मुदित माथुर
लेने नहीं, देने का दिन बना बहनजी का जन्मदिन
मुख्यमन्त्री मायावती ने अपना जन्मदिन मनाने की शैली बदल दी है। इस बार न तो उन्होने केक काटा न ही तोहफे कबूल किए। आगन्तुकों ने उन्हें बहुरंगी फूल दे कर अपनी शुभकामनाओं की अभिव्यक्ति की। इस साल से उन्होंने अपने जन्मदिन पर पार्टी के लिए अपने कार्यकर्ताओं से आर्थिक सहयोग लेना भी बन्द करा दिया है।
लखनऊ की पत्रकारिता में लोकतंत्र लौट आया है
दस जनवरी को सम्पन्न यूपीएसएसीसी के चुनाव के परिणाम पर चुनाव अधिकारियों को कठघरे में खड़ा किये जाना अत्यन्त दुर्भाग्यपूर्ण है। हेमंत तिवारी इलेक्ट्रानिक मीडिया के लोगों को भड़का कर पत्रकारों के बीच अनावश्यक मतभेद पैदा करा रहे हैं। आरोप लगाने की घृणित राजनीति मे उलझने की बजाय हेमंत तिवारी को अपनी हार स्वीकार कर लेनी चाहिए। उन्होंने जो बोया था वही काटा है।...Author info
