संजय स्वदेश
भाजपा के तोता मैना बोलने से पहले सोचें- शत्रुघ्न सिन्हा
फिल्म अभिनेता और भारतीय जनता पार्टी के नेता और शत्रुधन सिन्हा का कहना है कि पार्टी के वक्ता, अधिवक्ता, प्रवक्ता और तोता मैना कुछ भी बोलने से पहले सोच-समझ लें कि वे क्या बोल रहे है। श्री सिन्हा के इस बात से यह तो स्पष्ट हैं कि वक्ता, प्रवक्ता और अधिवक्ता के संकेत किसकी ओर हैं, पर पार्टी में तोता-मौना की श्रेणी में कौन-आते हैं, यह स्पष्ट नहीं कर पाए।
सड़क पर कब आयेगा समाजवाद?
कहते हैं सड़क चाहे किसी भी राज्य या मुल्क की हो, समाजवादी होती हैं। सड़क पर चलने का अधिकार सभी को है। यहां जाति या धर्म का भेदभाव नहीं होता है। सड़कों पर समाजवाद का नजरा पहले की तरह नहीं रहा। छोटे-छोटे शहर जैसे-जैसे महानगर के रूप में तब्बदील हो रहे हैं, उस पर से समाजवाद का नजारा कम हो गया है। हालांकि कानून सड़क चलने का पहला अधिकार पैदल चलने वालों का मानता है, पर यह बात कानून की मोटी किताब में गुम है। सड़क पर चलने का पहला अधिकार बड़े और महंगे वाहन वालों ने छीन लिया है।...Author info
