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एस्सार और टाटा की मदद के लिए बना सलवा जुड़ुम
नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ सक्रिय आदिवासी आंदोलन सलवा जुड़ुम की स्थापना एस्सार और टाटा को मदद करने के लिए किया गया. 2005 में महेन्द्र कर्मा ने जिस वक्त सलवा जुड़ुम की स्थापना की थी उसके पहले ही छत्तीसगढ़ में टाटा और एस्सार ने अपने स्टील प्लांट लगाने की घोषणा की थी जिसे सुरक्षित करने और माओवादियों को परास्त करने के लिए सलवा जुड़ुम (शुद्धता का आंदोलन) की शुरूआत की गयी.
मिशनरी स्कूल में मासूम के साथ यौन दुराचार
पन्ना। मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में मालाबार मिशनरी ब्रदर्स द्वारा संचालित लिस्यु आनंद स्कूल के जेसुपाल हास्टल में 11साल के मासूम छात्र के साथ हास्टल के मैनेजर द्धारा एक साल तक आप्राकृतिक यौनशोषण किए जाने का मामला प्रकाश में आया है।यहां चर्च परिसर स्थित इस हाईस्कूल और हास्टल को चर्च द्वारा संचालित किया जा रहा था। मामलें के खुलासे के बाद से इस जघन्य कृत्य को करने वाला चर्च मैनेजर फरार है।इस छात्रावास में कुल 18 छात्र रह रहे है।...रामदेव के नटवरलाल!
बाबा रामदेव आजकल अपनी बातचीत में विश्व बैंक से लेकर मुद्रा कोष तक का हवाला देते हुए काला धन वापस लाने और देश का जीडीपी बढ़ा देने की वकालत करते हैं. उनका तर्क है कि ऐसा तभी हो सकता है जब राजनीति में व्यवस्था परिवर्तन हो. बाबा रामदेव के इन वक्तव्यों और भाषणों के मूल प्रेरणास्रोत का नाम है राजीव दीक्षित. राजीव दीक्षित ही वो व्यक्ति हैं जो बाबा रामदेव को राजनीति का पाठ पढ़ा रहे हैं. लेकिन खुद राजीव दीक्षित का अपना इतिहास क्या है?...परमाणु ताकत का खौफनाक अनुभव
आजकल भारत में परमाणु ताकत का अहसास करानेवालों की कमी नहीं है. बिजली उत्पादन में परमाणु ताकत का इस्तेमाल करने के तर्कों की भरमार है. लेकिन संसार के मानचित्र पर परमाणु ताकत ने जो तबाही मचाई है क्या हमने कभी उसके करीब जाकर परमाणु की उस विनाशक ताकत को अनुभव करने की कोशिश की है कि अगर दांव उल्टा पड़ा तो क्या होगा? जापान के हिरोशिमा और नागासाकी शहर से गुजरते हुए अश्विनी कुमार जोशी की रिपोर्ट- ...जंतर मंतर पर लोकतंत्र जब्त
हमें जब किसी को अपनी बात कहनी होती है तो हम उसके और करीब जाने की कोशिश करते हैं. दिल्ली में कनाट प्लेस और संसद भवन के बीच स्थित जंतर-मंतर नामक रोड के दोनों किनारे व्यवस्था को अपनी व्यथा सुनाने के लिए करीब सिमट आये लोगों का जमावड़ा लगा रहता है. शायद इसीिलए कि वे व्यवस्था को अपनी बात और करीब से कह सकें. लेकिन आज लोकतंत्र के दिन में एक काला अध्याय लिख दिया गया. जंतर-मंतर पर धरने पर महीनों, सालों से धरने पर बैठे लोगों को उखाड़कर फेंक दिया गया है....वेदांता को विस्तार न दे सरकार
उड़ीसा में बाक्साइट खनन में लगी वेदान्ता कंपनी को सरकार अब और अधिक विस्तार का मौका न दे. ऐसा करने से न केवल जंगलों को नुकसान का खतरा है बल्कि यहां की आदिवासी कौंध जनजाति के भी विलुप्त हो जाने का खतरा है. केन्द्र सरकार द्वारा गठित एक कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में यह संतुति दी है. ...निर्भीक होकर करें पत्रकारिता : नैयर
वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैयर ने कहा कि देश को एक सूत्र में बांधे रखने में अखबार की बड़ी भूमिका होती है। इसलिए पत्रकार किसी से डरे बगैर निर्भीक पत्रकारिता करे। आज की परिस्थिति में प्रचार-प्रसार माध्यमों के सामने में अनेक आहवान हैं ऐसे ही आहवान देश के सामने भी हैं।...कर्नाटक के कलाकारों ने बनाई नोटों की माला
मायावती के गले में हजार के नोटों की माला उनके लिए फांस बनती जा रही है. मंगलवार को जहां इस मुद्दे पर संसद में भी हंगामा हुआ वहीं दूसरी ओर लखनऊ में दिनभर नोटों की माला ही चर्चा का विषय बनी रही. नोटो की यह माला जिसमें 21 लाख रुपये होने का दावा किया जा रहा है कर्नाटक के कलाकारों ने बनाई थी वह भी माया के विश्वस्त मंत्री के आवास में बैठकर. ...फिदा तो विदा लेकिन लौटेगें रजा
मशहूर पेंटर एमएफ हुसैन भले ही वृद्धावस्था में कतर की नागरिकता ले ली हो, लेकिन एक अन्य विख्यात पेंटर सैयद हैदर रजा अपना शेष जीवन भारत में बिताने की ख्वाहिश लेकर साल के आखिर में स्वदेश लौटने की तैयारी में हैं। बीते छह दशक से वह फ्रांस में रह रहे हैं।...प्रेम पांचवा पुरुषार्थ है- नामवर सिंह
नई दिल्ली। हिन्दी साहित्य जगत के प्रख्यात आलोचक नामवर सिंह का कहना है कि भले ही ब्राह्मणवादी दर्शन ने जीवन के चार पुरुषार्थ- धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष की परिभाषा की है लेकिन एक पांचवा पुरुषार्थ भी है जिसका नाम प्रेम है. यह प्रेम पांचवा पुरुषार्थ है जो भक्ति आंदोलन से भी पहले भागवतमहापुराण से समाज में स्थापित होता है. नामवर सिंह ने श्रीमद्भागवतमहापुराण को प्रेम ग्रंथ की संज्ञा दी. ...Author info
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