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कारपोरेट मीडिया

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अघोषित आपातकाल में हैं पत्रकार

नई दिल्ली के गांधी शांति प्रतिष्ठान में जर्नलिस्ट फॉर पीपुल की ओर से ‘ ‘अघोषित आपातकाल में पत्रकारों की भूमिका’ विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस विषय पर बोलते हुए समाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेष ने कहा कि आज देश में आपातकाल जैसी स्थितियां हैं, और ऐसी स्थितियां कमोबेश हर दौर में रहती हैं।
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'न्यूज चैनलों' पर दक्षिणपंथियों का हल्ला बोल

शुक्रवार को एक ओर नई दिल्ली में न्यूज चैनल आज तक के दफ्तर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लोगों ने हमला किया तो दूसरी ओर देर शाम महाराष्ट्र के कोल्हापुर में शिवसैनिकों ने जी न्यूज के प्रांतीय चैनल जी-24 पर हमला किया और न्यूज चैनल के दफ्तर में तोड़-फोड़ कर दी.
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प्रेस रुम में पत्रकारों के बीच मारपीट

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पत्रकारिता का स्तर कहां जा रहा है उसका नजारा पंजाब सिविल सचिवालय में शुक्रवार को दिखा। दो पत्रकारों में मारपीट हुई और मारपीट के शिकार वहां पर पंजाब सरकार का एक कर्मचारी भी हो गया जो बीच बचाव कर रहा था। मसला तब गर्म हुआ जब एक पत्रकार ने दूसरे पत्रकार पर पर सरकारी कोटे से दो मकान लेने का मामला उठा दिया। इस हमले से चोट खाए दूसरे पत्रकार ने आरोप लगाने वाले पत्रकार पर सरकारी कोटे से दो फ्लैट लेने का आरोप लगा दिया। इसबीच गाली गलौच होने लगी और जूता-चप्पल चलने लगा। बीच में प्रेस रुम में सरकार की तरफ से डयूटी कर रहे भवानी ने जब बीच बचाव की तो उन्हें भी धक्का मारा गया।...
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प्रभाष जी का पहला जन्मदिन उनके जाने के बाद

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पिछले साल 15 जुलाई को दिल्ली की उमसभरी गर्मी की शाम थी. प्रभाष जोशी का जन्मदिन मनाया जाना था. हमेशा की तरह गांधी शांति प्रतिष्ठान में छोटा सा आयोजन होना था, प्रभाष जी से परिचित कुछ लोगों को आना ही था और कुछ खाना खिलाना था. शाम हुई. लोग आ गये. लेकिन प्रभाष जोशी कहां थे? क्या वे अपने जन्मदिन के कार्यक्रम में भी देर से ही आनेवाले थे. अगर हां, तो आखिर क्यों?...
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'अनुभवी' जनों ने की पेड न्यूज पर परिचर्चा

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सलीम अख्तर सिद्दीकी ने विस्फोट पर पहले ही लिखा था कि उदयन शर्मा को ऐसे ही याद न करें. पत्रकारिता के सामाजिक धंधे में बाजार की मिलावट को रोकना है तो ठोस पहल करें, अपने से ही बदलाव की शुरूआत करें. लेकिन 11 जुलाई को दिल्ली के संविधान क्लब में उदयन शर्मा को याद करते हुए पेड न्यूज पर दिलीप चेरियन को भी चिंतित होते देखकर यह साफ हो जाना स्वाभाविक है कि उदयन शर्मा ऐसे ही याद किये जाते रहेंगे. ...
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कश्मीर में मीडिया कर्फ्यू में ढील

जम्मू कश्मीर में मीडिया पर जारी कर्फ्यू में सरकार ने थोड़ी ढील दे दी है. रविवार को राज्य सरकार के एक प्रतिनिधि ने मीडिया कर्मियों से मुलाकात की और अब सोमवार से कश्मीर घाटी में दोबारा अखबार छप सकेंगे.
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झूठ का पुलिन्दा है फिर भी चौथी दुनिया जिन्दा है

चौथी दुनिया और झूठ का लगता है चोली दामन का साथ है. दूसरी बार जबसे चौथी दुनिया प्रकाशित होना शुरू हुआ है झूठी और मनगढंत रिपोर्टिंग की एक से एक मिसाल पेश कर रहा है. पहले अखबार ने दावा किया कि वह देश का पहला साप्ताहिक अखबार है, झूठ. वह लिम्का बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज भी हो गया है, झूठ. हर अंक की कवर स्टोरी ऐसी कि पढ़कर आपके मन में पहला ख्याल यही आयेगा- झूठ बोल रहा है. फिर भी संतोष भारतीय देशभर में होर्डिंग लगाकर दावा कर रहे हैं कि वे देश के सबसे विश्वसनीय पत्रकार हैं.
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सोशल मीडिया सबसे तेज

दुनिया में संचार के अब तक जितने भी माध्यम सामने आये हैं उनको विस्तार पाने में थोड़ा वक्त तो लगा ही है. लेकिन इंटरनेट जिस तेजी से पूरी दुनिया में पसरा है उसने मानवीय सभ्यता में संचार के नये पैमाने गढ़ दिये हैं. लेकिन असली इतिहास लिख रहा है फेशबुक.
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थम नहीं रहा है पी-7 न्यूज का सत्ता संघर्ष

पी7 न्यूज में माना जा रहा है कि ज्योति नारायण मामले का पटाक्षेप हो गया है और हालात ठीक होते जा रहे हैं। लेकिन यह सिर्फ ऊपरी तौर पर ठीक दिख रहा है। कंपनी के मीडिया बिजनेस को अब समर प्रताप सिंह संभाल रहे हैं और उनके साथ दूसरे निदेशक केसर सिंह भूमिका निभा रहे हैं। पी7 न्यूज के एचआर प्रमुख की भूमिका निभा रहे पी दत्ता के अधिकार भी कम कर दिए गए हैं। उनकी जगह पर्ल ग्रुप के ग्रुप एचआर प्रमुख विधुशेखर पूरी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
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स्वतंत्र भारत की 'डील' शुरू

उत्तर प्रदेश का चर्चित अखबार स्वतंत्र भारत इन दिनों एक बार फिर से मीडिया गलियारों में चर्चा का केन्द्र बन गया है. अखबारनवीसों से छन कर आ रही खबरों के मुताबिक जल्द ही यह अखबार पूर्व मेयर और राज्यसभा सदस्य अखिलेश दास खरीद रहे हैं.
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सुदर्शन का (कु) दर्शन
जबसे आरएसएस के लोगों की आतंकवादी घटनाओं में संलिप्तता सामने आयी है, तब से आरएसएस के नेता बौखला गए हैं। इस बौखलाहट में ही शायद संघ के इतिहास में पहली बार हुआ है कि इसके स्वयंसेवक विरोध प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतरे। इसी बौखलाहट में आरएसएस के एक्स चीफ केएस सुदर्शन का मानसिक संतुलन बिगड़ गया और सोनिया गांधी के बारे में ऐसे शब्द बोल दिए, जिन्हें एक विकृत मानसिकता का आदमी ही बोल सकता है।...
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सीआईए नहीं केजीबी एजंट कहिए जनाब
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरसंघचालक ने 10 नवंबर को सोनिया गांधी पर सीआईए एजंट होने का आरोप लगाकर सनसनी पैदा कर दिया है. पूरी की पूरी कांग्रेस उत्तेजित है और संघ भी बैकफुट पर चला गया है. सुदर्शन के आस पास के लोगों का कहना है कि सुदर्शन जी भुलक्कड़ हो गये हैं और उन्हें कुछ ठीक से याद नहीं रहता. शायद इसीलिए उन्होंने इतनी बड़ी चूक कर दी. ...
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सोनिया का सच जान बेकाबू क्यों होते हो?
एक बार फिर लोकतंत्र पर आपातकाल मंडरा पड़ा है. राजमाता सोनिया गांधी के सिपहसालारों ने कांग्रेसी गुण्डों, माफियाओं और लोकतंत्र के हत्यारों का आह्वान किया है कि वह देशभर में संघ कार्यालयों पर धावा बोल दे. इसका तत्काल प्रभाव हुआ और कांग्रेसी गुण्डों ने संघ के दिल्ली मुख्यालय पर धावा भी बोल दिया. ठीक वैसे ही जैसे इंदिरा गांधी की मौत के बाद सिखों को निशाना बनाया गया था. हिंसक और अलोकतातंत्रिक मानसिकता से ग्रस्त कांग्रेसी सोनिया का सच जानकर आखिर इस तरह बेकाबू क्यों हो रहे हैं?...
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नये निजाम के दामन पर है ज्यादा बड़ा दाग
मुंबई। महाराष्ट्र के नए निजाम भी कोई दूध के धुले नहीं हैं। कांग्रेस आलाकमान ने अशोक चव्हाण को फर्जीवाड़े से फ्लैट पाने के आरोप में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की गद्दी से हटा दिया। लेकिन नए मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण भी उसी तरह के फर्जीवाड़े में गले तक डूबे हुए हैं। उन्होंने जितने बड़े बड़े झूठ बोलकर सरकार से फ्लैट हथियाए हैं वे कांग्रेस के लिए ज्यादा दागदार हैं।...
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अजमेर चार्जशीट और संघी उछल-कूद
बढ़ते पैमाने पर इसके साक्ष्य सामने आ रहे हैं कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आर एस एस) से जुड़े लोगों का आतंकवादी हमलों में हाथ रहा है। इन हालात में आर एस एस इस पुराने सूत्र पर चल रहा लगता है कि हमला ही सबसे अच्छा बचाव है। उसने 10 नवंबर को देशव्यापी विरोध कार्रवाइयों का आह्वान किया है। इन कार्रवाइयों में संघ के शीर्ष नेताओं के शामिल होने की बात कही जा रही है। बहरहाल, इसकी चर्चा हम जरा बाद में करेंगे।...
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अपने होने पर ही हैरान
‘चुप्पी-चुप्पी नहीं नहीं, बोलेंगे अब सभी-सभी’ इन्हीं नारों से दाहोद (गुजरात) का सीनियर रेलवे संस्थान परिसर 31 अक्टूबर को पूरे दिन गूंजता रहा। यहां गुजरात के बड़ोदरा, पंचमहल, सुरत, भड़ूच, डांग, बालसाड और साबरकांठा जिले से लगभग तीन हजार के आस पास विमुक्त एवं घुमंतू समाज से ताल्लुक रखने वाले लोग इकट्ठे हुए थे। मौका था, अधिकार अभियान की घोषणा का। उस समाज के लिए जो इस लोकतांत्रिक देश में अधिकार का अर्थ अभी तक समझ नहीं पाएं हैं। ...
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गोली लगने के बाद क्या गांधी ने कहा था- हे राम ?
यह एक ऐसा सवाल है जिस पर अब विवाद होने लगा है. 30 जनवरी 1948 को क्या जब महात्मा गांधी को नाथूराम गोडसे ने गोली मारी तो महात्मा गांधी ने अपने मुंह से हे! राम का संबोधन किया था? उस वक्त घटनास्थल पर मौजूद रहे एक प्रत्यक्षदर्शी के डी मदान का कहना है कि "मैंने नहीं सुना था कि उन्होंने हे राम कहा था या नहीं."...
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भद्दा और बेदम रहा संघ का विरोध प्रदर्शन
स्कूल जाते बच्चों के भी हाथ में भगवा थमाकर भले ही संघ ने शक्ति प्रदर्शन की भरपूर कोशिश की हो लेकिन 10 नवम्बर का दिन उसके इतिहास में कोई बडी घटना के रूप में याद नहीं किया जायेगा। हॉ हम बात कर रहे है राजस्थान के भरतपुर जिला मुख्यालय की जहॉ देश भर की ही तरह हिन्दुवादी संघटनों ने अपने उपर लग रहे ‘भगवा आतंकवाद’ के आरोपों के विरोध में शक्ति प्रदर्शन किया था। भरतपुर जहॉ संघ प्रचारक क रूप में भाजपा के पीएमइन वेंटिग लालकृष्ण आडवानी ने अपनी सेवाऐं दी है संघ का ये विरोध प्रदर्शन एक दम भददा और हल्का रहा।...
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एनसीपी के 'दादा' का दांव
महाराष्ट्र में कांग्रेस में परिवर्तन हुआ तो राष्ट्रवादी कांग्रेस ने भी अपने पत्ते खोल दिये. राज्य में लंबे समय से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रही सत्ता के दावेदारी पर एनसीपी ने आखिरकार प्रदेश की प्रशासनिक कमान अपनी ओर से शरद पवार के भतीजे अजीत पवार को सौंप दी है. अब गुरुवार को शाम साढ़े चार बजे पृथ्वीराज चव्हाण के साथ अजीत "दादा" पवार उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे....
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पीएमओ वाले पृथ्वीराज
महाराष्ट्र के नये मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण यूपीए सरकार पार्ट वन और पार्ट टू में बतौर पीएमओ मिनिस्टर जाने जाते हैं. प्रधानमंत्री कार्यालय में रहते हुए भी उन्होंने कभी ताकतवर होने का दंभ नहीं पाला और चुपचाप काम करते रहे. बिट्स पिलानी से बीई और बर्कले विश्वविद्यालय से एमएस की डिग्री हासिल करनेवाले पृथ्वीराज की राजनीतिक कमेस्ट्री ने उनके सार्वजनिक जीवन में पहली बार इतना गाढ़ा रंग उड़ेला है....
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सुलग रहा है मेरठ 'हिन्दुस्तान'
एक ओर हिन्दुस्तान अखबार अपनी अलग कंपनी बनाकर अखबार को चमकाने और अखबार का विस्तार करने में लगा है वहीं दूसरी ओर हिन्दुस्तान के विभिन्न संस्करणों में हालात ठीक नहीं है. हिन्दुस्तान के मेरठ संस्करण में इन दिनों इस्तीफे दिये जा रहे हैं लेकिन प्रचारित किया जा रहा है कि जो आफिस नहीं आ रहे हैं वे छुट्टी पर चले गये हैं....
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आलोक तोमर के बगल में बसे किशोर मालवीय
सीएनईबी में पहले से एक सलाहकार संपादक थे- आलोक तोमर. अब दूसरे सलाहकार संपादक भी वहां नियुक्त हो गये हैं किशोर मालवीय. उन्होंने सीएनईबी चैनल के साथ बतौर कंसल्टिंग एडिटर अपनी नई पारी की शुरुआत की है। सीएनईबी से पहले वे ‘वायस ऑफ इंडिया’ न्यूज चैनल के साथ जुड़े हुए थे। उन्होंने करीब दो दशक के कॅरियर में देश के नामी-गिरामी मीडिया संस्थानों में कई जिम्मेदारियां निभाईं हैं।...
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सुरक्षा परिषद की छांव में खेती पर दांव
अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने संसद में दिये गये अपने भाषण में भारत से मिले प्यार की भूरि भूरि प्रशंसा जरूर की लेकिन अपनी व्यावसायिक मजबूरियों को छिपा नहीं सके. बराक ओबामा ने संसद के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करते हुए जहां एक ओर भारत को महाशक्ति करार देकर उसके लिए संयुक्त राष्ट्र में स्थायी सदस्यता को अपना समर्थन दिया वहीं भारत और अमेरिका द्वारा मिलकर खेती के क्षेत्र में एक और हरित क्रांति के आगाज की घोषणा की....
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आतंक नहीं कश्मीर केन्द्रित हुई ओबामा यात्रा
रविवार की देर शाम भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा आयोजित भोज में ओमर अब्दुल्ला के शामिल होने से जो आशंका पैदा हुई थी वह सोमवार को हैदराबाद हाउस में और प्रबल रूप में सामने आ गयी जब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अमेरिकी राष्ट्रपति की उपस्थिति में स्वीकार किया कि वे पाकिस्तान से बात करते वक्त "के" शब्द पर बात करने से नहीं कतराते हैं....
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भारत से धंधा, पाक को चंदा
अमेरिका के राष्ट्रपति बराक हुसैन ओबामा ने अपना तीन दिवसीय दौरा पूरा कर लिया. मुंबई उतरकर दिल्ली दरबार तक उनकी दस्तक भारत पर अमेरिका के मजबूत पकड़ की मिसाल बन गया. निश्चित रूप से उनका दौरा भारत के लिए उतना महत्वपूर्ण नहीं जितना खुद अमेरिका के लिए है. मंदी के दौर से जूझ रहे अमेरिका को "कारपोरेट" जगत का धंधा दिलाने के लिए उन्होंने न केवल भारत को महाशक्ति करार दे दिया बल्कि सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता का समर्थन भी कर दिया....
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