी का अखबार न बिकने देने के लिये हॉकरों को अपने कब्जे में लेना तो आम बात है....कलमाड़ी को काला करने में 'टाइम्स ग्रुप' का हाथ
दिल्ली से प्रकाशित एक पाक्षिक पत्रिका ने दावा किया है कि टाइम्स आफ इंडिया समूह ने कामनवेल्थ गेम्स में सुरेश कलमाड़ी के कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ एक योजना के तहत अभियान चलाया. प्रथम प्रवक्ता नामक इस हिन्दी पाक्षिक ने "सौदा नहीं पटा तो अभियान" नामक कवर स्टोरी प्रकाशित की है जिसके अनुसार पिछले साल ही बाकायदा पत्र लिखकर टाइम्स समूह ने कामनवेल्थ गेम्स आर्गेनाइजिंग कमेटी से एक सौदे का प्रस्ताव किया था, जब वह सौदा नहीं पटा तो समूह ने सुरेश कलमाड़ी पर हल्ला बोल दिया. प्रथम प्रवक्ता की स्टोरी हम प्रकाशित कर रहे हैं- संपादक...Author info
visfot news network
विस्फोट.कॉम इंटरनेट पर नये दौर की पत्रकारिता में परंपरागत मूल्यों को स्थापित करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है, जो कि पूरी तरह से जनकेन्द्रित, वास्तविक और निहित स्वार्थी तत्वों के प्रभाव से मुक्त है. हमारा संपर्क है visfot@visfot.com
