राजीव शर्मा
प्यार की पंचायत पर कुर्बान हुआ परिवार
रात के सन्नाटे को चीरती देहरादून एक्सप्रेस उसके ऊपर से गुजर गई. लेकिन दहशत के उन पलों में भी वो अपने परिवार की सलामती के बारे में ही सोचती रही. ऊपर से गाड़ी गुजर जाने के बाद उसने सबसे पहले अपने भाई रोहित को खोजा. उसके बाद मिले पिता, माँ बहिन और चाची के चिथड़ों ने उसे बदहवास कर दिया. सप्ताह भर बीत जाने के बाद भी उसके चेहरे पर अकेले रह जाने का खौफ साफ दिखाई दे रहा है. उसे चाची से कोई शिकायत नहीं. पंचों के फैसले को वो भले ही समझ नहीं पा रही है. लेकिन खुद के अकेले रह जाने के लिए वो उन्हें ही जिम्मेदार जरूर मान रही है.
नरेगा के नाम एक और कलंक
राजस्थान, देश के गामीण विकास मंत्री का प्रदेश. यहाँ कांग्रेस की सरकार है. प्रदेश में पार्टी के अध्यक्ष भी मंत्री जी है. अपना पूरा समय भी प्रदेश को दे रहे है. इतना ही नहीं नरेगा को बजट देने में कोई कोताही उनके यहाँ नहीं है. हर एक पंचायत को औसत सालाना एक करोड का बजट दिया है. ...अकबर की छतरी पर नासमझी की गठरी
आम आदमी की क्या बात करें. जब राष्ट्रीय प्रतीकों और धरोहरों का संरक्षण करने वाला पुरातत्व विभाग ही राष्ट्रीय प्रतीकों को ठीक से नहीं जान पा रहा है. उसके जिला स्तर के अधिकारी को नहीं पता कि राष्ट्रीय चिन्ह माने जाने वाले अशोक स्तम्भ के चक्र में कितनी तीलियॉ है. वे जानकारी होने से इंकार कर देते हैं....दो किरोडी एक सरकार
कर्नल किरोडी बैंसला ने एक बार फिर आन्दोलन की धमकी दी है. सरकार को रविवार सुबह 10 बजे तक अपनी स्थिति स्पष्ट करने का समय दे दिया है. उसके बाद वो कूच करेगें. ऐसे अवसर पिछले 15 दिनों में कई बार आये है. इस बार स्थिति कुछ अलग हो सकती है. गुर्जर आन्दोलन और उसके तरीकों के धुर विरोधी रहे डां किरोडी मीणा ने आन्दोलन को अपना पूरा समर्थन देने की मंशा जाहिर की है. ऐसे में दो किरोडियों के एक होने से अकेली सरकार कैसे निबटेगी? ...भ्रष्टाचार की पाकशाला
मध्यांह का भोजन या भष्टाचार का महाभोज. ये बच्चों के लिए मध्याह का सरकारी भोजन है या फिर भष्टाचर का एक और सरकारी माध्यम है? जहाँ शिक्षक नौकरी को अपने पसंदीदा स्थान पर बनाये रखने के लिए इसका इस्तेमाल अपने तरीके से कर रहे है वही पूरा तंत्र इसे खाओ पीओ योजना मान रहा है. बच्चों के लिए इसका कोई फायदा नही दिखाई दे रहा है. न तो उनका स्वास्थ्य सुधरा है और न ही शिक्षा का स्तर. सरकारी सर्वे तो कुछ ऐसी ही कहानी कह रहे है. ...अशोक गहलोत: दल के दबंगों का दबाव
जिस तरह से केन्द्र में भाजपा कांग्रेस के सामने कमजोर विपक्ष बनी हुई है उसी तरह राजस्थान में भाजपा विपक्ष की भूमिका में सरकार की खिंचाई करने की बजाय आपस की टांग खिचाई में उलझी हुई है. विखरा, टूटा सा विपक्ष भले ही कुछ नहीं कर रहा हो लेकिन राज्य में कांग्रेस के ही कुछ दबंग मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के लिए विपक्ष की भूमिका में आ गये हैं. इससे बचने के लिए मुख्यमंत्री गहलोत ने पार्टी के भीतर ही संवादहीनता की स्थिति बना दी है. ...Author info
