सरिता अरगरे
लोकतंत्र के असली लुटेरे
मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में तीन आईएएस अफसरों सहित कई अन्य सरकारी मुलाज़िमों के ठिकानों पर इन्कम टैक्स के छापों में अब तक करीब 500 करोड़ की बेनामी संपत्ति का पता चला है। इसमें 7.7 करोड़ की नकदी और ज़ेवरात भी शामिल है। कुबेर का खज़ाना साबित हो रहीं इन अफ़सरों की तिजोरियाँ महज़ एक बानगी हैं ।
राहुल गांधी आये, विवाद पीछे छोड़ गये
राहुल गांधी का मध्य प्रदेश में दो दिन के दौरे के बाद जो विवाद खड़ा हुआ था वह रुकने का नाम नहीं ले रहा है. राहुल गांधी तो अपना दौरा पूरा करके वापस चले गये लेकिन कांग्रेस और भाजपा दोनों एक दूसरे से उलझ पड़े हैं. ...संत आसाराम की सेवा में जुटी है मध्य प्रदेश सरकार
भोपाल। आसाराम को लेकर भाजपा में ही अजीब सी असमंजस की स्थिति बन गयी है. जहां एक ओर विश्व हिन्दू परिषद भाजपा पर लगातार दबाव बना रहा है कि संत आसाराम को परेशान न किया जाए वहीं दूसरी ओर मध्य प्रदेश और गुजरात की सरकारों का रुख आसाराम को लेकर अलग अलग है. ...चीं भाजपा का ई आंदोलन
भारतीय संस्कृति और परंपराओं की दुहाई देने वाली पार्टी अब आधुनिक तकनीक का दामन थाम सत्ता शीर्ष तक पहुँचने की जुगत में लगी हुई है । इंडिया शाइनिंग और इंटरनेट के ज़रिये मतदाताओं को रिझाने की तमाम कोशिशें नाकाम होने के बावजूद बीजेपी का अब भी संचार के तेज़ी से उभरते नये माध्यम से मोहभंग नहीं हुआ है।...कमल का चला जोर, हाथ हुआ कमजोर
मध्यप्रदेश में हुए नगरीय निकाय चुनावों के पहले चरण में भाजपा ने एक बार फिर बाजी मार ली है। पहले दौर में 12 नगर निगमों में से सात में महापौर पद पर भाजपा का कब्जा हो गया है। सूबे के चार बड़े शहरों की नगर निगम अब बीजेपी के खाते में हैं।...भोपाल की नसों में आज भी रिस रही है त्रासदी
दुनिया की सबसे बड़ी औद्यौगिक त्रासदी "भोपाल गैस कांड" का जहर चौथाई सदी बीतने के बावजूद आज भी शहर की नसों में घुला हुआ है। 2-3 दिसम्बर 1984 की रात हजारों जिंदगियाँ लील चुके यूनियन कार्बाइड संयंत्र के आसपास के इलाकों की मिट्टी और पानी में अब भी भारी मात्रा में जहर मौजूद है। विज्ञान एवं पर्यावरण केन्द्र (सीएसई) के अध्ययन के अनुसार फैक्ट्री से तीन किलोमीटर दूर तक के इलाके के भू-जल में भारतीय मानकों से 40 गुना अधिक तक कीटनाशक पाए गए हैं।...सवालों के घेरे में मुख्यमंत्री का साहस
खण्डवा में कथित तौर पर सिमी द्वारा एटीएस के एक जवान सहित तीन लोगों की हत्या के दो दिन बीतने के बावजूद अब तक आरोपी की गिरफ़्तारी नहीं हो सके है । साहस का अनूठा प्रदर्शन करने वालों को सरकार ने पुरस्कृत किया, यहाँ तक तो सब ठीक था मगर पूरे तथ्यों की जाँच- पड़ताल किये बगैर वारदात में मारे गये दो अन्य लोगों को शहीद का दर्ज़ा, परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति, राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि और उसमें मुख्यमंत्री तथा मंत्रिमंडल के सदस्यों का शामिल होना कई सवाल खड़े करता है।...मध्य प्रदेश में फिर सक्रिय हुआ सिमी, एटीएस जवान की हत्या में आया नाम
मध्य प्रदेश के खण्डवा में शनिवार को आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) के एक जवान सहित तीन लोगों की हत्या के मामले में शक की सुई प्रतिबंधित संगठन स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) पर आकर ठहर गई हैं। पुलिस ने छह लोगों को हिरासत में लिया है।...नहीं खुलेगा यूनियन कार्बाइड का ताला
मध्यप्रदेश सरकार ने यूनियन कार्बाइड का ताला खोलने का फ़ैसला टाल दिया है। हाईकोर्ट से अनुमति मिलने के बावजूद इरादा बदलने की वजह स्थानीय निकाय चुनावों की आचार संहिता लागू होना बताया जा रहा है। राजनीतिक शोशेबाज़ी के लिये पहचाने जाने वाले गैस राहत मंत्री बाबूलाल गौर का तर्क है कि आचार संहिता की बाध्यता के चलते फ़िलहाल कदम पीछे खींचे गये हैं ।...काम पर भारी पड़ती रिश्तेदारी
मध्य प्रदेश में नगरीय निकायों के चुनाव में उम्मीदवारी तय करने में बीजेपी और काँग्रेस ने लोकतंत्र के सभी उसूलों को ताक पर धर दिया है। दोनों ही पार्टियों ने उम्मीदवारों की काबीलियत से ज़्यादा उसकी हैसियत को तरजीह दी है । प्रमुख दलों की "नूरा कुश्ती" ने महापौर, स्थानीय निकाय के अध्यक्षों और पार्षदों की तकदीर का फ़ैसला टिकट देते वक्त ही कर दिया है ।...Author info
