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राज पर गिरी बाल ठाकरे की गाज
शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे आखिरकार चुनाव मैदान में आ ही गये. वे सीधे तौर पर प्रचार में तो नहीं उतरे हैं लेकिन अपनी पार्टी के मुखपत्र में बेटे उद्धव ठाकरे की उस नीति को आगे बढ़ाया है जिसमें उद्धव ठाकरे ने राज ठाकरे को मराठी माणुस को बांटने का दोषी करार दिया था. अब बाल ठाकरे ने सीधे सीधे राज ठाकरे को इस समय का जिन्ना ठहरा दिया है.
मीट बेचनेवालों से परेशान है मेरठ
अब तक तो खाने पीने के सामान में मिलावट, सब्जियों में एक विशेष प्रकार का इंजेक्शन लगाकर उन्हें रातों रात बढ़ाने, असली घी में चर्बी की मिलावट, सिंथेटिक दूध, सिंथेटिक मावा तथा नकली दवाईयां बनाने की खबरे आती थीं, लेकिन अब इससे भी आगे का काम हो रहा है। स्लाटर हाउसों में मरे हुए जानवरों को काट कर उनका मीट बाजार में बेचा जा रहा है।...टूट रहा है टेलीविजन पत्रकारिता का तिलिस्म
रजत अमरनाथ ने टेलीविजन पत्रकारिता में पदार्पण तब किया था जब टेलीविजन समाचार उद्योग अपनी शुरूआत कर रहा था. सत्रह साल तक टेलीविजन में खोजी पत्रकारिता करने के बाद अचानक ही उन्होंने प्रिंट की ओर रुख किया और दिल्ली के एक मीडिया समूह द संडे इंडियन को ज्वाइन कर लिया जो कि चौदह भाषाओं में मैगजीन का प्रकाशन करती है. टीवी को छोड़कर प्रिंट की ओर दौड़ लगानेवाले रजत अमरनाथ अकेले नहीं है. मध्यम और महत्वपूर्ण पदों पर काम करनेवाले पत्रकार तेजी से टेलीविजन को अलविदा कह रहे हैं और दोबारा प्रिंट में अपनी जगह बनाने की कोशिशों में लगे हुए हैं....संयुक्त घोषणापत्र से भाजपा के राष्ट्रीय नेता नदारद
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा शिवसेना के सामने नतमस्तक हो गयी है. राज्य में पहले ही राष्ट्रीय पार्टी शिवसेना की कनिष्ठ होकर चुनाव लड़ रही है लेकिन अब घोषणापत्र के मुख्यपृष्ठ से भाजपा नेताओं का चित्र हटाकर शिवसेना ने भाजपा को पूरी तरह से क्षेत्रीय पार्टी का दर्जा दे दिया है....महिला सुरक्षाकर्मियों को वेश्या कहने पर चिदम्बरम ने जताया कड़ा एतराज
जिस दिन भारतीय सीमा सुरक्षा बल में भारतीय महिलाओं को शामिल किया गया था उसके अगले दिन पाकिस्तान के अखबार द डेली मेल ने खबर प्रकाशित की थी कि भारतीय सुरक्षा बलों में महिला सुरक्षा कर्मियों के नाम पर वेश्याओं की भर्ती की गयी है. अब भारत सरकार ने इस बारे में कड़ा एतराज जताते हुए पाकिस्तान हाईकमीश्नर के पास शिकायत दर्ज कराने का फैसला किया है....सक्रिय राजनीति से संन्यास लेना चाहते हैं आडवाणी
तीन दिन पहले गुजरात में राम मंदिर बनाने का संकल्प दोहराने वाले भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी दशहरे के पवित्र दिन पेजावर अधोक्षजा पीठ के प्रमुख विश्वेश तीर्थ से मिलने गये और राजनीति से संन्यास लेने की इच्छा व्यक्त कर दी. विश्वेश तीर्थ इस समय दिल्ली में हैं क्योंकि हरिद्वार में पेजावर मठ का कार्यक्रम चल रहा है. ...हिन्दी ब्लाग एग्रीगेटर ब्लागवाणी बंद हुआ
हिन्दी का ब्लाग एग्रीगेटर ब्लागवाणी बंद हो गया है. दो साल पहले हिन्दी ब्लागरों के लिए एग्रीगेटर के बतौर शुरू हुआ ब्लागवाणी हिन्दी ब्लागरों के बीच सबसे चर्चित ब्लाग एग्रीगेटर हुआ करता था जिसने पाठकों को जोड़ने के िलए कई तरह के प्रयोग किये थे और हिन्दी ब्लागरों को एक मंच प्रदान किया था....रिटायर होना चाहते हैं शरद पवार
महाराष्ट्र की राजनीति के मराठा शरद पवार अब रिटायर होने की सोच रहे हैं. रविवार को शोलापुर में कांग्रेस-एनसीपी रैली के जरिए प्रांत में प्रचार की शुरूआत करनेवाले शरद पवार ने कहा कि ऐसा लगता है कि मेरे रिटायर होने का वक्त नजदीक आ रहा है....पकड़ा गया छत्रधर महतो
लालगढ़ में पुलिस संत्रास प्रतिरोध कमेटी बनाकर सुरक्षा एजंसियों को छकानेवाला छ्त्रधर महतो आखिरकार शनिवार को पुलिस की जाल में फंस गया. पुलिस ने उसे उस वक्त धर दबोचा जब वह एक स्थानीय टीवी चैनल को इंटरव्यू देने की तैयारी कर रहा था. पुलिस की पकड़ से दूर रहनेवाला महतो टीवी चैनलों को लगातार इंटरव्यू देता रहा है....बेबसी और अन्याय का रावण जलाएंगे कश्मीरी पंडित
इस वर्ष विजयादशमी पर बीस साल में दूसरी बार कश्मीर में रह रहे हिन्दू रावण दहन करेंगे और विजयादशमी का परंपरापरगत त्यौहार मनाएंगे. लेकिन उनके उत्सव पर संभावित आतंकी हमलों की छाया भी बनी हुई है. ...कलावती पर पर्चा वापस लेने का भारी दबाव
आखिरकार कलावती ने नामांकन के एक दिन बाद ही चुनाव मैदान से हटने का फैसला कर लिया. कलावती को मैदान में उतारनेवाली विदर्भ जन आंदोलन समिति का कहना है कि कलावती ने "भारी दबाव" में यह फैसला लिया है लिया है लेकिन विदर्भ जन आंदोलन समिति वानी सीट को पर अपना उम्मीदवार उतारेगी. ...मनसे महासचिव का इस्तीफा
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में अभी टिकट बंटवारे का काम पूरा भी नहीं हुआ था कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना में बगावतों की झड़ी लगनी शुरू हो गयी है. प्रकाश महाजन, और कोंकण के महासचिव संजय गढ़ी के बाद अब मनसे के महासचिव ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है....100 रुपये में 'माल' चाहिए तो 'यहां' चले आइये
कुदरत ने इस इलाके को हजारों नेमतें बख्शी हैं। हरितिमा ओढ़ी पहाडि़यों और बासमती चावल की खुशबू से महकते खेतों को देखकर कोई नहीं कह सकता कि यह क्षेत्र रेत के धोरों के लिए प्रसिद्ध राजस्थान का ही हिस्सा है। हम बात कर रहे हैं पूर्वी राजस्थान के बूंदी जिले की। यहां की काली मिट्टी सोना उगलती है और पानी की यहां कोई कमी नहीं है। चंबल के पानी ने यहां के लोगों को खूब समृद्धि दी है, लेकिन आर्थिक रूप से संपन्न इस क्षेत्र का दूसरा पहलू बेहद स्याह है। यहां की कंजर जाति अपनों के बीच ही बेगानी हो गई है और इनके आशियानें बदनाम बस्तियों में तब्दील हो गए हैं। ...साम्यवाद में मानवता के प्रति कोई संवेदना नहीं है- चंदन मित्रा
साम्यवादी विचारक से भारतीय जनता पार्टी के नेता बन चुके चंदन मित्रा का कहना है कि साम्यवादी विचारधारा मानवता के प्रति पूरी तरह से असंवेदनशील है. साम्यवाद में मानवता के प्रति कोई संवेदना नहीं हैं. चंदन मित्रा ने यह बात दिल्ली में एक संगोष्ठी में बोलते हुए कही....चांद पर पानी की कहानी
सितंबर की शुरूआत भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए बहुत दुखद थी. समय से पहले ही चंद्रयान-1 बेकार हो गया और उसने काम करना बंद कर दिया. २९ अगस्त को जब चंद्रयान-१ परियोजना को समाप्त होने की घोषणा की गयी तब तक चंद्रयान द्वारा भेजी गयी तस्वीरों और आंकडों़ का विस्तृत अध्ययन नहीं किया जा सका था. ...भारत बना सकता है 200 किलोटन का परमाणु बम
भारत के परमाणु परीक्षण पर डीआरडीओ के पूर्व वैज्ञानिक संथानम के सवालों पर जवाब देते हुए परमाणु उर्जा आयोग के अध्यक्ष अनिल काकोदर ने कहा है कि संथानम के सवाल अनावश्यक हैं और भारत इस समय 200 किलोटन क्षमता का परमाणु बम बनाने में सक्षम है....कुंआरा यूनियन का नारा: बहू दो, वोट लो
लड़कियों के कम अनुपात से जूझ रहे हरियाणा में बहुओं की समस्या अब सियासी मुद्दा बन चुका है. हरियाणा के विधानसभा चुनाव में जींद की कुंवारा यूनियन ने नारा लगा दिया है कि बहू दो, वोट लो. ...चीनी घुसपैठ की खबर: मीडिया पर कार्रवाई कर सकती है सरकार
भारत-चीन संबंधों को लेकर हाल ही में अखबारों में आयी रिर्पोट एक नए विवाद को जन्म दे सकता है। सरकार इन मीडिया रिपोर्टों को गलत ठहराने में लगी है और कुछ रिपोर्टरों पर इस संबंध में मामला दर्ज हो सकता है। आईटीबीपी ने एक अखबार की रिपोर्ट के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत भी दर्ज करवा दी है। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से अंग्रेजी अखबारों ने हिंद-चीन संबंध पर खासी खबरें लिखी है, जिसमें चीनी घुसपैठ की सूचना दी गई है। एक खबर में तो आईटीबीपी के जवानों से झड़प की सूचना भी दी गई है।...अंबिका जी इस उद्योग पर अंकुश क्यों नहीं?
देश के टेलीविजन समाचार उद्योग को बड़ी राहत देते हुए अंबिका सोनी ने कहा है कि वे टीवी के कन्टेट पर प्रतिबंध लगाने की पक्षधर नहीं हैं. अंबिका सोनी ने यह बात टेलीविजन समाचार उद्योग से जुड़े लोगों से मुलाकात के बाद जारी एक स्टेटमेन्ट में कही है....इशरत हमें माफ कर दो
15 जून 2004 को सुबह-सुबह जब अहमदाबाद के रिपोर्टर ने टेलीफोन पर ब्रेकिंग न्यूज कहते हुये यह खबर दी कि आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तोएबा में लड़कियां भी जुड़ी हैं और गुजरात पुलिस ने पहली बार लश्कर की ही एक लड़की को एनकांउटर में मार गिराया है, तो मेरे जेहन में तस्वीर यही उभरी कि कोई लड़की हथियारों से लैस किसी आतंकवादी की तर्ज पर किसी मिशन पर निकली होगी और रास्ते में पुलिस आ गयी होगी, जिसके बाद एनकाउंटर। लेकिन अहमदाबाद के उस रिपोर्टर ने तुरंत अगली लकीर खुद ही खींच दी।...कांग्रेस मराठी माणुस को बांट रही है-उद्धव ठाकरे
शिवसेना की ओर से इस बार महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की सारी कमान उनके कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के हाथ में है. शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे की अस्वस्थता को देखते हुए यह चुनाव न सिर्फ शिवसेना के लिए बल्कि खुद उद्धव ठाकरे के लिए भी परीक्षा की घड़ी है. उद्धव ठाकरे इस चुनाव को महाराष्ट्र की मुक्ति का चुनाव मान रहे हैं और उनका कहना है कि कांग्रेस प्रदेश में मराठी माणुस की मानसिकता के साथ खिलवाड़ कर रही है और एक साजिश के तहत उसे बांट रही है. मराठी सामना के कार्यकारी संपादक संजय राऊत ने उनसे विस्तृत बात की जिसका संपादित हिस्सा हम यहां प्रस्तुत कर रहे हैं- संपादक...वायस आफ इंडिया और वसूली पत्रकारिता
टेलीविजन समाचार उद्योग में वायर आफ इण्डिया एक त्रासदी का नाम हो गया है. अपनी शुरूआत से अंत और एक बार फिर नयी शुरूआत करने की तैयारी कर रहा वायस आफ इंडिया की त्रासद कहानी भारतीय समाचार उद्योग की बहुत कुछ अनकही कहानी बयांन करता है. उदारीकरण के दौर में जिस तरह से छलावा पूंजी ने कुलांचे भरी उसमें बहुत सारे लोग अमीर हो गये. इन्हीं अमीर बने लोगों में से एक निर्माण समूह ने भी तय किया कि वह समाचार उद्योग में कदम रखेगी. उसके लिए ऐसा करना जरूरी था क्योंकि उस बिल्डर पर तरह तरह के धोखाधड़ी के आरोप लग रहे थे जिससे बचने के लिए मीडिया का मजबूत माध्यम होना जरूरी था....अल्लाह के लिए इशरत को आतंकवादी मत कहिए
इशरत की मां और बहन दोनों दिल्ली में हैं. वे दिल्ली में इशरत के नाम पर लगे आतंकवाद का दाग मिटाने की कोशिश कर रही हैं. इशरत की मां शमीमा कौशर और बहन मसर्रत दोनों ने मीडिया के लोगों से बात की. उनकी पूरी बातचीत का लब्बोलुआब यह था कि अल्लाह के लिए इशरत को आतंकवादी मत कहिए. उनकी इस पीड़ा में जहां एक ओर बेटी के दामन पर लगे दाग को छुड़ाने की चिंता दिखती है तो वहीं दूसरी ओर वे नष्ट होते अपने वर्तमान को भी बचाना चाहती हैं. घर में कोई कमानेवाला नहीं है. बाप के मरने के बाद इशरत ही पूरा परिवार पालती थी. इशरत के जाने के बाद उसके भाई को नौकरी तो मिली लेकिन जैसे ही पता चला कि वह इशरत का भाई है उसे नौकरी से निकाल दिया गया....टूट सकता है थरूर का गुरूर
कांग्रेस के नये नवेले नेता और विदेश राज्यमंत्री शशि थरूर अब कांग्रेस के लिए ही मुसीबत बनते जा रहे हैं. अव्वल को विदेश नीति पर 100 दिन के काम काज के बाद उनकी कोई छाप नहीं पड़ी है ऊपर से मंहगे होटल में आशियाना बसाकर पूरी पार्टी को बैकफुट पर ला खड़ा किया. अब थरूर ने एक और विवादास्पद बयान दे दिया है कि जरूरत पड़ी तो वे पशुओं वैगन में गायों के साथ भी यात्रा कर सकते हैं....सूखे के शोर के बीच बाढ़ में बह गये एक हजार लोग
चारों तरफ इस बात शोर है कि भारत में इस साल सूखा पड़ा है. अब तक देश के दस राज्यों ने अपने विभिन्न जिलों को सूखाग्रस्त घोषित करके केन्द्र सरकार से बहत्तर हजार करोड़ रुपये का राहत पैकेज मांग रहे हैं लेकिन सूखे की इस आपाधापी के बीच लोग भूल ही गये कि देश के कई हिस्से बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं अकेले इस साल बाढ़ के कारण 992 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है. ...पटरी पर लौटा वीओआई, 19 सितंबर से शुरू हो सकता है प्रसारण
समाचार चैनलों में त्रासदी का दूसरा रूप बन चुका वाइस आफ इंडिया आखिरकार पटरी पर लौट आया है. सोमवार को वायस आफ इंडिया को अमित सिन्हा ने पूरी तरह से खरीद लिया है और अब उम्मीद है कि आगामी 19 सितंबर से चैनल आन एयर हो जाएगा. ...दूरदर्शन के पूरे 50 साल
15 सितंबर 1959 को दिल्ली में दूरदर्शन का पहला प्रसारण प्रयोगात्मक आधार पर आधे घंटे के लिए शैक्षिक और विकास कार्यक्रमों के रूप में शुरू किया गया था। किसी भी मीडिया के लिए पचास साल का सफर बहुत मायने रखता है वक्त के साथ चलने में दूरदर्शन ने कई उतार-चढ़ाव तय किए हैं। एक लोक प्रसारक सेवा के रूप में स्वायत्ता हासिल करने के बावजूद दूरदर्शन सूचना, शिक्षा और मनोरंजन के उद्देश्यों से डिगा नहीं है। ...14 सितंबर का पाप-हिन्दी दिवस
मान लीजिए कांग्रेस पार्टी गांधी नेहरू के आदर्शों को भूल गयी है. लेकिन हिन्दू-हिन्दी वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को क्या हो गया है? उसके सरसंघचालक भी केवल अंग्रेजी में इंटरव्यू देकर गौरवान्वित होने लगे हैं. राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रवादी भाजपा नेताओं के बेटे बेटियां भी क्या हिन्दी में लिखना गौरवपूर्ण मानते हैं? मजदूर किसानों के नाम पर अधिकतर कम्युनिस्ट तो हिन्दी िलखने और बोलने की हालत में ही नहीं हैं. ऐसी हालत में केवल माता पिता की कृपा, उदारता और आशिर्वाद से उऋण होने के लिए केवल एक दिन नमन करने की तरह 14 सितंबर को हिन्दी दिवस के रूप में नमन करना बहुत गलत और पाप की तरह है....शेखर गुप्ताओं की पत्रकारिता से भी निजात पानी होगी
दैनिक भास्कर के 24 अगस्त 2009 के अंक में अंग्रेजी भाषा के एक बड़े पत्रकार शेखर गुप्ता का एक लेख ``एक और हरित क्रांति´´ प्रकाशित हुआ है। गुप्ता का यह लेख 5 दशक पुरानी सोच पर आधारित है। श्री गुप्ता ने पंजाब और हरियाणा की खेती का श्रेय 1950 और 1960 के दशकों में बने बड़े बाँधों को दिया है। इसके विपरीत `मंथन अध्ययन केन्द्र´ द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट ``अनरेवलिंग भाखड़ा´´ सरकारी आँकड़ों से सिद्ध करती है कि पंजाब और हरियाणा की खेती भूजल दोहन पर निर्भर है जो संसाधनों के दोहन का आत्मघाती तरीका है। इस खनन तथा कुछ अन्य कारणों से इन राज्यों की खेती संकट में हैं।...पाकिस्तान के खिलाफ "मीडिया वार" शुरू करेगा भारत
भारत पहली बार सक्रिय रूप से पाकिस्तान पर हमलावर हो रहा है. मुंबई हमलों के बाद मिश्र में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री से मिलने के कारण सरकार की जो किरकिरी हुई थी सरकार उसे अब धोने और पाकिस्तान को उसकी असलियत बताने पर उतारू नजर आ रही है. हाफिज मोहम्मद सईद के मसले पर जिस तरह से पाकिस्तान ने टालमटोल किया है उसे देखते हुए भारत पाकिस्तान में एक घोषित मीडिया वार छेड़ने जा रहा है....जसवंत को नहीं हटा सकते-प्रणब मुखर्जी
भाजपा की अंदरूनी कलह में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सलाह के बाद पहली बार कांग्रेस ने बड़ा हस्तक्षेप किया है. जब से जसवंत सिंह पार्टी से बाहर किये गये हैं भाजपा लगातार कोशिश कर रही है कि जसवंत सिंह पब्लिक एकाउण्ट्स कमेटी के अध्यक्ष का पद छोड़ दें. लेकिन जसवंत सिंह ने पद से त्यागपत्र देने से यह कहते हुए इंकार कर दिया था कि अगर लोकसभा अध्यक्ष चाहें तो हटा दें वे खुद इस्तीफा नहीं देंगे. अब प्रणव मुखर्जी ने कहा है कि पीएसी अध्यक्ष को हटाने का कोई प्रावधान नहीं है इसलिए जसवंत सिंह को नहीं हटा सकते....कांशीराम मेमोरियल पर सुप्रीम कोर्ट का पूर्ण विराम
लखनऊ में बन रहे कांशीराम मेमोरियल के निर्माण कार्य पर सुप्रीम कोर्ट ने पूरी तरह से रोक दिया है. शुक्रवार को जस्टिस बीएन अग्रवाल और जस्टिस आफताब आलम की खंडपीठ ने आदेश देते हुए कहा कि शुक्रवार शाम सात बजे के बाद किसी भी प्रकार की मानवीय गतिविधि इस निर्माण स्थल पर नहीं होगी. कांशीराम मेमोरियल स्थल पर अब किसी भी प्रकार का निर्माण या रखरखाव का काम नहीं किया जा सकेगा. ...एयर इंडिया को घाटे में रखकर किंगफिशर को फायदा
एयर इंडिया के साथ जो हो रहा है वह भारत में कई दफा कई सरकारी कंपनियो के साथ हुआ है. सरकारी कंपनी को घाटे में रखकर उसकी कीमत पर निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाओ. एयर इंडिया के अधिकारी भी निजी विमानन कंपनी किंगफिशर को फायदा पहुंचाने के लिए पहले एयर इण्डिया की कमाई वाले रूटों से उसका परिचालन हटा लिया फिर अब रोना रो रहे हैं कि एयर इण्डिया घाटे में हैं. देश की नौकरशाही किस तरह से निजी कंपनियों के हाथ का खिलौना है वह इस रिपोर्ट से समझ में आ जाता है. ऐसी खबरों का प्रकाशन भी कम ही होता है लेकिन नई दुनिया में 10 सितंबर को प्रकाशित संदीप देव की रिपोर्ट ऐसा ही एक खुलासा कर रही है-...राहुल गांधी ने किया नदियों को जोड़ने का विरोध
कांग्रेस के महासचिव राहुल गांधी ने नदियों को जोड़ने का विरोध किया है. तमिलनाडु यात्रा पर गये राहुल गांधी ने चेन्नई में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि वे नदियों को जोड़नेवाले विचार के खिलाफ हैं क्योंकि इसका पर्यावरण पर बहुत घातक दुष्परिणाम होगा. ...पैसे देकर डिग्री लेंगे तो पैसे लेकर खबर भी छापेंगे
सुना है पूरब के आक्सफोर्ड के जन संचार विभाग के उन कुर्सियों पर बैठ कर पढने वाले स्टूडेंट शिक्षा के निजीकरण के खिलाफ इलाहाबाद यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं जिन पर बैठकर कभी हम पढ़ा करते थे। मेरठ में बैठ कर भी पोर्टल और ब्लाग पर पढ़ा है कि केंद्रीय यूनिवर्सिटी बन जाने के बाद भी कोई प्राक्टर साहब स्टूडेंट को मुर्गा बना रहें हैं। दोनों खबरें सुनी कि एक स्वनाम धन्य तथाकथित अकादमिक रूप से दक्ष वीसी के वक्त में ऐसा हो रहा है, अनुशासन के नाम पर तानाशाही की जा रही है और पढा लिखा वाइस चांसलर कह रहा है कि खबरनवीस की क्या हैसियत जो मुझसे बात करे?...मिल सकता है जगनमोहन को उत्तराधिकार
आंध्र प्रदेश में सात दिन का शोक खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री बनने की जोड़ तोड़ सतह पर आ गयी है. कांग्रेस आलाकमान मंगलवार को दिन भर इस मसले पर व्यस्त रहा और राजशेखर रेड्डी के समर्थकों और अन्य नेताओं से मिलता रहा. फिलहाल जिस बात की सबसे प्रबल संभावना है वह यह कि कांग्रेस आलाकमान जगनमोहन को प्रदेश का अगला मुख्यमंत्री घोषित कर सकता है. ...इलाहाबाद विश्वविद्यालय में पत्रकारिता के छात्रों का आंदोलन
इधर दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में जिस वक्त केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी देश में चार और आईआईएमसी खोले जाने की घोषणा कर रही थी उसी वक्त दिल्ली से दूर इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पत्रकारिता के छात्र अपने ही कुलपति के खिलाफ आंदोलन कर रहे थे. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से जुड़े पत्रकारिता के छात्रों का यह आंदोलन थोड़ा बेतुका जरूर है लेकिन अप्रासंगिक नहीं है. मसलन आंदोलन करनेवाले छात्रों की मांग है कि विश्वविद्यालय परिसर में निजी पत्रकारिता संस्थान न खोला जाए भले ही विश्वविद्यालय के जर्जर पत्रकारिता संकाय में एक ही शिक्षक उन्हें पत्रकारिता पढ़ाता रहे. ...दूरदर्शन को नंबर वन घोषित करने का शिगूफा
दूरदर्शन के बारे में आखिरकार सबसे बड़ा मिथक टूट ही गया. दूरदर्शन पर आरोप लगता है कि वह देहातियों का चैनल है और उसे बड़े महानगरों और शहरों में नहीं देखा जाता. लेकिन अब एसी निल्सन का टैम डाटा बता रहा है कि दूरदर्शन भारतीय शहरों का भी सबसे अधिक देखा जानेवाला चैनल है. उसने मसाला तड़का चैनलों से लेकर तड़क-भड़क वाले कामर्शियल चैनलों को भी दर्शकों के मामले में पीछे छोड़ दिया है. लेकिन यह सच्चाई है या फिर सरकार को खुश करने के लिए टीवी रेटिंग कंपनी द्वारा छोड़ा गया एक शिगूफा?...जसवंत की किताब पर मोदी की 'पटेल' नीति
गुजरात हाईकोर्ट द्वारा जसवंत सिंह की किताब पर शुक्रवार प्रतिबंध हटा लिए जाने के बाद राज्य की नरेन्द्र मोदी सरकार किताब पर दोबारा प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रही है. खबर है कि इसके लिए गृहमंत्रालय किताब का नये सिरे से अध्ययन कर रहा है और वे सारे कथ्य मार्क कर रहा है जिसको आधार बनाकर दोबारा किताब को राज्य में प्रतिबंधित किया जा सके....मुश्किल में है बुद्धदेव
अगर दक्षिणपंथी भारतीय जनता पार्टी में लालकृष्ण आडवाणी की ग्रह नक्षत्र ठीक नहीं चल रहे हैं और वे विचारधारा के निशाने पर हैं तो वामपंथी पार्टियों में भी घमासान कम नहीं है. आरएसपी से अवनि राय को निकालने के बाद सीपीआई (एम) बुद्धदेव भट्टाचार्य को किनारे करने की तैयारियों में जुट गया है. ...खबरों की खरीद बिक्री से चिंतित है चुनाव आयोग
हरियाणा और महाराष्ट्र में अक्टूबर में होनेवाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर चुनाव आयोग खबरों की संभावित खरीद और बिक्री को लेकर चिंतित है. मुख्य चुनाव आयुक्त नवीन चावला शनिवार को चण्डीगढ़ में चुनाव तैयारियों की समीक्षा करने आये तो उन्होंने अपनी यह चिंता यहां साफ तौर पर जाहिर की....अपने ही रिपोर्टर की बात नहीं मानी और राजशेखर को जीवित घोषित कर दिया
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस राजशेखर रेड्डी की हेलिकाप्टर दुर्घटना में हुई मौत के बाद इण्डिया टीवी ने राजशेखर रेड्डी को जिन्दा करने की खबरें चला दी थी. जिसे लेकर इण्डिया टीवी प्रबंधन को भले ही शर्म न आ रही हो लेकिन समाचार उद्योग से जुड़े लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे इण्डिया टीवी का एक और कारनामा करार दिया था. लेकिन अब खबर यह है कि इण्डिया टीवी के न्यूज हेड विनोद कापड़ी ने यह खबर सिर्फ अपनी मर्जी से चलायी थी....हरियाणा में चुनाव पूर्व धराशायी होते गठबंधन
आगामी 13 अक्तूबर को हरियाणा में होने जा रहे विधानसभा चुनावों को लेकर राज्य में राजनैतिक घमासान तेज हो गया है। अत्यधिक आत्मविश्वास से भरपूर दिखाई दे रहे राज्य के निवर्तमान मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा जहां एक बार पुन: कांग्रेस पार्टी की राज्य में सत्ता वापसी को लेकर आश्वस्त नजर आ रहे हैं, वहीं हरियाणा के सभी विपक्षी दलों तथा उनके गठबंधन सहयोगियों के मध्य सगाई व तलाक का सिलसिला अभी से शुरु हो गया है।...माया का मंत्री, जनता पर कहर
मायावती के संस्कृति एवं संस्कार मंत्री मुस्कुराते हैं तो उनके दामिनी दंत पंक्तियां उनके सौम्यता से आपको लाजवाब कर देती है. लेकिन उनकी इस मुस्कान के पीछे की सच्चाई जानना हो तो उनके गृहनगर मुंगरा बादशाहपुर आइये और किसी तरह से खोजकर बुजुर्ग राजेन्द्र बहादुर सिंह से मिलिए. राजेन्द्र बहादुर सिंह लटपटाती आवाज में कड़कड़ाते हुए कहते हैं "यह आदमी मुंबई से आया हुआ कैंसर है." मायावती का संस्कृति मंत्री इलाकेवासियों की नजर में कैंसर? चेहरे पर मुदित मुस्कान लिए संस्कृति मंत्री सुभाष पाण्डेय को इलाके में मंत्री के रूप में कम जमीन कब्जा करनेवाले भूमाफिया के रूप में ज्यादा जानते हैं....दोहा दौर का दोहरा संकट
तीन सितंबर से नई दिल्ली में शुरू हुए दो दिन के मिनी मिनिस्टीरियल कांफ्रेस और उसका विरोध दोनों शुरू हुए. दिल्ली में हो रही इस दो दिवसीय मिनी मिनिस्टीरियल कांफ्रेस का हजारों किसानों और प्रदर्शनकारियों ने विरोध किया और भारत सरकार से किसी भी कीमत पर दोहा दौर से समझौता न करने की मांग की....सूख गया ब्रह्मा जी का सरोवर
पुष्कर में होटल सरोवर का यह एकमात्र कमरा है, जहाँ से प्रसिद्ध पुष्कर झील का पूरा-पूरा नज़ारा होता है। लेकिन यदि इस समय इस होटल की कबूतरों भरी बालकनी से आप झील का नज़ारा देखेंगे तो सिहर उठेंगे। क्या यही वह प्रसिद्ध झील है? इसे क्या हो गया है? बड़ा ही भयानक नज़ारा है। एक काले जादू की तरह समूचा पुष्कर तालाब ही गायब हो गया है। एक गाय झील के बीचो बीच खड़ी होकर घास चर रही है, यह देखकर दिल टूट जाता है।...न हिन्द रहा न पाक मिला
जसवंत सिंह की किताब के बहाने पाकिस्तान के तथाकथित कायद-ए-आजम मौहम्मद अली जिनाह (सही शब्द जिनाह ही है, जिन्ना नहीं) एक बार फिर चर्चा के विषय बने हुए हैं। जिनाह की चर्चा हो और भारत विभाजन का का जिक्र न हो यह सम्भव नहीं है। क्या विभाजन जिनाह की जिद ने कराया ? क्या नेहरु और पटेल विभाजन के जिम्मेदार थे ? क्या अंग्रेजों ने भारत को कमजोर करने के लिए भारत को विभाजित करने की साजिश की थी ?...अनिल अंबानी ने किया 33 न्यूज चैनलों के लिए आवेदन
अनिल अंबानी समूह देश के टीवी समाचार उद्योग में धमाका करने जा रहा है. उसने सूचना एवं प्रसार मंत्रालय में एक साथ 33 समाचार चैनलों के लिए लाइसेंस का आवेदन किया है. मंत्रालय में इस समय हर तीसरे समाचार चैनल का आवेदन अनिल अंबानी समूह का है. ...भाजपा के भलाई की गैरजरूरी चिंता
भारतीय जनता पार्टी को उपदेश देने का, उसके आंतरिक मामलों में टांग अड़ाने का अधिकार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को कैसे मिल गया? क्या वो जनता के द्वारा चुनी हुयी संस्था है? एक समान्य मतदाता को भारतीय जनता पार्टी को जितना उपदेश देने का अधिकार है, उतना ही अधिकार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को भी है। उससे तिलमात्र भी अधिक अधिकार नहीं है। संविधान उन्हें कोई अधिकार नहीं देता। मतभेद एवं नेतृत्वहीनता से कराह रही भारतीय जनता पार्टी के बारे में यदि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को बहुत रूचि है तो क्यों नहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत स्वयं भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष बन जाते, चुनाव लड़ते और देश का प्रधानमंत्री बनने की कोशिश करते। उन्हें कौन रोकता है? ...Author info
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