दिनेश शाक्य
कुख्यात चंबल घाटी होगी विख्यात
दस्यु संरक्षण के लिए कुख्यात रहीं चंबल की वादी की तस्वीर बदलने के लिए की जा रही कवायद का एक हिस्सा बनाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रकृति की तमाम अद्भुत धरोहरों को अपने आगोश में समाने वाली इन्हीं वादियों के प्रति राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लेने आने वाले देशी व विदेशी सैलानियों के अंतःमन में रम चुकी कुख्यात चंबल घाटी को अंर्तराष्ट्रीय स्तर पर विख्यात करने का प्रयास मध्य प्रदेश के भिंड जिला प्रशासन ने कर दी है। चंबल चेलेंज नाम से तैयार कराए गए इस प्रोजेक्ट में पर्यटक चंबल की घाटी में संरक्षित दुर्लभ प्रजाति के जलीय जीवों के दीदार तो कर ही सकेंगें अपितु मिट्टी के पहाड़ों पर रोमांचक खेलों का आनंद भी उठा सकेंगें।
नंदी पर हमले की हो सीबीआई जांच: शिवपाल
लखनऊ। "मुख्यमंत्री मायावती ने जॉच की कार्यवाही पूरी हुए बिना ही संस्थागत वित्तमंत्री नंदी पर हमले में समाजवादी पार्टी को दोषी ठहराकर अपनी पार्टी के अन्दरूनी झगड़ों पर पर्दा डालने और असली अपराधियों को बचाने का काम किया है।" समाजवादी पार्टी के नेता ओर उत्तर प्रदेश विधानसभा के नेता विरोधी दल ने मायावती पर आरोप लगाते हुये कहा कि बसपाईयो की करतूत छिपाने के लिये सपा नेताओ को जिम्मेदार ठहरा रहे है. श्री यादव ने मांग की कि हकीकत का पता लगाने के लिये सीबीआई जांच बेहद जरूरी है।...कितना कामयाब होगा मुलायम का माफीनामा
जैसे तलाक देने के लिये तलाक को तीन बार बोला जाता है बिल्कुल इसी अंदाज मे सपा प्रमुख मुलायम सिंह ने कल्याण सिंह से अपने संबधो को लेकर माफी मांग कर मुसलमानो को रिझाने के लिये फिर से ट्रांपकार्ड फेंका है। अब देखना है कि मुलायम का यह ट्रांपकार्ड क्या हकीकत मे मुसलमानो को रिझाने मे कामयाब होगा।...मुलायम ने कहा-मुसलमान भाइयों माफ कर दो!
लखनऊ। कभी कल्याण सिंह को लाल टोपी पहनानेवाले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने अब मुसलमानों से इस बात के लिए माफ़ी मांगी हैं कि बाबरी मस्जिद को शहीद करनेवाले कल्याण सिंह को पार्टी में लेकर उन्होंने गलती की. मुसलमान भाई उन्हें इस गलती के लिए माफ कर दें. ...बंद को लेकर बिखरा रहा विपक्ष
लखनऊ। सोमवार को मंहगाई के मुद्दे को लेकर जहां विरोध का तरीका बेशक बसपा और केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के अलावा समूचे विपक्ष का बंदी का था, परंतु इसके बावजूद भी विचारों में समानता होने के बाद भी एकजुटता का अभाव देखा गया। बंदी अभूतपूर्व रही इसे सभी दल स्वीकार रहे हैं, परंतु इसके लिए पीठ अपनी ही थपथपाते देखे गए।...जानवरों के मुंह मे गरीबों का गेंहू
इटावा। गरीबों का बांटे जाने वाला गेंहू का बुरा हाल अगर देखना है तो इटावा आइये जिस गेंहू को गरीबो को बांटा जाना है उस गेंहू को गाय,बैल,सुअर के अलावा गधे भी खाने मे लगे हुये है.इतना ही नहीं छुट पुट हो रही बरसात से भी यह गेहूं सड़ रहा है....Author info
