दक्षिण की मीडिया के दुराचारी
अपने देश के मीडिया में आज भी कुछ अच्छे लोग हैं जिसके कारण पत्रकारिता में आम आदमी की आवाज बनी हुई है. लेकिन ये कुछ अच्छे लोग बस कुछ की ही संख्या में हैं. दूर दक्षिण में आइये. नारायण दत्त तिवारी का पोर्न स्टिंग दिखाकर उन्हें राजभवन से हटानेवाले हैदराबाद की पत्रकारिता में लड़कियों का जमकर शोषण होता है. इस दूसरी किश्त में हम दक्षिण की मीडिया में दुराचार का जायजा लेंगे.
मीडिया में यौनाचार की दूसरी किस्त लिखने से पहले कुछ पत्रकार भाइयो हे संदेह को दूर करना चाहूंगा। सबसे पहली बात तो ये है की इस तरह के आलेख किसी को जानबूझ कर मर्माहित करने के लिए नहीं लिखा जा रहा है। यह बदलते परिवेश के लिए जरूरी है। दूसरी बात ये है की कई साथी लोग कह रहे है कि अगर आपसी रजामंदी के साथ यौनाचार होता है तो किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। ऐसे लोगों को यह भी सोचना चाहिए कि हम सार्वजनिक जीवन जीने वाले लोग है और ऐसे में हमें अपनी नीयत, ईमान, समाज के प्रति कमिटमेंट को नहीं भूलना चाहिए। हमारा काम केवल समाज को सूचना देने तक ही सीमित नहीं है ,समाज को रास्ता दिखाना भी है। फिर वो महिला जो पैसे ले देकर अपना तन बेचती है उसे तो हम वेश्या कहते है । जबकि वो महिला भी आपसी रजामंदी से ही सबकुछ करती है। दरअसल मीडिया में आज जो कुछ हो रहा है उसके पीछे रजामंदी कम बेबसी , लाचारी, और तेजी से आगे बढ़ने की बात है। और अपने पद के दुरूपयोग और पत्रकारिता के मानमर्दन करने की बात है। संस्थान हमें पत्रकारिता करने के लिए पैसे देता है न की अपने शरीर की भूख मिटाने के लिए। आज पत्रकारिता में जो गिरावट आयी है उसके कई कारणों में एक महत्वपूर्ण कारन यही है। तीसरी बात यह है कि हम जानते हुए रंद्डीबाज पत्रकारों का नाम नहीं दे रहे है। इनकी दुनिया को हम बर्बाद करना नहीं चाहते। जरूरत पड़ने पर हम उनका नाम भी आपके सामने रख सकते है। हम ऐसे लोगो की आँखे खोलना चाहते है जो यह समझ रहे है की उनकी करतूत को तो......
तो ये किस्से है दक्षिण के राज्यों के जहा पिछले २० सालो में मीडिया का प्रसार खूब हुआ है। प्रिंट और चैनेल से ये राज्य पटे पड़े है।यहाँ एक से एक दिग्गज पत्रकार है और उनकी पत्रकारिता से उत्तर के लोगों को भी बहुत कुछ मिला है। अब यहाँ हिंदी भाषी भी काम कर रहे है और अपनी छाप भी छोड़ रहे है। लोग फिल्म के प्रेमी है और इसका असर मीडिया पर भी पड़ा है। जरा हैदराबाद की जानकारी तो ले। यहाँ एक फिल्म नगरी भी है और देश का प्रतिष्ठित मीडिया हाउस भी। इस प्रतिष्ठित मीडिया हाउस में एक मार्केटिंग के आदमी ने कई लड़कियो को बर्बाद कर रखा है। यह आदमी मार्केटिंग के दंम पर एडिटोरियल में भी दखल रखता है और महिला पत्रकारों को अपनी उंगली पर आज भी नचाता फिरता है। कोई नौ महिला पत्रकारों और तीन महिला एंकरों के साथ ये अपना भाग्य आजमा चुके है।
एक महिल्ला पत्रकार ने जब इसके खिलाफ आवाज़ उठाने की कोशिश की तो उसे जान से मारने की धमकी तो मिली ही, उसे नौकरी से भी हाथ धोना पड़ा। इस चैनेल की शाखाएं कई राज्यों में है। इसी चैनेल की एक एंकर ने एक नये एंकर को नौकरी दिलाने के लिए पहले अपने इसी बॉस के पास लाइ । उस लड़की को चार दिनों तक बुलाया गया । जब मामला काम सूत्र तक नहीं पहुंचा तो उसे नौकरी नहीं दी गयी। यह लड़की आजकल दिल्ली में है और एक रीजनल चैनेल में काम कर रही है। आपको बता दें कि हैदराबाद के उस चैनेल में मार्केटिंग का वह आदमी आज भी अपनी आदत से बाज नहीं आ रहा है। इसी शहर के एक दूसरे चैनल में काम कर रही दो महिला पत्रकारों के साथ इनके बॉस ने भरपूर आनद उठाया। एक लड़की से तो बॉस ने शादी करने तक की बात की लेकिन शादी नहीं हुई । इसकी जानकारी संस्थान के अन्य लोगों को भी लगी. लेकिन मामला नहीं सुलझा। आज वह लड़की एक स्थानीय अखवार में काम कर रही है। यही के एक तेलगु में निकलने वाले अखबार के दो पत्रकार एक लड़की को पत्रकार बनाने के लिए उत्तराखंड के टिहरी में लाया था। बेचारी महिला पत्रकार तो नहीं बनी । दोनों पत्रकार भाई और टिहरी डैम के एक ठेकेदार ने उसकी अस्मत लूट ली। यह लड़की भद्राचलम में एक अखवार में है। इसी शहर में एक सबसे तेज रीजनल चैनेल के दावेदार पत्रकार ने एक एंकर के साथ ही वह सब कुछ किया जो अपनी पत्नी के साथ किया जाता है। वह महिल्ला पत्रकार बाद में गर्भवती हो गयी और बात खुलने से पहले ही पत्रकार महोदय मुंबई पहुच गए। ये महोदय एक राष्ट्रीय चैनेल में काम कर रहे है।
आंध्र प्रदेश में ही सबसे ज्यादा प्रसारित एक पत्रिका के सम्पादक महिलाओं के ख़ास प्रेमी है। कहते है उन्हें प्रकृति से ज्यादा लगाव है। ये सम्पादक महोदय अपनी यात्रा में एक मिस्ट्रेस लेकर चलते है। ये महाराज आज कल दिल्ली में है और अभी भी दो बालाओं के साथ है। आदिलाबाद से निकलने वाले एक अखवार के सम्पादक अपनी निजी सचिव के साथ ही रहते है और इसे लेकर संपादक जी की पत्नी कानूनी करवाई करने को तैयार है। उधर बंगलौर और चेन्नई में मीडिया में यौनाचार की कई घटनाएं सामने आयी है। बंगलौर से प्रकाशित एक हिंदी दैनिक के बुजर्ग पत्रकार ने एक लड़की को पहले नौकरी दी फिर उसके साथ मनोरंजन करना चाहा। लड़की के मना करने पर उसे नौकरी से निकाल दिया गया। कन्नड़ अखबार की दो महिला पत्रकारों के बारे में चर्चा है कि एक मालिक के साथ तो दूसरी संपादक के साथ मिलकर पूरे संस्थान को नचाती है। अभी हाल में ही चेन्नई के एक पत्रकार ने साथी महिला पत्रकार के साथ उसे आगे बढाने के लिए कुछ सैक्रिफाइस करने को कहा तो लड़की ने उसकी पिटाई कर दी। मामला एक तमिल चैनेल का है। यह चैनेल यहाँ सबसे ज्यादा देखा जाता है। चेन्नई के ही आज से दो साल पहले केरल के कोट्टायम में रंडीबाजी करते पकडे गए थे। इनमे से एक पत्रकार दिल्ली के बड़े अखबार में है। ये महोदय यहाँ दक्षिण भारतीय नेताओं से मिलकर दलाली भी खूब कर रहे है।
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साथ में लगाया गया फोटू आपने हिडेन कैमरे से खींचा है लगता है, तभी तो इतना क्लीयर है. :-)
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