राजीव शर्मा
दलितों की मेहनत, मेहनताना सवर्णों को
राजस्थान के इस इलाके में रोजगार गारंटी योजना की जो कड़वी सच्चाई सामने आयी है वह इस योजना की पोल खोलने के लिए काफी है. भरतपुर जिले में नरेगा के तहत काम करनेवाली दलित महिलाओं ने आरोप लगाया है कि काम वे करती हैं लेकिन उनके हिस्से का पैसा सवर्णों को बांट दिया जाता है. नरेगा में महाघोटाले का यह हाल केवल भरतपुर का ही नहीं है बल्कि राजस्थान में वित्तीय साल 2008-09 में नरेगा से संबधित 11 हजार 536 शिकायतें दर्ज हुई और वर्ष 2009-10 के पहले दो माह में ही अब तक 6 हजार 85 शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं.
शराब पीकर नाचने के मुद्दे पर ठप पड़ी है विधानसभा
राजस्थान विधानसभा 13 जुलाई से ठप पड़ी है. कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पक्षों के विधायक किसी भी सूरत में विधानसभा चलने देने के लिए राजी नहीं है. 13 जुलाई को कांग्रेस के विधायक रघु शर्मा ने वसुंधरा राजे पर कीचड़ उछाला तो वसुंधरा राजे सीधे पहुंची रघु शर्मा के पास और कहा कि "अगर कोई यह कहे कि तुम्हारी बीबी शराब पीकर सड़क पर नाचती है तो तुम्हे कैसा लगेगा?" ...अम्बेडकर पार्क के हाथी बने बयाना पर बोझ
लखनऊ के अंबेडकर पार्क की चर्चा पूरे देश में है लेकिन बयाना की चर्चा कहीं नहीं है. भरतपुर के बयाना में ही लखनऊ में बनने वाले अंबेडकर पार्क के लिए पत्थरों को तराशकर मूर्तियां बनायी गयी. अंबेडकर पार्क और मायावती के मूर्ति प्रेम के कारण बयाना में कोई 20 अरब का कारोबार हुआ है. पत्थर की नक्काशी के लिए यहॉ दूर दूर से आऐ हजारों कारीगरों ने दिन रात काम किया। हाथी तैयार करने के लिए सैकडों कारीगर उडीसा से यहॉ बुलाए गये। यह पैसा किसने कैसे कमाया इसे छोड़ भी दें तो आज बयाना में कई ऐसे कारोबारी हैं जो परेशान हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बयाना के पत्थर व्यवसाईयों के करीब 50 करोड रूपये अटके पडे है, जिनके लिए रोजाना व्यवसायी लखनऊ के चक्कर लगा रहे है।...असाढ़, अशोक और अकाल की आशंका
राजस्थान सरकार बिजली पानी के संकट से जूझते प्रदेश को अभी तक कोई राहत नहीं दे पाई है वही आम किसान को एक बार फिर से आशंकाओं ने घेर लिया है। उसकी चिंता ये है कि कहीं एक बार फिर से पॉच साल पुराना इतिहास न सामने आ जाऐ।वो ऐसे में अकाल की स्थिति का अनुमान प्रदेश के मुखिया अशोक गहलौत से जोड रहा है और उसकी आशंका निर्मूल भी नजर नहीं आ रही है।राजस्थान में जून माह में सामान्तया 72 मिमी बारिश होती है जो इस बार 39 मिमी ही हुई है। बर्षा की कुछ क्षेत्रों में पडी फुहारों ने कुछ राहत अवश्य दी हैं।...Author info
