संतोष कुमार
2009 और कांग्रेस: सिर्फ दर्द दिया, दवा नहीं
तो सफरनामा- 2009 में आज बात कांग्रेस की। शुरुआती दिन 26/11 की कालिमा में ही गुजरे। पर अरसे बाद देश में जागरूकता दिखी। जब जनता ने आतंकवाद को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनने दिया। अलबत्ता ऐसी लहर चली। कांग्रेस हो या बीजेपी, मुंह छुपाती दिखीं। पर सेमीफाइनल में बीजेपी का राजस्थान किला ढहना।
2009 और भाजपा: जो हारा वही सिकंदर
तुम जियो हजारों साल, साल के दिन हों पचास हजार। पर न कोई हजार साल जी सकता। न साल के दिन पचास हजार हो सकते। सो 365 दिन बाद 2009 भी विदा ले रहा है। अब महज कुछ घंटों का इंतजार, फिर 2010 का स्वागत होगा। सो आखिरी दिनों में लेखाजोखा भी जरूरी है। तो आज शुरुआत बीजेपी के सफरनामे से।...Author info
