कारपोरेट मीडिया
अखबार मुकाबिल हो तो बन्दूक निकालो
जब तोप मुकाबिल हो तो अखबार निकालो वाली कहावत आपने सुनी ही होगी. लेकिन अब ऐसा लगता है कि इस कहावत में थोड़ा परिवर्तन आ गया है. परिवर्तन देखना है तो पत्रकारों के स्वर्ग भोपाल आईये. अभी हाल में ही यहां एक पत्रकार संगठन के चुनाव में जब बंदूकधारी पत्रकार दिखाई दिये तो अचानक ही लगा कि अब जमाना आ गया है जब कहना चाहिए अखबार मुकाबिल हो तो बन्दूक निकालो.
दुनिया को बचायेगा टेलीवीजन
भूल जाईये कि इंटरनेट दुनिया को बदलने जा रहा है या फिर सोशल नेटवर्किंग साईट्स विश्व जनमानस तैयार करने में सबसे प्रभावी माध्यम बनकर उभरनेवाली हैं. अमेरिका की टाईम पत्रिका द्वारा एक अध्ययन में कहा गया है कि अगले एक दशक तक दुनिया का सबसे प्रभावी संचार माध्यम टेलीवीजन ही बना रहेगा.
नानाजी को मीडिया की ना ना जी
27 फरवरी को जनसंघ के वरिष्ठ नेता रहे नानाजी देशमुख का निधन हुआ। नानाजी भले ही दक्षिणपंथी धारा के महत्वपूर्ण स्तंभ रहे हैं, लेकिन उनका संबंध समाजवादी राजनीति के अलंबरदारों से भी गहरा रहा है। फिर भी उनके निधन को टेलीविजन की तो बात ही छोड़िए, अखबारों तक ने वह कवरेज नहीं दी, जिसके वे हकदार थे।...नौजवानों के लिए ग्लोबल नालेज सेन्टर की स्थापना करेगा 'युवा'
नई दिल्ली। बेरोजगारी और आतंकवाद के मुद्दे पर काम करने वाले अंतरराष्ट्रीय गैर सरकारी संगठन “युवा ए मुमेंट” ने एक अनोखी पहल करते हुए युवाओं के लिए एक ग्लोबल नालेज सेंटर स्थापित करने की योजना बनाई है. नालेज सेंटर की स्थापना के पहले चरण में www.yuvafoundation.co.uk नामक एक वेब साइड तैयार की गई है. इसका उदघाटन केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज किया....पांचजन्य के संपादक का अपने ही खिलाफ शंखनाद
नई दिल्ली। संघ के मुखपत्र पांचजन्य के संपादक बलदेवभाई शर्मा ने लगता है अपने ही खिलाफ शंखनाद कर लिया है. शायद इसीलिए पांचजन्य प्रबंधन द्वारा नये संपादक की खोज शुरू कर दी गयी है. ...प्रेस काउंसिल को नाखून भी उगेंगे और कांटनेवाले दांत भी आयेंगे
नई दिल्ली। नख दंतहीन संस्था के रूप में पहचाने जाने वाली संस्था प्रेस परिषद को नख-दंत युक्त बनाने की कोशिश कर रही है. इस आशय की घोषणा आज राज्यसभा में सूचना एवं प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने की.
नक्सलवाद को कुछ यूं रिपोर्ट कर रहे हैं हमारे अखबार
अभी हाल में ही मानवाधिकार संगठन पीयूसीएल के प्रदेश संगठन सचिव और दस्तक की संपादक सीमा आजाद को कथित नक्सली बताकर इलाहाबाद में पकड़े जाने के बाद इन क्राइम रिपोर्टरों में सनसनी फैलाने की कुकुरदौड़ मच गयी है। जिसमें सबसे आगे सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाले दैनिक जागरण के क्राइम रिपोर्टर हैं।
एक दिन सामना से सामना
सामना का संपादकीय लिखा जा चुका है. मराठी में लिखा गया बाल ठाकरे का संपादकीय हिन्दी में अनुवादित किया गया है जिसमें कहा गया है कि पुणे विस्फोट के बाद अब कांग्रेसियों को सुन्नत करा लेनी चाहिए और पाकिस्तान जाकर बस जाना चाहिए. बाल ठाकरे का यह संपादकीय हो सकता है कल फिर मीडिया में चर्चा का विषय बने कि उन्होंने कांग्रेसियों को सुन्नत कराने और पाकिस्तान बसने की सलाह दी है. लेकिन खान विवाद और पुणे विस्फोट के बीच बाल ठाकरे का यह रुख उनकी विचारधारा के अनुसार ही है.
फिल्मी समस्या और जुल्मी मीडिया
12 फरवरी की सुबह सात बजे जब नाशिक से मुंबई के लिए निकल रहे थे तो ड्राइवर ने कहा कि "आज मुंबई में थोड़ा लफड़ा-विफड़ा रइंगा, क्योंकि शाहरुख खान का फिल्म आनेवाला है." शिवेसना से शाहरुख की टसन के बीच नाशिक से मुंबई पहुंचते हुए इतना सोचने में कुछ नाजायज नहीं था.
वर्चुअल स्पेश के रीयल तानाशाह
अब वर्चुअल स्पेश का इस्तेमाल भी प्रायोजित तरीके से किया जाने लगा है। पिछले कुछ समय से मीडिया के इस आधुनिकतम तकनीक का इस्तेमाल भी निजी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए स्वहित तथा व्यक्ति विशेष को लाभ पहुँचाने के उदेश्य से किया जा रहा है। इसके ज्वलंत उदाहरण हैं - अविनाश (मोहल्ला लाइव) और यशवंत (भड़ास 4 मीडिया) की पत्रकारिता।
Latest on visfot
सुदर्शन का (कु) दर्शन
जबसे आरएसएस के लोगों की आतंकवादी घटनाओं में संलिप्तता सामने आयी है, तब से आरएसएस के नेता बौखला गए हैं। इस बौखलाहट में ही शायद संघ के इतिहास में पहली बार हुआ है कि इसके स्वयंसेवक विरोध प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतरे। इसी बौखलाहट में आरएसएस के एक्स चीफ केएस सुदर्शन का मानसिक संतुलन बिगड़ गया और सोनिया गांधी के बारे में ऐसे शब्द बोल दिए, जिन्हें एक विकृत मानसिकता का आदमी ही बोल सकता है।...
सीआईए नहीं केजीबी एजंट कहिए जनाब
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरसंघचालक ने 10 नवंबर को सोनिया गांधी पर सीआईए एजंट होने का आरोप लगाकर सनसनी पैदा कर दिया है. पूरी की पूरी कांग्रेस उत्तेजित है और संघ भी बैकफुट पर चला गया है. सुदर्शन के आस पास के लोगों का कहना है कि सुदर्शन जी भुलक्कड़ हो गये हैं और उन्हें कुछ ठीक से याद नहीं रहता. शायद इसीलिए उन्होंने इतनी बड़ी चूक कर दी. ...
सोनिया का सच जान बेकाबू क्यों होते हो?
एक बार फिर लोकतंत्र पर आपातकाल मंडरा पड़ा है. राजमाता सोनिया गांधी के सिपहसालारों ने कांग्रेसी गुण्डों, माफियाओं और लोकतंत्र के हत्यारों का आह्वान किया है कि वह देशभर में संघ कार्यालयों पर धावा बोल दे. इसका तत्काल प्रभाव हुआ और कांग्रेसी गुण्डों ने संघ के दिल्ली मुख्यालय पर धावा भी बोल दिया. ठीक वैसे ही जैसे इंदिरा गांधी की मौत के बाद सिखों को निशाना बनाया गया था. हिंसक और अलोकतातंत्रिक मानसिकता से ग्रस्त कांग्रेसी सोनिया का सच जानकर आखिर इस तरह बेकाबू क्यों हो रहे हैं?...
नये निजाम के दामन पर है ज्यादा बड़ा दाग
मुंबई। महाराष्ट्र के नए निजाम भी कोई दूध के धुले नहीं हैं। कांग्रेस आलाकमान ने अशोक चव्हाण को फर्जीवाड़े से फ्लैट पाने के आरोप में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की गद्दी से हटा दिया। लेकिन नए मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण भी उसी तरह के फर्जीवाड़े में गले तक डूबे हुए हैं। उन्होंने जितने बड़े बड़े झूठ बोलकर सरकार से फ्लैट हथियाए हैं वे कांग्रेस के लिए ज्यादा दागदार हैं।...
अजमेर चार्जशीट और संघी उछल-कूद
बढ़ते पैमाने पर इसके साक्ष्य सामने आ रहे हैं कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आर एस एस) से जुड़े लोगों का आतंकवादी हमलों में हाथ रहा है। इन हालात में आर एस एस इस पुराने सूत्र पर चल रहा लगता है कि हमला ही सबसे अच्छा बचाव है। उसने 10 नवंबर को देशव्यापी विरोध कार्रवाइयों का आह्वान किया है। इन कार्रवाइयों में संघ के शीर्ष नेताओं के शामिल होने की बात कही जा रही है। बहरहाल, इसकी चर्चा हम जरा बाद में करेंगे।...
अपने होने पर ही हैरान
‘चुप्पी-चुप्पी नहीं नहीं, बोलेंगे अब सभी-सभी’ इन्हीं नारों से दाहोद (गुजरात) का सीनियर रेलवे संस्थान परिसर 31 अक्टूबर को पूरे दिन गूंजता रहा। यहां गुजरात के बड़ोदरा, पंचमहल, सुरत, भड़ूच, डांग, बालसाड और साबरकांठा जिले से लगभग तीन हजार के आस पास विमुक्त एवं घुमंतू समाज से ताल्लुक रखने वाले लोग इकट्ठे हुए थे। मौका था, अधिकार अभियान की घोषणा का। उस समाज के लिए जो इस लोकतांत्रिक देश में अधिकार का अर्थ अभी तक समझ नहीं पाएं हैं। ...
गोली लगने के बाद क्या गांधी ने कहा था- हे राम ?
यह एक ऐसा सवाल है जिस पर अब विवाद होने लगा है. 30 जनवरी 1948 को क्या जब महात्मा गांधी को नाथूराम गोडसे ने गोली मारी तो महात्मा गांधी ने अपने मुंह से हे! राम का संबोधन किया था? उस वक्त घटनास्थल पर मौजूद रहे एक प्रत्यक्षदर्शी के डी मदान का कहना है कि "मैंने नहीं सुना था कि उन्होंने हे राम कहा था या नहीं."...
भद्दा और बेदम रहा संघ का विरोध प्रदर्शन
स्कूल जाते बच्चों के भी हाथ में भगवा थमाकर भले ही संघ ने शक्ति प्रदर्शन की भरपूर कोशिश की हो लेकिन 10 नवम्बर का दिन उसके इतिहास में कोई बडी घटना के रूप में याद नहीं किया जायेगा। हॉ हम बात कर रहे है राजस्थान के भरतपुर जिला मुख्यालय की जहॉ देश भर की ही तरह हिन्दुवादी संघटनों ने अपने उपर लग रहे ‘भगवा आतंकवाद’ के आरोपों के विरोध में शक्ति प्रदर्शन किया था। भरतपुर जहॉ संघ प्रचारक क रूप में भाजपा के पीएमइन वेंटिग लालकृष्ण आडवानी ने अपनी सेवाऐं दी है संघ का ये विरोध प्रदर्शन एक दम भददा और हल्का रहा।...
एनसीपी के 'दादा' का दांव
महाराष्ट्र में कांग्रेस में परिवर्तन हुआ तो राष्ट्रवादी कांग्रेस ने भी अपने पत्ते खोल दिये. राज्य में लंबे समय से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रही सत्ता के दावेदारी पर एनसीपी ने आखिरकार प्रदेश की प्रशासनिक कमान अपनी ओर से शरद पवार के भतीजे अजीत पवार को सौंप दी है. अब गुरुवार को शाम साढ़े चार बजे पृथ्वीराज चव्हाण के साथ अजीत "दादा" पवार उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे....
पीएमओ वाले पृथ्वीराज
महाराष्ट्र के नये मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण यूपीए सरकार पार्ट वन और पार्ट टू में बतौर पीएमओ मिनिस्टर जाने जाते हैं. प्रधानमंत्री कार्यालय में रहते हुए भी उन्होंने कभी ताकतवर होने का दंभ नहीं पाला और चुपचाप काम करते रहे. बिट्स पिलानी से बीई और बर्कले विश्वविद्यालय से एमएस की डिग्री हासिल करनेवाले पृथ्वीराज की राजनीतिक कमेस्ट्री ने उनके सार्वजनिक जीवन में पहली बार इतना गाढ़ा रंग उड़ेला है....
सुलग रहा है मेरठ 'हिन्दुस्तान'
एक ओर हिन्दुस्तान अखबार अपनी अलग कंपनी बनाकर अखबार को चमकाने और अखबार का विस्तार करने में लगा है वहीं दूसरी ओर हिन्दुस्तान के विभिन्न संस्करणों में हालात ठीक नहीं है. हिन्दुस्तान के मेरठ संस्करण में इन दिनों इस्तीफे दिये जा रहे हैं लेकिन प्रचारित किया जा रहा है कि जो आफिस नहीं आ रहे हैं वे छुट्टी पर चले गये हैं....
आलोक तोमर के बगल में बसे किशोर मालवीय
सीएनईबी में पहले से एक सलाहकार संपादक थे- आलोक तोमर. अब दूसरे सलाहकार संपादक भी वहां नियुक्त हो गये हैं किशोर मालवीय. उन्होंने सीएनईबी चैनल के साथ बतौर कंसल्टिंग एडिटर अपनी नई पारी की शुरुआत की है। सीएनईबी से पहले वे ‘वायस ऑफ इंडिया’ न्यूज चैनल के साथ जुड़े हुए थे। उन्होंने करीब दो दशक के कॅरियर में देश के नामी-गिरामी मीडिया संस्थानों में कई जिम्मेदारियां निभाईं हैं।...
सुरक्षा परिषद की छांव में खेती पर दांव
अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने संसद में दिये गये अपने भाषण में भारत से मिले प्यार की भूरि भूरि प्रशंसा जरूर की लेकिन अपनी व्यावसायिक मजबूरियों को छिपा नहीं सके. बराक ओबामा ने संसद के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करते हुए जहां एक ओर भारत को महाशक्ति करार देकर उसके लिए संयुक्त राष्ट्र में स्थायी सदस्यता को अपना समर्थन दिया वहीं भारत और अमेरिका द्वारा मिलकर खेती के क्षेत्र में एक और हरित क्रांति के आगाज की घोषणा की....
आतंक नहीं कश्मीर केन्द्रित हुई ओबामा यात्रा
रविवार की देर शाम भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा आयोजित भोज में ओमर अब्दुल्ला के शामिल होने से जो आशंका पैदा हुई थी वह सोमवार को हैदराबाद हाउस में और प्रबल रूप में सामने आ गयी जब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अमेरिकी राष्ट्रपति की उपस्थिति में स्वीकार किया कि वे पाकिस्तान से बात करते वक्त "के" शब्द पर बात करने से नहीं कतराते हैं....
भारत से धंधा, पाक को चंदा
अमेरिका के राष्ट्रपति बराक हुसैन ओबामा ने अपना तीन दिवसीय दौरा पूरा कर लिया. मुंबई उतरकर दिल्ली दरबार तक उनकी दस्तक भारत पर अमेरिका के मजबूत पकड़ की मिसाल बन गया. निश्चित रूप से उनका दौरा भारत के लिए उतना महत्वपूर्ण नहीं जितना खुद अमेरिका के लिए है. मंदी के दौर से जूझ रहे अमेरिका को "कारपोरेट" जगत का धंधा दिलाने के लिए उन्होंने न केवल भारत को महाशक्ति करार दे दिया बल्कि सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता का समर्थन भी कर दिया....
- आलोक तोमर की आपबीती
- वह गुजरात जिसे आप नहीं जानते
- हिन्दू आतंकवाद का अतिवाद
- सिमी से भी खतरनाक है संघ का स्वरूप
- बाबा रामदेव का दांव
बहुत अच्छा व सच्चाईयो पर आधारित लेख है। सेकुलर भारत के निर्माँण मे ऐसे लेख का अहम योगदान होगा. संपादक- आपकी आवाज़.कांम
बहुत अच्छा व सच्चाईयो पर आधारित लेख है। सेकुलर भारत के निर्माँण मे ऐसे लेख का अहम योगदान होगा. संपादक- आपकी आवाज़.कांम
सिक्के के दुसरे पहलू की तरफ इशारा कर अनिल ज्जी ने सदा की तरह सार्थक हस्तक्षेप किया है. बहुत सशक्त लेखन. निश्चय ही लेख में ...
सिक्के के दुसरे पहलू की तरफ इशारा कर अनिल ज्जी ने सदा की तरह सार्थक हस्तक्षेप किया है. बहुत सशक्त लेखन. निश्चय ही लेख में ...
सिक्के के दुसरे पहलू की तरफ इशारा कर अनिल ज्जी ने सदा की तरह सार्थक हस्तक्षेप किया है. बहुत सशक्त लेखन. निश्चय ही लेख में ...




