उमाशंकर मिश्र
डायमंड इन डेजर्ट
नवलगढ़ की कहानी अकेले संजय की नहीं है, बल्कि गांव-देहात के हर उस परिवार की है जहां संसाधनों एवं रोजगार का अभाव परिवार नामक संस्था के भरण-पोषण के लिए एक चुनौती बन जाता है। लेकिन शेखावटी के लोगों के साथ अब ऐसा नहीं है। नवलगढ़ के कस्बाई माहौल में डायमंड कटिंग एंड पालिशिंग इंडस्ट्री से लोगों के लिए रोजगार के रास्ते खुलने लगे हैं।
अनपढ़ हथौड़े से गढे हुए भगवान
भरतपुर जिला मुख्यालय से करीब 75 किलोमीटर की दूरी पर बसा रूपनगर नामक एक छोटा सा गांव है। सीकरी कस्बे से सटा होने के कारण इसे रूपनगर सीकरी भी कहा जाता है। गांव के मुहाने पर प्रवेश करते ही छेनी-हथौड़ी भी ठक-ठक कानों में गूंजने लगती है। लगभग 177 दस्तकारों की 70 मूर्ति-निर्माण इकाईयां दिन-रात देवी-देवताओं के मनोहारी आकार को गढ़ने में जुटी रहती है। यहां मूर्ति निर्माण में जुटे करीब 350 कारीगर प्रतिवर्ष डेढ़ से दो करोड़ रूपये का कारोबार करते हैं।...Author info
