लिमटी खरे
टुम बोले टुम बोले हम टो टुप्पई टाप!
पुरानी कहानी है कि एक परिवार के तीन तोतलों की शादी नहीं हो पा रही थी। पिता ने हिदायत दी कि इस बार जो लडकी वालों के सामने बोलेगा उसको घर से निकाल दिया जाएगा। लकड़ी वाले आए, बडे बोला -‘पितादी ती बात याद है न।‘‘ मंझला बोला -‘‘टुप्प भईया।‘‘ छोटा बोल उठा -‘‘टुम बोले टुम बोले हम टो टुप्पई टाप!‘‘ इस तरह तीनों की पोल खुल गई। कांग्रेसनीत केंद्र सरकार में भी कमोबेश एसा ही कुछ होता दिख रहा है।
बडबोले युवराज से परेशान है कांग्रेस
कांग्रेस में राहुल गांधी को महिमा मण्डित करने बाकायदा मीडिया को मैनेज किया जाता है। राहुल के इर्द गिर्द सिर्फ उन्ही मीडिया पर्सन को जाने की इजाजत दी जाती है, जो कांग्रेस की मानसिकता के हैं। राहुल की पत्रकार वार्ताओं में भी मीडिया को पहले से ही प्रश्न देकर प्रश्न पुछवाए जाते हैं। इसके बदले में कांग्रेस के वित्तीय प्रबंधकों द्वारा इन गिने चुने पत्रकारों को तबियत से उपकृत किया जाता है। हाल ही में राहुल गांधी की जबान फिसल गई और राहुल ने संघ और सिमी को एक समान ही बता दिया। संघ पर सीधे वार से तिलमिलाई भाजपा और उसके अनुषांगिक संगठनों ने राहुल गांधी को घेरना आरंभ कर दिया है। कांग्रेस के आला नेता अपने युवराज की इस तरह की बयानबाजी से खासे नाराज दिख रहे हैं। एक वरिष्ठ नेता ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर कहा कि राहुल के पढाने वालों ने पता नहीं राहुल को क्या पट्टी पढ़ाई है, वरना कांग्रेस को इस बचाव की मुद्रा में नहीं आना पड़ता। गौरतलब है कि इससे पहले सिमी के संबंध में दिग्विजय सिंह द्वारा लगातार इसी तरह की बयानबाजी की जाती रही है।...रेत की तरह खिसल रहा है भाजपा का जनाधार
भाजपा के आला नेताओं की नींद इस बात से उड़ी हुई है कि दो सीटों से लेकर देश पर शासन करने वाली भारतीय जनता पार्टी का जनाधार बहुत ही तेजी से खिसकता जा रहा है। पार्टी प्रमुख नितिन गड़करी के करीबी सूत्रों का दावा है कि पार्टी द्वारा कराए गए अंदरूनी एवं गुप्त सर्वे में यह तथ्य उभरकर सामने आया है कि भाजपा का अगड़ा वोट बैंक बुरी तरह ध्वस्त हो चुका है।...गुटखा खाओ, मौत मुफ्त में पाओ
तम्बाखू खाने या पीने से कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। यह बात सालों से कही जा रही है, पर फिर भी सरकार द्वारा मनुष्य के स्वास्थ्य के इन दुश्मनों के उत्पादन पर पाबंदी नहीं लगाई जा सकी है, इसका कारण इन उत्पादों से बड़ी मात्रा में मिलने वाला राजस्व है।...चलाचली की बेला में चिदम्बरम
भारत गणराज्य के गृह मंत्री पलनिअप्पम चिदम्बरम की रूखसती की बेला आ गई है। एक के बाद एक हर मोर्चे पर नाकामी का सेहरा अपने सर बांधने वाले चिदम्बरम के खिलाफ कांग्रेस में भी अंदर ही अंदर रोष और असंतोष के स्वर खदबदाने लगे हैं। ...अंधेरे में रहने को मजबूर है राजमाता की रियाया
भारत गणराज्य में छोटे बच्चे से अगर पूछा जाए कि देश पर वास्तव में शासन कौन कर रहा है तो निश्चित तौर पर उसका जवाब होगा ‘सोनिया गांधी‘। नेहरू गांधी परिवार के नाम पर आधी सदी से ज्यादा राज करने वाली कांग्रेस ने अघोषित तौर पर कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमति सोनिया गांधी को अपनी राजमाता और कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी को अपना युवराज मान ही लिया है। क्या आप जानते हैं कि राजमाता और युवराज की सल्तनत का आलम क्या है?...मानो या ना मानो ‘मीडिया बन चुकी है धनकुबेर की लौंडी‘
स्वच्छ, निष्छल, निर्भीक, जनसेवा के लिए की जाने वाली पत्रकारिता के दिन लद चुके हैं। अब जमाना पेड न्यूज का आ चुका है। मीडिया की लगाम वाकई में धनपतियों के हाथों में जा चुकी है। पेड न्यूज पर देशभर में हो रही बहस बेमानी नहीं है। नए चुनाव आयुक्त एस.वाई.कुरैशी का कहना है कि आयोग की पेड न्यूज पर पैनी नजर होगी।...भाजपा में पसरता परिवारवाद
अभी तक माना जाता था कि परिवारवाद का कापीराईट अगर किसी के पास है तो वह है सवा सौ साल पुरानी अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस। उत्तर प्रदेश भाजपा में मचे घमासान से लगने लगा है कि परिवारवाद का पेटेंट और कापीराईट का कुछ अंश भाजपा के पास भी आ गया है। उत्तर प्रदेश में महासचिव के पांच पदों के लिए जड़ें जमाए बैठे चार बड़े नेताओं के साहेबजादे लाईन में लगे हुए हैं।...‘‘मिशन बिहार" पर युवराज
कांग्रेस की नजरों में भविष्य के प्रधानमंत्री राहुल गांधी ने अब बिहार में होने वाले विधानसभा चुनावों के रण हेतु अपने तरकश में तीर भरने आरंभ कर दिए हैं। कभी भी रणभेरी बज सकती है और कांग्रेस, भाजपा, जदयू, राजद सहित सारे सियासी दल इसमें कूद पडेंगे। राहुल गांधी के विश्वस्त चालीस लोग बिहार के अंदरूनी इलाकों में जाकर सर्वे का काम आरंभ कर चुके हैं। ...पैसा पीडितों के लिए था, आपके लिए नहीं नितीश जी!
बिहार का दर्द माना जाता है कोसी नदी को। हर साल कोसी नदी की बाढ से बिहार वासी बुरी तरह प्रभावित होते हैं। केंद्र और राज्य सरकारों की इमदाद इसमें पूरी नहीं पडती है। देश भर के हर सूबे से लोग कोसी नदी के प्रभावितों के लिए मदद भेजते हैं। इसी तारतम्य में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राज्य की ओर से पांच करोड रूपए की राशि की सहायता पहुंचाई थी, जिसे बिहार के निजाम नितीश कुमार ने वापस लौटा दिया है।...Author info
